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Yamuna Nagar News: चालक-परिचालकों पर शिकंजा, 300 रुपयों से अधिक के गबन की होगी जांच
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सुरेश सैनी
यमुनानगर। सवारी से पैसे लेकर मुफ्त यात्रा कराने की नीयत से गबन कर सरकारी खजाने का चूना लागने वाले चालक-परिचालकों पर विभाग की नजर पड़ चुकी है। ऐसे कर्मचारियों को सबक सिखाने के लिए मुख्यालय ने प्रदेश के सभी 24 डिपो के महाप्रबंधकों को पत्र के माध्यम से निर्देश देकर उन चालक-परिचालकों के गबन केसों को मांगा है जिन्होंने 300 रुपये से अधिक का गबन किया हुआ है। चूंकि इससे ऊपर गबन केसों की मुख्यालय अब खुद जांच पड़ताल करेगा। यदि पड़ताल में कर्मी की गबन में संलिप्तता मिली तो उसके ऊपर गाज गिरते हुए एफआईआर भी दर्ज होगी, इसके अलावा जितने का गबन मिलेगा, उतने गुना ही उससे जुर्माना भी लिया जाएगा। इन्हीं निर्देशों से यमुनानगर डिपो में कर्मचारियों में हलचल मची हुई है।
इस साल गबन का एक केस आया सामने
विभागीय सूत्रों के अनुसार यमुनानगर डिपो में इसी साल 251 रुपये का एक केस सामने आया है जिसकी जांच चल रही है। जबकि फरवरी 2022 में दो कर्मचारियों को बस में यात्रा करना भारी पड़ गया था। जिन्हें टिकट में फ्रॉड करने पर सस्पेंड कर दिया गया था। वहीं अगर साल 2015 की बात करें तो 137 कंडक्टरों पर यात्रियों से बिना टिकट दिए उगाही करने के आरोप लगे थे, तब विभागीय स्तर पर इनके खिलाफ जांच चली थी। जिसमें उनसे 3191 रुपए की राशि भी बरामद हुई थी। दरअसल कुछेक कर्मचारी गबन करने की नीयत से यात्रा के दौरान सवारी से पैसे लेकर उसे टिकट नहीं देते हैं। वहीं जब उसी रूट पर विभागीय उड़नदस्ते की टीम बस को रोक कर चेकिंग करती है तब इस दौरान कर्मचारी फंस जाता है। हालांकि जहां मुख्यालय ने गबन करने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी, वहीं उन्हें इस पत्र के माध्यम से नसीहत भी दी है, ताकि वे इस प्रकार के गबन से बचे।
चालक-परिचालकों का आंकड़ा
विभाग के 19 दिसंबर की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में रोडवेज के 24 डिपो में कुल परिचालक 5854 व 3481 ऑनरूट हैं। इनमें यमुनानगर डिपो में 272 परिचालक व 160 ऑनरूट हैं। इसी तरह कुल 5835 चालक व 2995 ऑनरूट हैं। इनमें यमुनानगर डिपो में 254 चालक व 146 ऑनरूट हैं। इसी तरह राज्यों में कुल 4153 बसें व 3648 ऑनरूट, 217 वर्कशॉप तथा 288 स्पेयर के लिए खड़ी हैं। जिनमें यमुनानगर डिपो में 184 कुल बसें हैं, 166 ऑनरूट, 5 वर्कशॉप और 13 रिपेयर के लिए खड़ी हैं।
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यमुनानगर। सवारी से पैसे लेकर मुफ्त यात्रा कराने की नीयत से गबन कर सरकारी खजाने का चूना लागने वाले चालक-परिचालकों पर विभाग की नजर पड़ चुकी है। ऐसे कर्मचारियों को सबक सिखाने के लिए मुख्यालय ने प्रदेश के सभी 24 डिपो के महाप्रबंधकों को पत्र के माध्यम से निर्देश देकर उन चालक-परिचालकों के गबन केसों को मांगा है जिन्होंने 300 रुपये से अधिक का गबन किया हुआ है। चूंकि इससे ऊपर गबन केसों की मुख्यालय अब खुद जांच पड़ताल करेगा। यदि पड़ताल में कर्मी की गबन में संलिप्तता मिली तो उसके ऊपर गाज गिरते हुए एफआईआर भी दर्ज होगी, इसके अलावा जितने का गबन मिलेगा, उतने गुना ही उससे जुर्माना भी लिया जाएगा। इन्हीं निर्देशों से यमुनानगर डिपो में कर्मचारियों में हलचल मची हुई है।
इस साल गबन का एक केस आया सामने
विभागीय सूत्रों के अनुसार यमुनानगर डिपो में इसी साल 251 रुपये का एक केस सामने आया है जिसकी जांच चल रही है। जबकि फरवरी 2022 में दो कर्मचारियों को बस में यात्रा करना भारी पड़ गया था। जिन्हें टिकट में फ्रॉड करने पर सस्पेंड कर दिया गया था। वहीं अगर साल 2015 की बात करें तो 137 कंडक्टरों पर यात्रियों से बिना टिकट दिए उगाही करने के आरोप लगे थे, तब विभागीय स्तर पर इनके खिलाफ जांच चली थी। जिसमें उनसे 3191 रुपए की राशि भी बरामद हुई थी। दरअसल कुछेक कर्मचारी गबन करने की नीयत से यात्रा के दौरान सवारी से पैसे लेकर उसे टिकट नहीं देते हैं। वहीं जब उसी रूट पर विभागीय उड़नदस्ते की टीम बस को रोक कर चेकिंग करती है तब इस दौरान कर्मचारी फंस जाता है। हालांकि जहां मुख्यालय ने गबन करने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी, वहीं उन्हें इस पत्र के माध्यम से नसीहत भी दी है, ताकि वे इस प्रकार के गबन से बचे।
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चालक-परिचालकों का आंकड़ा
विभाग के 19 दिसंबर की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में रोडवेज के 24 डिपो में कुल परिचालक 5854 व 3481 ऑनरूट हैं। इनमें यमुनानगर डिपो में 272 परिचालक व 160 ऑनरूट हैं। इसी तरह कुल 5835 चालक व 2995 ऑनरूट हैं। इनमें यमुनानगर डिपो में 254 चालक व 146 ऑनरूट हैं। इसी तरह राज्यों में कुल 4153 बसें व 3648 ऑनरूट, 217 वर्कशॉप तथा 288 स्पेयर के लिए खड़ी हैं। जिनमें यमुनानगर डिपो में 184 कुल बसें हैं, 166 ऑनरूट, 5 वर्कशॉप और 13 रिपेयर के लिए खड़ी हैं।
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