{"_id":"5abd3b214f1c1bf0618b46ac","slug":"15223511441370-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे में भर्ती व विदेश भेजने के नाम पूर्व सरपंच के बेटे से 70 लाख ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रेलवे में भर्ती व विदेश भेजने के नाम पूर्व सरपंच के बेटे से 70 लाख ठगे
Updated Fri, 30 Mar 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे में भर्ती व विदेश भेजने के नाम पूर्व सरपंच के बेटे से 70 लाख ठगे
साढौरा में रेपिड कैश कंपनी चलाने वाले दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/साढौरा। रेलवे में भर्ती और विदेश भेजने का दावा करने वाले दो ठगों ने सादिकपुर की पूर्व सरपंच के बेटे भूपिंद्र से पांच साल के दौरान 70 लाख ठग लिए।
दो चचेरे भाइयों को रेलवे में भर्ती करवाने के दौरान भूपिंद्र उन दोनों के संपर्क में आया था। इस एवज में उन्हें दिए गए दो लाख निकलवाने के चक्कर में दोनों ठगों ने भूपिंद्र को अपने मायाजाल में ऐसा फंसाया कि भूपिंद्र को 70 लाख गंवाने पड़ गए। इस रकम का इंतजाम करने के लिए भूपिंद्र ने अपनी पांच एकड़ जमीन बेचना और मकान को रहन पर रख कर रकम का इंतजाम करना पड़ा था। इतना सब होने के बाद भी अपनी रकम वापस मिलती न देखकर भूपिंद्र ने इसकी शिकायत पुलिस को की। उसकी शिकायत पर पुलिस ने साढौरा के रविकांत उर्फ रवि साहनी व अनिल बख्शी के विरुद्ध धोखाधड़ी मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू की है। अपनी शिकायत में भूपिंद्र ने इस मामले में अंतराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्ता होने का भी शक जताया है।
साढौरा के गांव सादिकपुर के पूर्व सरपंच के बेटे भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में उसकी मुलाकात साढौरा में रेपिड कैश कंपनी चलाने वाले रविकांत साहनी व उसके दोस्त अनिल बख्शी से हुई थी। वे लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। जब वह दोनों आरोपियों से मिला तो उन्होंने उसे ये भी बताया कि उनकी सरकारी महकमों में अधिकारियों से अच्छी जानकारी है। यदि वह किसी को नौकरी लगवाना चाहता है तो उनसे संपर्क कर सकता है। वह उनकी बातों में आ गया। अपने परिचितों को विदेश भेजने व नौकरी लगवाने को तैयार हो गया। इस दौरान उसने दो चचेरे भाइयों को रेलवे में भर्ती करवाने की भी बात कहीं। आरोपियों ने उसे ये भी बताया कि वे एक कंपनी खोल रहे हैं। यदि वह इसमें अपनी हिस्सेदारी रखना चाहता है तो उसे लाखों रुपये खर्च देने होंगे। वह आरोपितों की बातों में आ गया। वर्ष 2012 से लेकर 2017 तक उसने 70 लाख रुपये रविकांत साहनी व अनिल बख्शी को दिए। परंतु काफी समय बीतने के बाद भी आरोपियों ने न तो उसके किसी रिश्तेदार को विदेश भेजा और न ही सरकारी नौकरी दिलाई। जब वह इस बारे में आरोपितों से बात करता तो वे हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे वापस भेज देते। उसे लगा कि उसके साथ धोखा हुआ है इसलिए उसने एसपी को शिकायत दी। एसपी ने ये मामला इकॉनोमिक सेल को जांच के लिए दिया। थाना साढौरा पुलिस ने रविकांत साहनी व उसके दोस्त ए. कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया। एसएचओ ओमप्रकाश राणा ने बताया कि भूपिंद्र की शिकायत पर रविकांत उर्फ रवि साहनी व अनिल बख्शी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साढौरा में रेपिड कैश कंपनी चलाने वाले दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/साढौरा। रेलवे में भर्ती और विदेश भेजने का दावा करने वाले दो ठगों ने सादिकपुर की पूर्व सरपंच के बेटे भूपिंद्र से पांच साल के दौरान 70 लाख ठग लिए।
दो चचेरे भाइयों को रेलवे में भर्ती करवाने के दौरान भूपिंद्र उन दोनों के संपर्क में आया था। इस एवज में उन्हें दिए गए दो लाख निकलवाने के चक्कर में दोनों ठगों ने भूपिंद्र को अपने मायाजाल में ऐसा फंसाया कि भूपिंद्र को 70 लाख गंवाने पड़ गए। इस रकम का इंतजाम करने के लिए भूपिंद्र ने अपनी पांच एकड़ जमीन बेचना और मकान को रहन पर रख कर रकम का इंतजाम करना पड़ा था। इतना सब होने के बाद भी अपनी रकम वापस मिलती न देखकर भूपिंद्र ने इसकी शिकायत पुलिस को की। उसकी शिकायत पर पुलिस ने साढौरा के रविकांत उर्फ रवि साहनी व अनिल बख्शी के विरुद्ध धोखाधड़ी मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू की है। अपनी शिकायत में भूपिंद्र ने इस मामले में अंतराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्ता होने का भी शक जताया है।
विज्ञापन
साढौरा के गांव सादिकपुर के पूर्व सरपंच के बेटे भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में उसकी मुलाकात साढौरा में रेपिड कैश कंपनी चलाने वाले रविकांत साहनी व उसके दोस्त अनिल बख्शी से हुई थी। वे लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। जब वह दोनों आरोपियों से मिला तो उन्होंने उसे ये भी बताया कि उनकी सरकारी महकमों में अधिकारियों से अच्छी जानकारी है। यदि वह किसी को नौकरी लगवाना चाहता है तो उनसे संपर्क कर सकता है। वह उनकी बातों में आ गया। अपने परिचितों को विदेश भेजने व नौकरी लगवाने को तैयार हो गया। इस दौरान उसने दो चचेरे भाइयों को रेलवे में भर्ती करवाने की भी बात कहीं। आरोपियों ने उसे ये भी बताया कि वे एक कंपनी खोल रहे हैं। यदि वह इसमें अपनी हिस्सेदारी रखना चाहता है तो उसे लाखों रुपये खर्च देने होंगे। वह आरोपितों की बातों में आ गया। वर्ष 2012 से लेकर 2017 तक उसने 70 लाख रुपये रविकांत साहनी व अनिल बख्शी को दिए। परंतु काफी समय बीतने के बाद भी आरोपियों ने न तो उसके किसी रिश्तेदार को विदेश भेजा और न ही सरकारी नौकरी दिलाई। जब वह इस बारे में आरोपितों से बात करता तो वे हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे वापस भेज देते। उसे लगा कि उसके साथ धोखा हुआ है इसलिए उसने एसपी को शिकायत दी। एसपी ने ये मामला इकॉनोमिक सेल को जांच के लिए दिया। थाना साढौरा पुलिस ने रविकांत साहनी व उसके दोस्त ए. कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया। एसएचओ ओमप्रकाश राणा ने बताया कि भूपिंद्र की शिकायत पर रविकांत उर्फ रवि साहनी व अनिल बख्शी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन