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यमुना की पटरी भी निगल गए खनन माफिया, खैर के पेड़ों को भी उखाड़ा
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यमुना की पटरी भी निगल गए खनन माफिया, खैर के पेड़ों को भी उखाड़ा
बेगमपुर गांव में खनन का ठेका दिया है, फिर भी पंचायती जमीन को चलाया पीला पंजा
निजी जमीन खोदते हुए पंचायती व सरकारी जगह भी खोद डाली
क्षेत्र में लगे स्क्रीन प्लाटों के पास भी नहीं विभागीय मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। तस्करों ने बेगमपुर में खनन कर यमुना की पटरी को भी नहीं छोड़ा। साथ में वन विभाग की जमीन में खड़े खैर के पेड़ों को भी उखाड़ दिया। दरअसल, बेगमपुर में खनन का ठेका दिया हुआ है लेकिन जिस हिस्से में खनन का ठेका हुआ है वहां खोदने की जमीन नहीं रही। ऐसे में अब निजी जमीन पर खनन करना शुरू कर दिया। तस्करों के हौसले इस कद्र बुलंद है कि वे पंचायती जमीन को भी नहीं छोड़ रहे। वे लगातार जमीन को खोदते जा रहे हैं, परंतु प्रशासन कुछ नहीं कर रहा।
बॉक्स
बिना विभागीय मंजूरी के चल रह स्क्रीन प्लांट
यही नहीं बेगमपुर में लगे स्क्रीन प्लाटों के पास भी विभागीय मंजूरी नहीं है, फिर भी वे चल रहे हैं। यही स्क्रीन प्लांट संचालक अवैध खनन की गतिविधियों को अंजाम दे रहे। बेगमपुर में हाइडल लिंक चैनल के किनारे के पास वन विभाग की जमीन लगती है। हालांकि वन विभाग इसको अपनी न बताकर सिंचाई विभाग या हाइडल वालों की बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं अवैध खनन करने वाले इसका फायदा उठा रहे और हाइडल लिंक चैनल के किनारे पर अवैध खनन करना शुरू कर दिया।
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हाइडल लिंक चैनल के किनारे खड़े खैर के पेड़
तस्करों ने खनन कर हाइडल लिंक चैनल के किनारे खड़े दर्जनों खैर के पेड़ों को भी उखाड़ कर फैंक दिया। इससे काफी नुकसान हो रहा है। खैर के पेड़ों को हो रहे नुकसान के बारे में कोई भी विभाग अपनी कार्यवाही करने को तैयार नहीं है। अवैध खनन करने वालों द्वारा जड़ से उखाड़े गए खैर के पेड़ों को लकड़ी चोर उठाकर ले जा रहे हैं जिससे राजस्व और विभाग को चूना लग रहा है। यह पहला मौका नही है जब बेगमपुर में हाइडल लिंक नहर के किनारे खड़े खैर के पेडों को उखाड़ कर यमुना में डाल दिया गया हो। लगभग छह महीने पहले भी अवैध खनन करने वालों ने हाइडल किनारे खड़े खैर के पेड़ों को हाइडल की नहर में तथ्य मिटाने के लिए डाल दिया था और खनन करने वाली जगह को साफ कर दिया था। बेगमपुर में चल रहे स्क्रीन प्लाट अवैध तरीके से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
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वर्जन
बेगमपुर में हाइडल के किनारे खड़े खैर के पेड़ उनके अधीन नहीं आते। वे पेड़ सिंचाई विभाग की जमीन पर है और वहां पर होने वाली गतिविधि की जिम्मेदारी दूसरे विभाग की है।
-रामपाल, वन राजिक अधिकारी।
वर्जन
इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मंगलवार को मौके पर जाकर चेक किया जाएगा। जिसके बाद कर्मचारियों द्वारा एरिया की निगरानी रखी जाएगी।
-सतीश कुमार, एसडीओ, हाइडल विभाग।
बेगमपुर गांव में खनन का ठेका दिया है, फिर भी पंचायती जमीन को चलाया पीला पंजा
निजी जमीन खोदते हुए पंचायती व सरकारी जगह भी खोद डाली
क्षेत्र में लगे स्क्रीन प्लाटों के पास भी नहीं विभागीय मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। तस्करों ने बेगमपुर में खनन कर यमुना की पटरी को भी नहीं छोड़ा। साथ में वन विभाग की जमीन में खड़े खैर के पेड़ों को भी उखाड़ दिया। दरअसल, बेगमपुर में खनन का ठेका दिया हुआ है लेकिन जिस हिस्से में खनन का ठेका हुआ है वहां खोदने की जमीन नहीं रही। ऐसे में अब निजी जमीन पर खनन करना शुरू कर दिया। तस्करों के हौसले इस कद्र बुलंद है कि वे पंचायती जमीन को भी नहीं छोड़ रहे। वे लगातार जमीन को खोदते जा रहे हैं, परंतु प्रशासन कुछ नहीं कर रहा।
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बिना विभागीय मंजूरी के चल रह स्क्रीन प्लांट
यही नहीं बेगमपुर में लगे स्क्रीन प्लाटों के पास भी विभागीय मंजूरी नहीं है, फिर भी वे चल रहे हैं। यही स्क्रीन प्लांट संचालक अवैध खनन की गतिविधियों को अंजाम दे रहे। बेगमपुर में हाइडल लिंक चैनल के किनारे के पास वन विभाग की जमीन लगती है। हालांकि वन विभाग इसको अपनी न बताकर सिंचाई विभाग या हाइडल वालों की बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं अवैध खनन करने वाले इसका फायदा उठा रहे और हाइडल लिंक चैनल के किनारे पर अवैध खनन करना शुरू कर दिया।
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हाइडल लिंक चैनल के किनारे खड़े खैर के पेड़
तस्करों ने खनन कर हाइडल लिंक चैनल के किनारे खड़े दर्जनों खैर के पेड़ों को भी उखाड़ कर फैंक दिया। इससे काफी नुकसान हो रहा है। खैर के पेड़ों को हो रहे नुकसान के बारे में कोई भी विभाग अपनी कार्यवाही करने को तैयार नहीं है। अवैध खनन करने वालों द्वारा जड़ से उखाड़े गए खैर के पेड़ों को लकड़ी चोर उठाकर ले जा रहे हैं जिससे राजस्व और विभाग को चूना लग रहा है। यह पहला मौका नही है जब बेगमपुर में हाइडल लिंक नहर के किनारे खड़े खैर के पेडों को उखाड़ कर यमुना में डाल दिया गया हो। लगभग छह महीने पहले भी अवैध खनन करने वालों ने हाइडल किनारे खड़े खैर के पेड़ों को हाइडल की नहर में तथ्य मिटाने के लिए डाल दिया था और खनन करने वाली जगह को साफ कर दिया था। बेगमपुर में चल रहे स्क्रीन प्लाट अवैध तरीके से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
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बेगमपुर में हाइडल के किनारे खड़े खैर के पेड़ उनके अधीन नहीं आते। वे पेड़ सिंचाई विभाग की जमीन पर है और वहां पर होने वाली गतिविधि की जिम्मेदारी दूसरे विभाग की है।
-रामपाल, वन राजिक अधिकारी।
वर्जन
इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मंगलवार को मौके पर जाकर चेक किया जाएगा। जिसके बाद कर्मचारियों द्वारा एरिया की निगरानी रखी जाएगी।
-सतीश कुमार, एसडीओ, हाइडल विभाग।