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अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, ऑपरेशन में बच्चा भी निकला मृत, हंगामा
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:04 AM IST
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अस्पताल में गर्भवती की मौत, ऑपरेशन से बच्चा निकाला तो वह भी था मरा
चिकित्सकों ने समझाकर किया शांत, बोले अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई थी महिला की मौत
परिजनों ने नहीं दी किसी के खिलाफ शिकायत, पुलिस ने शव का कराया पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सिविल अस्पताल में गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती महिला की मौत हो गई। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर महिला के बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी मृत निकला। चिकित्सकों ने जब परिजनों को इस बारे में बताया तो उन्होंने हंगामा किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें समझाकर शांत किया। परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी। परिजन बिना पोस्टमार्टम के महिला व बच्चे को ले जाना चाहते थे, लेकिन चिकित्सकों ने बिना पोस्टमार्टम के शव जाने नहीं दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
जानकारी अनुसार साढ़ौरा के गांव सभापुर निवासी आशा (28) आठ माह से गर्भवती थी। मंगलवार सुबह परिजन उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए ऑपरेशन थिएटर ले गए। चेकअप के दौरान पता चला कि उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया। उसे ऑपरेशन कर निकाला, लेकिन बच्चा भी मरा हुआ निकला। मां और बच्चे की मौत के बारे में जब उसके परिजनों को बताया गया तो उन्होंने हंगामा कर दिया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें समझाया कि उन्होंने दोनों को बचाने का प्रयास किया था. इसके बाद उसके परिजन बिना पोस्टमार्टम के ले जाने लगे तो डॉक्टर ने शव देन से मना कर दिया। डॉक्टरों ने समझाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा, इसलिए पोस्टमार्टम जरूरी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंपा।
बॉक्स
निजी अस्पताल से किया था महिला को रेफर
मृतका के पति सतीश कुमार का कहना है कि रात से ही उसकी पत्नी की हालत खराब थी। सुबह सात बजे प्राइवेट अस्पताल ले गए थे। वहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। यहां पर उसकी मौत हो गई। उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने किसी के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं दी।
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वर्जन
अस्पताल में आने से पहले हो गई थी महिला की मौत : सीएमओ
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि महिला की मौत के कारणों का पता लगाएंगे। अगर किसी की लापरवाही मिलती है तो उस पर कार्यवाही भी की जाएगी। अभी तक पता चला है कि सिविल अस्पताल में आने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी।
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चिकित्सकों ने समझाकर किया शांत, बोले अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई थी महिला की मौत
परिजनों ने नहीं दी किसी के खिलाफ शिकायत, पुलिस ने शव का कराया पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सिविल अस्पताल में गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती महिला की मौत हो गई। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर महिला के बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी मृत निकला। चिकित्सकों ने जब परिजनों को इस बारे में बताया तो उन्होंने हंगामा किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें समझाकर शांत किया। परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी। परिजन बिना पोस्टमार्टम के महिला व बच्चे को ले जाना चाहते थे, लेकिन चिकित्सकों ने बिना पोस्टमार्टम के शव जाने नहीं दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
जानकारी अनुसार साढ़ौरा के गांव सभापुर निवासी आशा (28) आठ माह से गर्भवती थी। मंगलवार सुबह परिजन उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए ऑपरेशन थिएटर ले गए। चेकअप के दौरान पता चला कि उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया। उसे ऑपरेशन कर निकाला, लेकिन बच्चा भी मरा हुआ निकला। मां और बच्चे की मौत के बारे में जब उसके परिजनों को बताया गया तो उन्होंने हंगामा कर दिया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें समझाया कि उन्होंने दोनों को बचाने का प्रयास किया था. इसके बाद उसके परिजन बिना पोस्टमार्टम के ले जाने लगे तो डॉक्टर ने शव देन से मना कर दिया। डॉक्टरों ने समझाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा, इसलिए पोस्टमार्टम जरूरी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंपा।
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निजी अस्पताल से किया था महिला को रेफर
मृतका के पति सतीश कुमार का कहना है कि रात से ही उसकी पत्नी की हालत खराब थी। सुबह सात बजे प्राइवेट अस्पताल ले गए थे। वहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। यहां पर उसकी मौत हो गई। उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने किसी के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं दी।
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अस्पताल में आने से पहले हो गई थी महिला की मौत : सीएमओ
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि महिला की मौत के कारणों का पता लगाएंगे। अगर किसी की लापरवाही मिलती है तो उस पर कार्यवाही भी की जाएगी। अभी तक पता चला है कि सिविल अस्पताल में आने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी।