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चाइल्ड नर्सरी में रो रहा था तीन महीने का बच्चा, स्टाफ ने बाहर फर्श पर लेटी मां को दिया, सुबह तक बच्चे की मौत
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चाइल्ड नर्सरी में रो रहा था तीन महीने का बच्चा, स्टाफ ने बाहर फर्श पर लेटी मां को दिया, सुबह तक बच्चे की मौत
मां का आरोप- नर्स ने कहा था बच्चा रो रहा है, न खुद सो रहा, न हमें सोने दे रहा
अस्पताल स्टाफ पर एफआइआर की मांग को लेकर परिजनों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर किया हंगामा
सीएमओ ने जांच के लिए बनाई कमेटी, बोले-रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी कार्रवाई
103 डिग्री बुखार होने पर सोमवार को बच्चे को किया था चाइल्ड नर्सरी में एडमिट
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सिविल अस्पताल में तीन महीने के बच्चे की मौत को लेकर मंगलवार को परिजनों ने दो घंटे तक हंगामा किया। बच्चे की मां का आरोप था कि उसका बच्चा चाइल्ड केयर नर्सरी यूनिट में एडमिट था। रात को वह रोने लगा तो स्टाफ ने बच्चे को उठाकर मुझे दे दिया। महिला ने आरोप लगाया कि स्टाफ ने कहा था कि बच्चा न तो खुद सो रहा है और न हमें सोने दे रहा है। जिस पर रात को वह ठंडे फर्श पर अपने बच्चे को लेकर लेट गई। सुबह तक बीमारी के चलते उसके बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे की सूचना पाकर सिटी थाना एसएचओ नरेंद्र राणा पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन संबंधित स्टाफ और ड्यूटी करने वाले डॉक्टर के खिलाफ एफआइआर की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह पहुंचे और उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां स्थित पीजीआइएमएस भेज दिया है।
बॉक्स
बुखार होने पर करवाया था भर्ती
बच्चे की मां ने बताया कि 103 डिग्री बुखार होने पर उन्होंने सोमवार सुबह 11 बजे बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे चाइल्ड नर्सरी में रखा गया था। रात साढ़े दस बजे एक स्टाफ सदस्या बच्चे को बाहर लेकर आई। उसका बच्चा रो रहा था। महिला ने आरोप लगाया कि नर्स ने उन्हें बच्चा थमाते हुए कहा कि आपका बच्चा रो रहा है, न ये सो रहा है और न ही हमें सोने दे रहा। बच्चे को उन्हें देकर नर्स अंदर चली गई और दरवाजा बंद कर दिया। उसने बच्चे को सीने से लगाया तो बुखार में उसका बेटा तड़प रहा था। उसने बच्चे को उपचार दिलाने के लिए दरवाजा खटखटाया, स्टाफ के सामने हाथ जोड़कर बच्चे को उपचार देने की गुहार लगाई। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। इसके बाद वह रातभर बरामदे में बच्चे को लेकर फर्श पर लेटी रही। सुबह साढ़े छह बजे उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत होने के बाद नर्स आई और बच्चे को अंदर ले गई। उसकी मौत चाइल्ड नर्सरी के स्टाफ की लापरवाही से हुई है।
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चार अक्तूबर को हुआ था शबी का जन्म
महादेव कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि वह कलेसर गांव के रहने वाले है। महादेव कॉलोनी में किराये पर रहते है। चार अक्तूबर को उसकी पत्नी सुमन ने जगाधरी के सिविल अस्पताल में बच्चे का जन्म दिया था। उसका नाम शबी रखा था। दो दिन से उसे बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह बुखार ज्यादा होने पर वे उसे सिविल अस्पताल यमुनानगर लेकर आए। डॉक्टर की जांच में उसे 103 डिग्री बुखार आया। सुबह 11 बजे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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कड़ाके ही ठंड में बरामदे में फर्श पर गुजारी रात, खटखटाती रही दरवाजा
सीएमओ व पुलिस को दी शिकायत में सुमन ने बताया कि रात करीब दस बजे नर्सरी की स्टाफ नर्स ने बच्चे के रोने से परेशान होकर बीमार हालत में ही उसे बाहर दे दिया। इससे उसके बच्चे की हालत और बिगड़ गई। मौजूदा स्टाफ हीटर लगाकर सोता रहा और कहा कि हमारी नींद खराब मत करो। डाक्टर सुबह आकर चेक कर लेंगे।
वर्जन
हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ऐसे मामलों में पहले डॉक्टरों का पैनल जांच करेंगे। मामले में पांच डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। जो मामले की हर एंगल से जांच करेगा। जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया जाएगा। यदि किसी भी डॉक्टर या स्टाफ की लापरवाही सामने आई तो जो कार्रवाई की जाएगी। -डा. कुलदीप सिंह, सीएमओ।
