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खस्ताहाल पीलर टूटने से प्लाईबोर्ड फैक्टरी के क्वार्टर की दो मंजिला बिल्डिंग का बरामदा धराशाही, दबने से 15 मजदूर घायल
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:02 AM IST
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खस्ताहाल पिलर टूटने से प्लाइबोर्ड फैक्टरी के क्वार्टर की दो मंजिला बिल्डिंग का बरामदा धराशाई, दबने से 15 मजदूर घायल
- घायलों में सात वर्षीय बच्ची व दो महिलाएं शामिल, तीन की हालत गंभीर
संडे की छुट्टी के चलते क्वार्टर पर ही थे सभी मजदूर, बिल्डिंग में 50 क्वार्टर में रहते है 300 के करीब मजदूर
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सदर जगाधरी के गांव भोजपुर स्थित इंडियन प्लाइबोर्ड फैक्टरी की दो मंजिला बिल्डिंग पिलर गिरने से धराशाई हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर छुट्टी के दिन लेट उठे और उनके उठते ही दो मंजिला लेंटर जमीन पर आ गिरा। इस हादसे में सात साल की बच्ची व दो महिलाओं सहित 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों के मलबे के नीचे से निकाला और शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों में तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मजदूरों का कहना था कि जिस पिलर पर बरामदा टिका हुआ था वह खस्ताहाल हो चुका था।
गांव भोजपुर के पास इंडियन प्लाइवुड फैक्टरी के अंदर ही मजदूरों के लिए लगभग 50 क्वार्टर बनाए गए थे और इनमें 300 से ज्यादा मजदूर रहते हैं। क्वार्टर के आगे हॉल रूप में बरामदा बना हुआ था, जो एक पिलर के सहारे टिका हुआ था। रविवार छुट्टी का दिन था और मजदूर सुबह नौ बजे तक उठे। सुबह उठकर अभी वे नहाने धोने की तैयारी कर ही रहे थे कि क्वार्टर के आगे के बरामदे का बड़ा हिस्सा पिलर टूटने से जमीन पर आ गिरा। दो मंजिला लेंटर गिरने से सात साल की बच्ची व दो महिलाओं समेत 15 मजदूर इस मलबे के नीचे दब गए।
पिलर गिरते ही हड़कंप, चीख पुकार : फैक्टरी के क्वार्टर के लिए बनाई गई बिल्डिंग के बरामदे का पिलर गिरते ही मजदूरों में हड़कंप मच गया। घटना के समय क्वार्टरों में लगभग दो सौ से अधिक मजदूर थे। पिलर गिरते ही जैसे लेंटर गिरा तो मजदूरों में चीख पुकार शुरू हो गई। मजदूर चिल्लाने लगे और बचाव के लिए गुहार लगाने लगे। आनन-फानन में क्वार्टर के अंदर बैठे मजदूरों ने मलबे के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला और ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें निजी अस्पताल में भेजा गया।
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ये मिली खामियां : इस घटना ने फैक्टरी में एक बड़ी पोल को खोल कर रख दिया है। दरअसल फैक्टरी के बने क्वार्टरों को महज चार इंच की दीवार पर ही खड़ा किया गया था। जहां से लेंटर गिरा उस हिस्से को सरियों से भी नहीं जोड़ा गया था। एक मकान के ऊपर मकान और फिर उस पर भी बने कमरों में लेबर को भेड़ बकरियों की तरह रखा गया। आज इस हादसे के बाद भी मजदूरों को फैक्टरी से बाहर भी आने नहीं दिया गया। बता दें कि फैक्टरी के बने क्वार्टरों के दो बड़े पिलर देर रात ही गिर गए थे। जिसको लेकर जब मजदूरों ने मालिक से गुहार लगाई तो मालिक ने इस बड़ी बिल्डिंग के नीचे बलियां लगाने की सलाह दे दी। यही वह बड़ा कारण था कि इस हादसे में 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे।
ये हुए घायल : फैक्टरी का लेंटर गिरने से मलबे के नीचे दबने से पश्चिमी बंगाल के जिला उत्तर दिनेशपुर के गांव भांघुर निवासी 55 वर्षीय माधव बरमन, बिहार के जिला वैशाली के गांव बेलसर बदोलिया निवासी 35 वर्षीय बैजुराम व उसकी सात साल की बेटी चांदनी कुमारी, जिला उत्तर दिनेशपुर के गांव मुकंदपुर निवासी 35 वर्षीय सपना बरमन, पश्चिमी बंगाल के जिला कुंज विहार निवासी 20 वर्षीय रूपचंद, बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के गांव गढ़ कर्नल छतरभुज निवासी 38 वर्षीय अशोक साहनी, जिला उत्तर दिनेशपुर के गांव सीजरम निवासी 18 वर्षीय संतोव, बिहार के जिला सुपौल के गांव मधारी निवासी 18 वर्षीय गंगा पंडित, सुपौल के गांव दोमहान निवासी 20 वर्षीय दुर्गानंद, 50 वर्षीय ललन यादव, 45 वर्षीय कोका, 50 वर्षीय नारायगण राम, 33 वर्षीय उदित नारायण, पश्चिम बंगाल के कुंज विहार जिले के गांव दोसरी निवासी 32 वर्षीय ऑफिजुल व उसकी पत्नी 28 वर्षीय सोखिना घायल हो गई।
अखबार का नाम लिया तो आवाज न आने की बात कहकर काट दिया फोन : इस संबंध में जब फैक्टरी मालिक से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने पहले तो फोन पिक कर लिया। लेकिन जब अखबार से बोलने की बात कही तो उन्होंने आवाज न आने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद तीन बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने हर बार फोन काट दिया।
