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बैंक से कुछ हाथ न लगा तो लगा दी थी आग
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:32 AM IST
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‘बैंक से कुछ हाथ न लगा तो लगा दी थी आग’
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव संधाली के सहकारी बैंक में लगी आग की घटना का डेढ़ साल बाद खुलासा हो गया। सीआईए-2 का दावा है लूट के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने बैंक से कुछ हाथ न लगने पर साथियों के साथ आग लगा दी थी। सीआईए 2 के मुताबिक तीन दिन के रिमांड पर लिए गए आरोपी ने वारदात कबूल ली है। बता दें कि जिले में गैस एजेंसी के कर्मचारियों से लूट में शामिल आरोपी के दो साथी पहले ही गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे जा चुके हैं।
सीआईए-2 के इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि 29 सितंबर 2015 को प्रेम गैस एजेंसी के दो कर्मचारियों से लूट हुई थी। घटनाक्रम के मुताबिक, धौलरा निवासी भूपेंद्र सिंह उर्फ पप्पी और रादौर निवासी रविंद्र 59 हजार रुपये की पेमेंट लेकर वापस आ रहे थे। कंड्रोली के समीप एक कार में सवार आरोपियों ने दोनों कर्मचारियों के आगे गाड़ी लगा दी और कैश लूटने की कोशिश की। कर्मचारियों ने जब कैश नहीं दिया तो भूपेंद्र सिंह उर्फ पप्पी को गोली मार दी और रविंद्र पर तलवार से हमला कर दिया। इसके बाद कैश छीनकर आरोपी भाग गए। इसमें उन्हेड़ी के अर्जुन और विशाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। इधर उनके साथी संधाली के प्रताप सिंह को बाल छप्पर के पास से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने इसे तीन दिन के रिमांड पर दे दिया। इसके बाद पूछताछ में आरोपी प्रताप ने संधाली के सहकारी बैंक की घटना को अन्य तीन साथियों के साथ अंजाम देना कबूल कर लिया।
दस्तावेज और सामान के साथ जल गया था सीसी कैमरों का डीवीआर
आरोपी प्रताप ने पूछताछ में रिमांड के दौरान कबूल किया है कि 17 मार्च 2016 को संधाली के सहकारी बैंक में वह और उसके तीन साथी चोरी करने के लिए ताले तोड़ कर घुसे थे। सामान खंगालने के बाद जब उन्हें वहां से कुछ कैश नहीं मिला तो उन्होंने बैंक में आग लगा दी, जिससे बैंक का सारा रिकार्ड व सामान जल गया। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए बैंक के जले हुए कंप्यूटर बैंक के समीप जोहड़ में फेंक दिए थे। घटना के वक्त बैंक में सिक्योरिटी गार्ड तो नहीं था, लेकिन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन आग से कैमरों का डीवीआर बुरी तरह जल गई थी। इससे पुलिस को आरोपियों का सुराग न लगा, तब पुलिस ने ब्रांच मैनेजर प्रवीण कुमार की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। बाद में मामले की जांच सीआईए-2 को सौंपी गई।
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तीसरे साथी के खुलासे के लिए अविनाश को पुलिस लेगी रिमांड पर: सीआईए-2 के इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी प्रताप ने पहले बैंक की रैकी की और उसके बाद साथी अविनाश को चोरी करने के लिए बुलाया। आरोपी अविनाश रात को चोरी करने के लिए अपने एक साथी को भी लेकर आया था। जिसे आरोपी प्रताप नहीं जानता है, उसके नाम का खुलासा आरोपी अविनाश ही करेगा। इसके लिए आरोपी अविनाश को जेल से प्रोडक्शन रिमांड पर लाया जाएगा। जबकि लूट के मामलों में आरोपी प्रताप का साथी जठलाना निवासी अविनाश उर्फ गोरू को पुलिस ने एक पुलिस कर्मी को लूटने की योजना बनाते वक्त गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उसने संधाली बैंक की घटना का खुलासा नहीं किया और अब वह जेल में हैं।
मारपीट का आरोपी गिरफ्तार
सीआईए-1 ने नत्थनपुर निवासी जनक को बुड़िया नहर पुल से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 19 मई को धानुपुरा निवासी बलराम उर्फ रिंकू ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी कार लेकर बल्लेवाला गया था और वापस लौटते समय देवधर के पास जाम लगा हुआ था और कुछ लोग वहां तोड़फोड़ कर रहे थे। वह कार से बाहर आकर देखने लगा तो करीब 25 बदमाशों ने रायल्टी वाला समझकर उसके साथ जमकर मारपीट की और उस पर पथराव किया। उसके बाद उसकी कार में आग लगा दी थी। शिकायतकर्ता को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने शिकायत पर 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच सीआईए-2 के इंचार्ज संदीप कुमार