{"_id":"5a10866b4f1c1b70548be158","slug":"15110325365-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदबुद्धि से कराई नाबालिग लड़की की शादी, फिर उससे ससुर ने किया छह माह तक दुष्कर्म","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मंदबुद्धि से कराई नाबालिग लड़की की शादी, फिर उससे ससुर ने किया छह माह तक दुष्कर्म
Updated Sun, 19 Nov 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंदबुद्धि बेटे की नाबालिग से शादी कराई, फिर किया दुष्कर्म
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मां-बाप की ओर से ठुकराई 16 साल की लड़की की किस्मत शादी के बाद भी रूठी ही रही। पहले मंदबुद्धि लड़के से उसकी शादी करा दी गई, इसमें मध्यस्थता उसी के स्कूल के प्रिंसिपल ने ही की थी। इधर, ससुर ने रिश्ते को शर्मसार कर दिया। बेटे के मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर पिता ने नाबालिगपुत्रवधू से रेप कर डाला। वह आए दिन इस दुष्कृत्य को अंजाम देता रहा। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता की मां ने इस संबंध में पता लगने पर चाइल्ड हेल्पलाइन से मदद मांगी। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने शिकायत पर शनिवार को पीड़िता को उसके ससुराल से मुक्त कराया और काउंसलिंग के लिए उसे बालकुंज भेज दिया।
बताया जा रहा है कि, हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब निवासी महिला ने तलाक के बाद वहीं के बद्रीपुर चौक निवासी व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली, लेकिन महिला के पहले पति की बेटी को अपनाने से मना कर दिया। उस वक्त लड़की की उम्र 12 साल थी। सौतेले पिता के ठुकराने पर लड़की यहां नानी के घर रहने लगी। यहां नानी ने उसका दाखिला पड़ोस के एक निजी स्कूल में कक्षा नौंवी में करा दिया। इधर, दाखिले के समय प्रिंसिपल ने नानी से ब्लैंक कागज पर साइन कराए और कुछ दिन बाद उसकी दोहती की शादी अपने साले से कराने की बात कही। इस पर प्रिंसिपल ने अप्रैल-2017 में उसकी शादी 25 वर्षीय साले मनोज से करा दी। बाद में पता चला कि मनोज मंदबुद्धि है। इधर, शादी के एक माह बाद ही ससुर सतीश गुप्ता ने उससे दुष्कर्म कर दिया और धमकी दी कि यह बात किसी को बताई तो वह उसे व उसके परिजनों को जेल भिजवा देगा। उसने पति मनोज को यह बात बताई तो उसने भी कुछ नहीं किया। इस पर ससुर आए दिन रिश्ते को शर्मसार करता रहा। इस बीच लड़की की मां को वारदात की जानकारी लगी तो उसने चाइल्ड लाइन से मदद मांगी।
सौतेला पिता लड़की को अपनाने को नहीं था राजी
हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब निवासी महिला की शादी जगाधरी के एक मोहल्ला के व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसने पांचवीं तक की पढ़ाई जगाधरी में की, लेकिन आपस में झगड़ा रहने पर पति-पत्नी में तलाक हो गया। वह अलग हो गए और बेटी अपनी मां के साथ रहने लगी। इधर, महिला जगाधरी के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स लग गई, जहां उसकी मुलाकात पौंटा साहिब के निवासी व्यक्ति से हुई। दोनों में जान-पहचान बढ़ने पर वह शादी करने को तैयार हो गए, लेकिन वादे अनुसार दूसरे पति ने शादी के बाद उसकी बेटी को अपनाने से मना कर दिया। उस वक्त लड़की की उम्र 12 साल थी। सौतेले पिता के ठुकराने पर लड़की अपनी नानी के घर रहने लगी।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आते ही पीड़ित लड़की को पुलिस की मदद से उसके ससुराल से मुक्त कराया गया। फिलहाल उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
डॉ. अंजू बाजपेयी, निदेशिका, चाइल्ड हेल्पलाइन।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मां-बाप की ओर से ठुकराई 16 साल की लड़की की किस्मत शादी के बाद भी रूठी ही रही। पहले मंदबुद्धि लड़के से उसकी शादी करा दी गई, इसमें मध्यस्थता उसी के स्कूल के प्रिंसिपल ने ही की थी। इधर, ससुर ने रिश्ते को शर्मसार कर दिया। बेटे के मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर पिता ने नाबालिगपुत्रवधू से रेप कर डाला। वह आए दिन इस दुष्कृत्य को अंजाम देता रहा। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता की मां ने इस संबंध में पता लगने पर चाइल्ड हेल्पलाइन से मदद मांगी। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने शिकायत पर शनिवार को पीड़िता को उसके ससुराल से मुक्त कराया और काउंसलिंग के लिए उसे बालकुंज भेज दिया।
बताया जा रहा है कि, हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब निवासी महिला ने तलाक के बाद वहीं के बद्रीपुर चौक निवासी व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली, लेकिन महिला के पहले पति की बेटी को अपनाने से मना कर दिया। उस वक्त लड़की की उम्र 12 साल थी। सौतेले पिता के ठुकराने पर लड़की यहां नानी के घर रहने लगी। यहां नानी ने उसका दाखिला पड़ोस के एक निजी स्कूल में कक्षा नौंवी में करा दिया। इधर, दाखिले के समय प्रिंसिपल ने नानी से ब्लैंक कागज पर साइन कराए और कुछ दिन बाद उसकी दोहती की शादी अपने साले से कराने की बात कही। इस पर प्रिंसिपल ने अप्रैल-2017 में उसकी शादी 25 वर्षीय साले मनोज से करा दी। बाद में पता चला कि मनोज मंदबुद्धि है। इधर, शादी के एक माह बाद ही ससुर सतीश गुप्ता ने उससे दुष्कर्म कर दिया और धमकी दी कि यह बात किसी को बताई तो वह उसे व उसके परिजनों को जेल भिजवा देगा। उसने पति मनोज को यह बात बताई तो उसने भी कुछ नहीं किया। इस पर ससुर आए दिन रिश्ते को शर्मसार करता रहा। इस बीच लड़की की मां को वारदात की जानकारी लगी तो उसने चाइल्ड लाइन से मदद मांगी।
विज्ञापन
सौतेला पिता लड़की को अपनाने को नहीं था राजी
हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब निवासी महिला की शादी जगाधरी के एक मोहल्ला के व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसने पांचवीं तक की पढ़ाई जगाधरी में की, लेकिन आपस में झगड़ा रहने पर पति-पत्नी में तलाक हो गया। वह अलग हो गए और बेटी अपनी मां के साथ रहने लगी। इधर, महिला जगाधरी के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स लग गई, जहां उसकी मुलाकात पौंटा साहिब के निवासी व्यक्ति से हुई। दोनों में जान-पहचान बढ़ने पर वह शादी करने को तैयार हो गए, लेकिन वादे अनुसार दूसरे पति ने शादी के बाद उसकी बेटी को अपनाने से मना कर दिया। उस वक्त लड़की की उम्र 12 साल थी। सौतेले पिता के ठुकराने पर लड़की अपनी नानी के घर रहने लगी।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आते ही पीड़ित लड़की को पुलिस की मदद से उसके ससुराल से मुक्त कराया गया। फिलहाल उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
डॉ. अंजू बाजपेयी, निदेशिका, चाइल्ड हेल्पलाइन।