भोजपुर एरिया में फैक्टरी के क्वार्टर का बरामदा गिरने की सूचना पर मौके पर पहुंचा था। घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार चल रहा है। मामले को लेकर अभी तक मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन कुमार, एसएचओ, थाना सदर जगाधरी।
फोटो : 47 से 59
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- घायलों में सात वर्षीय बच्ची व दो महिलाएं शामिल, तीन की हालत गंभीर
संडे की छुट्टी के चलते क्वार्टर पर ही थे सभी मजदूर, बिल्डिंग में 50 क्वार्टर में रहते है 300 के करीब मजदूर
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सदर जगाधरी के गांव भोजपुर स्थित इंडियन प्लाइबोर्ड फैक्टरी की दो मंजिला बिल्डिंग पिलर गिरने से धराशाई हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर छुट्टी के दिन लेट उठे और उनके उठते ही दो मंजिला लेंटर जमीन पर आ गिरा। इस हादसे में सात साल की बच्ची व दो महिलाओं सहित 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों के मलबे के नीचे से निकाला और शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों में तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मजदूरों का कहना था कि जिस पिलर पर बरामदा टिका हुआ था वह खस्ताहाल हो चुका था।
गांव भोजपुर के पास इंडियन प्लाइवुड फैक्टरी के अंदर ही मजदूरों के लिए लगभग 50 क्वार्टर बनाए गए थे और इनमें 300 से ज्यादा मजदूर रहते हैं। क्वार्टर के आगे हॉल रूप में बरामदा बना हुआ था, जो एक पिलर के सहारे टिका हुआ था। रविवार छुट्टी का दिन था और मजदूर सुबह नौ बजे तक उठे। सुबह उठकर अभी वे नहाने धोने की तैयारी कर ही रहे थे कि क्वार्टर के आगे के बरामदे का बड़ा हिस्सा पिलर टूटने से जमीन पर आ गिरा। दो मंजिला लेंटर गिरने से सात साल की बच्ची व दो महिलाओं समेत 15 मजदूर इस मलबे के नीचे दब गए।
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पिलर गिरते ही हड़कंप, चीख पुकार : फैक्टरी के क्वार्टर के लिए बनाई गई बिल्डिंग के बरामदे का पिलर गिरते ही मजदूरों में हड़कंप मच गया। घटना के समय क्वार्टरों में लगभग दो सौ से अधिक मजदूर थे। पिलर गिरते ही जैसे लेंटर गिरा तो मजदूरों में चीख पुकार शुरू हो गई। मजदूर चिल्लाने लगे और बचाव के लिए गुहार लगाने लगे। आनन-फानन में क्वार्टर के अंदर बैठे मजदूरों ने मलबे के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला और ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें निजी अस्पताल में भेजा गया।
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ये मिली खामियां : इस घटना ने फैक्टरी में एक बड़ी पोल को खोल कर रख दिया है। दरअसल फैक्टरी के बने क्वार्टरों को महज चार इंच की दीवार पर ही खड़ा किया गया था। जहां से लेंटर गिरा उस हिस्से को सरियों से भी नहीं जोड़ा गया था। एक मकान के ऊपर मकान और फिर उस पर भी बने कमरों में लेबर को भेड़ बकरियों की तरह रखा गया। आज इस हादसे के बाद भी मजदूरों को फैक्टरी से बाहर भी आने नहीं दिया गया। बता दें कि फैक्टरी के बने क्वार्टरों के दो बड़े पिलर देर रात ही गिर गए थे। जिसको लेकर जब मजदूरों ने मालिक से गुहार लगाई तो मालिक ने इस बड़ी बिल्डिंग के नीचे बलियां लगाने की सलाह दे दी। यही वह बड़ा कारण था कि इस हादसे में 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे।
ये हुए घायल : फैक्टरी का लेंटर गिरने से मलबे के नीचे दबने से पश्चिमी बंगाल के जिला उत्तर दिनेशपुर के गांव भांघुर निवासी 55 वर्षीय माधव बरमन, बिहार के जिला वैशाली के गांव बेलसर बदोलिया निवासी 35 वर्षीय बैजुराम व उसकी सात साल की बेटी चांदनी कुमारी, जिला उत्तर दिनेशपुर के गांव मुकंदपुर निवासी 35 वर्षीय सपना बरमन, पश्चिमी बंगाल के जिला कुंज विहार निवासी 20 वर्षीय रूपचंद, बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के गांव गढ़ कर्नल छतरभुज निवासी 38 वर्षीय अशोक साहनी, जिला उत्तर दिनेशपुर के गांव सीजरम निवासी 18 वर्षीय संतोव, बिहार के जिला सुपौल के गांव मधारी निवासी 18 वर्षीय गंगा पंडित, सुपौल के गांव दोमहान निवासी 20 वर्षीय दुर्गानंद, 50 वर्षीय ललन यादव, 45 वर्षीय कोका, 50 वर्षीय नारायगण राम, 33 वर्षीय उदित नारायण, पश्चिम बंगाल के कुंज विहार जिले के गांव दोसरी निवासी 32 वर्षीय ऑफिजुल व उसकी पत्नी 28 वर्षीय सोखिना घायल हो गई।
अखबार का नाम लिया तो आवाज न आने की बात कहकर काट दिया फोन : इस संबंध में जब फैक्टरी मालिक से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने पहले तो फोन पिक कर लिया। लेकिन जब अखबार से बोलने की बात कही तो उन्होंने आवाज न आने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद तीन बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने हर बार फोन काट दिया।
भोजपुर एरिया में फैक्टरी के क्वार्टर का बरामदा गिरने की सूचना पर मौके पर पहुंचा था। घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार चल रहा है। मामले को लेकर अभी तक मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन कुमार, एसएचओ, थाना सदर जगाधरी।
फोटो : 47 से 59