को दी, जिन्होंने टीमों का गठन कर आरोपी नत्थनपुर निवासी जनक को बुड़िया नहर पुल से गिरफ्तार कर लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव संधाली के सहकारी बैंक में लगी आग की घटना का डेढ़ साल बाद खुलासा हो गया। सीआईए-2 का दावा है लूट के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने बैंक से कुछ हाथ न लगने पर साथियों के साथ आग लगा दी थी। सीआईए 2 के मुताबिक तीन दिन के रिमांड पर लिए गए आरोपी ने वारदात कबूल ली है। बता दें कि जिले में गैस एजेंसी के कर्मचारियों से लूट में शामिल आरोपी के दो साथी पहले ही गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे जा चुके हैं।
सीआईए-2 के इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि 29 सितंबर 2015 को प्रेम गैस एजेंसी के दो कर्मचारियों से लूट हुई थी। घटनाक्रम के मुताबिक, धौलरा निवासी भूपेंद्र सिंह उर्फ पप्पी और रादौर निवासी रविंद्र 59 हजार रुपये की पेमेंट लेकर वापस आ रहे थे। कंड्रोली के समीप एक कार में सवार आरोपियों ने दोनों कर्मचारियों के आगे गाड़ी लगा दी और कैश लूटने की कोशिश की। कर्मचारियों ने जब कैश नहीं दिया तो भूपेंद्र सिंह उर्फ पप्पी को गोली मार दी और रविंद्र पर तलवार से हमला कर दिया। इसके बाद कैश छीनकर आरोपी भाग गए। इसमें उन्हेड़ी के अर्जुन और विशाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। इधर उनके साथी संधाली के प्रताप सिंह को बाल छप्पर के पास से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने इसे तीन दिन के रिमांड पर दे दिया। इसके बाद पूछताछ में आरोपी प्रताप ने संधाली के सहकारी बैंक की घटना को अन्य तीन साथियों के साथ अंजाम देना कबूल कर लिया।
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दस्तावेज और सामान के साथ जल गया था सीसी कैमरों का डीवीआर
आरोपी प्रताप ने पूछताछ में रिमांड के दौरान कबूल किया है कि 17 मार्च 2016 को संधाली के सहकारी बैंक में वह और उसके तीन साथी चोरी करने के लिए ताले तोड़ कर घुसे थे। सामान खंगालने के बाद जब उन्हें वहां से कुछ कैश नहीं मिला तो उन्होंने बैंक में आग लगा दी, जिससे बैंक का सारा रिकार्ड व सामान जल गया। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए बैंक के जले हुए कंप्यूटर बैंक के समीप जोहड़ में फेंक दिए थे। घटना के वक्त बैंक में सिक्योरिटी गार्ड तो नहीं था, लेकिन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन आग से कैमरों का डीवीआर बुरी तरह जल गई थी। इससे पुलिस को आरोपियों का सुराग न लगा, तब पुलिस ने ब्रांच मैनेजर प्रवीण कुमार की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। बाद में मामले की जांच सीआईए-2 को सौंपी गई।
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तीसरे साथी के खुलासे के लिए अविनाश को पुलिस लेगी रिमांड पर: सीआईए-2 के इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी प्रताप ने पहले बैंक की रैकी की और उसके बाद साथी अविनाश को चोरी करने के लिए बुलाया। आरोपी अविनाश रात को चोरी करने के लिए अपने एक साथी को भी लेकर आया था। जिसे आरोपी प्रताप नहीं जानता है, उसके नाम का खुलासा आरोपी अविनाश ही करेगा। इसके लिए आरोपी अविनाश को जेल से प्रोडक्शन रिमांड पर लाया जाएगा। जबकि लूट के मामलों में आरोपी प्रताप का साथी जठलाना निवासी अविनाश उर्फ गोरू को पुलिस ने एक पुलिस कर्मी को लूटने की योजना बनाते वक्त गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उसने संधाली बैंक की घटना का खुलासा नहीं किया और अब वह जेल में हैं।
मारपीट का आरोपी गिरफ्तार
सीआईए-1 ने नत्थनपुर निवासी जनक को बुड़िया नहर पुल से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 19 मई को धानुपुरा निवासी बलराम उर्फ रिंकू ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी कार लेकर बल्लेवाला गया था और वापस लौटते समय देवधर के पास जाम लगा हुआ था और कुछ लोग वहां तोड़फोड़ कर रहे थे। वह कार से बाहर आकर देखने लगा तो करीब 25 बदमाशों ने रायल्टी वाला समझकर उसके साथ जमकर मारपीट की और उस पर पथराव किया। उसके बाद उसकी कार में आग लगा दी थी। शिकायतकर्ता को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने शिकायत पर 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच सीआईए-2 के इंचार्ज संदीप कुमार को दी, जिन्होंने टीमों का गठन कर आरोपी नत्थनपुर निवासी जनक को बुड़िया नहर पुल से गिरफ्तार कर लिया।