-मृतक बच्चे के परिजनों की शिकायत उनके पास आ गई है। शिकायत के आधार पर डॉक्टरों के पैनल की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां पीजीआईएमएस भेज दिया गया है
।-नरेंद्र राणा, एसएचओ, थाना सिटी यमुनानगर।
फोटो : 07 से 10
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मां का आरोप- नर्स ने कहा था बच्चा रो रहा है, न खुद सो रहा, न हमें सोने दे रहा
अस्पताल स्टाफ पर एफआइआर की मांग को लेकर परिजनों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर किया हंगामा
सीएमओ ने जांच के लिए बनाई कमेटी, बोले-रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी कार्रवाई
103 डिग्री बुखार होने पर सोमवार को बच्चे को किया था चाइल्ड नर्सरी में एडमिट
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सिविल अस्पताल में तीन महीने के बच्चे की मौत को लेकर मंगलवार को परिजनों ने दो घंटे तक हंगामा किया। बच्चे की मां का आरोप था कि उसका बच्चा चाइल्ड केयर नर्सरी यूनिट में एडमिट था। रात को वह रोने लगा तो स्टाफ ने बच्चे को उठाकर मुझे दे दिया। महिला ने आरोप लगाया कि स्टाफ ने कहा था कि बच्चा न तो खुद सो रहा है और न हमें सोने दे रहा है। जिस पर रात को वह ठंडे फर्श पर अपने बच्चे को लेकर लेट गई। सुबह तक बीमारी के चलते उसके बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे की सूचना पाकर सिटी थाना एसएचओ नरेंद्र राणा पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन संबंधित स्टाफ और ड्यूटी करने वाले डॉक्टर के खिलाफ एफआइआर की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह पहुंचे और उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां स्थित पीजीआइएमएस भेज दिया है।
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बुखार होने पर करवाया था भर्ती
बच्चे की मां ने बताया कि 103 डिग्री बुखार होने पर उन्होंने सोमवार सुबह 11 बजे बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे चाइल्ड नर्सरी में रखा गया था। रात साढ़े दस बजे एक स्टाफ सदस्या बच्चे को बाहर लेकर आई। उसका बच्चा रो रहा था। महिला ने आरोप लगाया कि नर्स ने उन्हें बच्चा थमाते हुए कहा कि आपका बच्चा रो रहा है, न ये सो रहा है और न ही हमें सोने दे रहा। बच्चे को उन्हें देकर नर्स अंदर चली गई और दरवाजा बंद कर दिया। उसने बच्चे को सीने से लगाया तो बुखार में उसका बेटा तड़प रहा था। उसने बच्चे को उपचार दिलाने के लिए दरवाजा खटखटाया, स्टाफ के सामने हाथ जोड़कर बच्चे को उपचार देने की गुहार लगाई। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। इसके बाद वह रातभर बरामदे में बच्चे को लेकर फर्श पर लेटी रही। सुबह साढ़े छह बजे उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत होने के बाद नर्स आई और बच्चे को अंदर ले गई। उसकी मौत चाइल्ड नर्सरी के स्टाफ की लापरवाही से हुई है।
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चार अक्तूबर को हुआ था शबी का जन्म
महादेव कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि वह कलेसर गांव के रहने वाले है। महादेव कॉलोनी में किराये पर रहते है। चार अक्तूबर को उसकी पत्नी सुमन ने जगाधरी के सिविल अस्पताल में बच्चे का जन्म दिया था। उसका नाम शबी रखा था। दो दिन से उसे बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह बुखार ज्यादा होने पर वे उसे सिविल अस्पताल यमुनानगर लेकर आए। डॉक्टर की जांच में उसे 103 डिग्री बुखार आया। सुबह 11 बजे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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सीएमओ व पुलिस को दी शिकायत में सुमन ने बताया कि रात करीब दस बजे नर्सरी की स्टाफ नर्स ने बच्चे के रोने से परेशान होकर बीमार हालत में ही उसे बाहर दे दिया। इससे उसके बच्चे की हालत और बिगड़ गई। मौजूदा स्टाफ हीटर लगाकर सोता रहा और कहा कि हमारी नींद खराब मत करो। डाक्टर सुबह आकर चेक कर लेंगे।
वर्जन
हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ऐसे मामलों में पहले डॉक्टरों का पैनल जांच करेंगे। मामले में पांच डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। जो मामले की हर एंगल से जांच करेगा। जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया जाएगा। यदि किसी भी डॉक्टर या स्टाफ की लापरवाही सामने आई तो जो कार्रवाई की जाएगी। -डा. कुलदीप सिंह, सीएमओ।
-मृतक बच्चे के परिजनों की शिकायत उनके पास आ गई है। शिकायत के आधार पर डॉक्टरों के पैनल की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर कलां पीजीआईएमएस भेज दिया गया है
।-नरेंद्र राणा, एसएचओ, थाना सिटी यमुनानगर।
फोटो : 07 से 10