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पूर्व विधायक के भतीजे पर फायरिंग में काला राणा के भाई का हाथ होने का आरोप, पांच दिन में चार टीमें भी नहीं लगा पाई सुराग
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पूर्व विधायक के भतीजे पर फायरिंग मामला: पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भतीजे दिलराज सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की चार टीमें पांच दिन बाद भी आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई हैं। हालांकि माना जा रहा है कि हत्या सहित कई मामलों में नामजद काला राणा के भाई ने दिलराज सिंह पर फायरिंग की थी। आरोपियों की धर पकड़ के लिए सीआईए की दोनों टीम, डिटेक्टिव स्टाफ व शहर पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है। लेकिन पुलिस के हाथ कोई कामयाबी नहीं लग पाई। पुलिस मामले में काला राणा के साथियों के भी रिकार्ड खंगाल रही है।
ये था मामला
पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भतीजा दिलराज सिंह चंडीगढ़ में आईलेट्स की कोचिंग ले रहा है। मंगलवार को वह वहां से अपने घर मार्डन कॉलोनी में आया था। बुधवार शाम को करीब साढ़े सात बजे वह खाने का सामान लेने के लिए वर्कशॉप रोड पर गया था। जब वह खाना लेकर अपनी इनोवा कार से घर की तरफ जा रहा था, तब कमानी चौक पर रेडलाइट पर वो खड़ा हो गए। वहां जाम भी लगा हुआ था। तभी विपरीत दिशा से एक बुलेट बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए और इनमें से एक युवक ने पिस्टल निकाल कर दिलराज पर फायरिंग कर दी। गोली से बचने के लिए वह नीछे झुक गए। जिससे गोली शीशे को तोड़ती हुई सड़क किनारे खड़े ऑटो चालक अमरपुरी कॉलोनी निवासी धर्मपाल के कंधे पर जा लगी थी। गोली चलने पर दिलराज हड़बड़ा गया और उसने तुरंत गाड़ी चला दी और डिवाइडर पर टकराते हुए आगे निकल गए। सिटी थाना पुलिस ने मामले में दिलराज की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया हुआ है। बतां दे कि पूर्व विधायक के भाई राजेंद्र पर जून 2017 में भी जानलेवा हमला हुआ था। उसे पैर में गोली लगी थी। आरोप है कि यह हमला भी उसी रंजिश के चलते करवाया गया है।
सीआईए टू की टीम के साथ सीआईए वन, डिटेक्टिव व शहर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस को काला राणा के भाई पर शक है। आरोपियों को पकड़ जल्द ही मामले को ट्रेस आउट कर लिया जाएगा।
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- श्रीभगवान यादव, इंचार्ज, सीआईए टू।
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भतीजे दिलराज सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की चार टीमें पांच दिन बाद भी आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई हैं। हालांकि माना जा रहा है कि हत्या सहित कई मामलों में नामजद काला राणा के भाई ने दिलराज सिंह पर फायरिंग की थी। आरोपियों की धर पकड़ के लिए सीआईए की दोनों टीम, डिटेक्टिव स्टाफ व शहर पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है। लेकिन पुलिस के हाथ कोई कामयाबी नहीं लग पाई। पुलिस मामले में काला राणा के साथियों के भी रिकार्ड खंगाल रही है।
ये था मामला
पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भतीजा दिलराज सिंह चंडीगढ़ में आईलेट्स की कोचिंग ले रहा है। मंगलवार को वह वहां से अपने घर मार्डन कॉलोनी में आया था। बुधवार शाम को करीब साढ़े सात बजे वह खाने का सामान लेने के लिए वर्कशॉप रोड पर गया था। जब वह खाना लेकर अपनी इनोवा कार से घर की तरफ जा रहा था, तब कमानी चौक पर रेडलाइट पर वो खड़ा हो गए। वहां जाम भी लगा हुआ था। तभी विपरीत दिशा से एक बुलेट बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए और इनमें से एक युवक ने पिस्टल निकाल कर दिलराज पर फायरिंग कर दी। गोली से बचने के लिए वह नीछे झुक गए। जिससे गोली शीशे को तोड़ती हुई सड़क किनारे खड़े ऑटो चालक अमरपुरी कॉलोनी निवासी धर्मपाल के कंधे पर जा लगी थी। गोली चलने पर दिलराज हड़बड़ा गया और उसने तुरंत गाड़ी चला दी और डिवाइडर पर टकराते हुए आगे निकल गए। सिटी थाना पुलिस ने मामले में दिलराज की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया हुआ है। बतां दे कि पूर्व विधायक के भाई राजेंद्र पर जून 2017 में भी जानलेवा हमला हुआ था। उसे पैर में गोली लगी थी। आरोप है कि यह हमला भी उसी रंजिश के चलते करवाया गया है।
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सीआईए टू की टीम के साथ सीआईए वन, डिटेक्टिव व शहर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस को काला राणा के भाई पर शक है। आरोपियों को पकड़ जल्द ही मामले को ट्रेस आउट कर लिया जाएगा।
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- श्रीभगवान यादव, इंचार्ज, सीआईए टू।