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धोखाधड़ी के दोषी को दो साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Sat, 08 Aug 2015 12:04 AM IST
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मकान की खरीद-फरोख्त के मामले में धोखाधड़ी करने के दोषी को कोर्ट ने दो साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला सीजेएम विमल सपरा की कोर्ट ने सुनाया है।
करीब साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुना दिया। शिकायतकर्ता के वकील जयकुमार गुप्ता ने बताया कि उपरोक्त निर्णय के बाद दोषी ने इस मामले की अपील सेशन कोर्ट में डाली थी, जिसे जज ने खारिज कर सजा बरकरार रखी है।
यह था मामला : एडवोकेट जय कुमार गुप्ता ने बताया कि जम्मू कॉलोनी निवासी सतिंद्र पाल ने 10 अगस्त, 2003 को मॉडल टाउन निवासी धर्मपाल से एक मकान 15 लाख 50 हजार रुपये में खरीदना तय किया था। जिसके लिए सतिंद्र पाल ने बयाने के रूप में 50 हजार रुपये की राशि भी अदा कर दी थी।
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रजिस्ट्री की तारीख 10 अक्तूबर तय की गई। बाद में धर्मपाल ने यह तिथि बढ़ाकर 10 फरवरी, 2004 मुकर्रर की। बाद में इसे भी बदल दिया गया तथा रजिस्ट्री की तारीख 23 फरवरी, 2004 निर्धारित की गई। 22 जनवरी, 2004 को लड़कों के नाम रिलीज डीड बनवा दी। बाद में धर्मपाल रजिस्ट्री करवाने से मुकर गया। सतिंद्र पाल ने न्यायालय में इसकी शिकायत कर दी।
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करीब साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुना दिया। शिकायतकर्ता के वकील जयकुमार गुप्ता ने बताया कि उपरोक्त निर्णय के बाद दोषी ने इस मामले की अपील सेशन कोर्ट में डाली थी, जिसे जज ने खारिज कर सजा बरकरार रखी है।
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यह था मामला : एडवोकेट जय कुमार गुप्ता ने बताया कि जम्मू कॉलोनी निवासी सतिंद्र पाल ने 10 अगस्त, 2003 को मॉडल टाउन निवासी धर्मपाल से एक मकान 15 लाख 50 हजार रुपये में खरीदना तय किया था। जिसके लिए सतिंद्र पाल ने बयाने के रूप में 50 हजार रुपये की राशि भी अदा कर दी थी।
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रजिस्ट्री की तारीख 10 अक्तूबर तय की गई। बाद में धर्मपाल ने यह तिथि बढ़ाकर 10 फरवरी, 2004 मुकर्रर की। बाद में इसे भी बदल दिया गया तथा रजिस्ट्री की तारीख 23 फरवरी, 2004 निर्धारित की गई। 22 जनवरी, 2004 को लड़कों के नाम रिलीज डीड बनवा दी। बाद में धर्मपाल रजिस्ट्री करवाने से मुकर गया। सतिंद्र पाल ने न्यायालय में इसकी शिकायत कर दी।