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भाई-भाभी के जाली हस्ताक्षर कर उनके प्लॉट बेचने को लिया 11 लाख बयाना, केस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 01:57 AM IST
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crime
एक व्यक्ति ने भाई-भाभी के जाली हस्ताक्षर कर उनके प्लॉट बेचने को दो लोगों से 11 लाख रुपये ले लिए। रजिस्टरी की तय तारीख पर एक व्यक्ति घर पहुंचा तो पूरा मामला खुल गया। इस पर भाई ने अपने ही सगे भाई के खिलाफ थाना प्रतापनगर पुलिस को शिकायत दी। फर्जी हस्ताक्षर कर उनके प्लॉट बचने को दो लोगों से 11 लाख बयाना लेने के साथ भाई पर उसके नाम से फर्जी तरीके से क्रेडिट कार्ड बनवाकर 1.67 लाख रुपये का लेनदेन करने व कर्ज के लिए दो लाख रुपए न लौटाने के भी आरोप लगाए। पुलिस ने मामले में भाई की शिकायत पर भाई के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
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पुलिस को दी शिकायत में प्रतापनगर के नसीम खान ने बताया कि वह आमलेट व चिकन का ठेला लगाता है। जमा पूंजी इकट्ठी कर किश्नपुरा में अपने व पत्नी के नाम 111 वर्गगज के दो प्लॉट खरीदे थे। जिनका 26 मार्च 2019 को पंजीकरण कराया था। नसीम खान का आरोप है कि इन प्लॉट को बेचने के नाम पर उसके सगे भाई जंगशेर खान ने खिजराबाद के अरुण कुमार से पांच लाख रुपए बयाना ले लिया, जिसके लिए उसके व उसकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर किए।
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ऐसे ही जंगशेर ने बॉम्बेपुर के व्यक्ति से उन्हीं प्लॉटों को बेचने के लिए दोबारा जाली हस्ताक्षर कर छह लाख बयाना ले लिया। इसमें पंजीकरण की तारीख 13 अप्रैल 2022 पर पत्नी के नाम से पंजीकरण का आवेदन था। इस तारीख पर वह और पत्नी तहसील में नहीं गए तो बाम्बेपुर का व्यक्ति उनके घर आ गया और पंजीकरण के लिए चलने के लिए कहने लगा, तब उसके दिखाए बयाने के समझौते पर पत्नी के जाली हस्ताक्षर देख उन्हें पूरा मामला समझ आया। उन्होंने बॉम्बेपुर के व्यक्ति को प्लॉट बेचने से इंकार किया तो वह छह लाख रुपए व हर्जाना वापस करने के लिए कहने लगा। तब मामले में अपने भाई जंगशेर सिंह के खिलाफ थाने में शिकायत दी। इसमें नसीम ने ये भी आरोप लगाया कि भाई जंगशेर ने उसके संज्ञान में डाले बिना उसके नाम से क्रेडिड कार्ड बनवाकर 1.67 लाख रुपये का लेनदेन किया। जबकि उसने क्रेडिड कार्ड के लिए कोई आवेदन नहीं किया और जारी करने से पहले संबंधित बैंक ने जांच पड़ताल की व उसके हस्ताक्षर लिए। नसीम ने कहा कि वह जंगशेर को दो लाख कर्ज भी दे चुका है, जो उसने नहीं लौटाया। इससे परेशान होकर उसके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।
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