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अफसरों पर मनमर्जी से टेंडर रेट बढ़ाने के आरोप में कमिश्नर से मिले पार्षद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 02:09 AM IST
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Councilors met the commissioner for arbitrarily increasing the tender rate on the officers
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में डोर टू डोर कचरा उठान और निस्तारण के टेंडर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सिंगल टेंडर के विरोध के बाद 11-11 वार्ड के दो जोन के टेंडर की प्रक्रिया जब अंतिम पड़ाव पर है, तब पार्षदों ने अफसरों पर मनमर्जी से टेंडर के रेट बढ़ाने के आरोप लगा दिए हैं। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष इसी काम का टेंडर 1980 रुपये प्रति टन रेट पर एजेंसी को अलॉट हुआ था, जबकि इस बार इसे बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति टन करने की तैयारी है। ये पूरा मामला पार्षदों ने शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर आयुष सिन्हा के सामने रखा और टेंडर के नियमों में सख्ती की मांग की। पार्षदों की मानें तो कमिश्नर आयुष सिन्हा ने उन्हें भरोसा दिया है कि टेंडर की प्रक्रिया और काम नियमों के तहत ही कराया जाएगा।
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दरअसल मार्च में नगर निगम के सभी 22 वार्डों के लिए डोर टू डोर कचरा उठान और निस्तारण का टेंडर 25.95 करोड़ रुपये में कॉल किया गया था। इसके बाद सिंगल टेंडर का कांग्रेस और इनेलो के अलावा सत्तापक्ष के भाजपा पार्षदों ने भी विरोध किया। तब मेयर मदन चौहान ने विशेष बैठक बुलाई, जिसमें कई जोन में टेंडर का प्रस्ताव पास हुआ। फिर 27 अप्रैल को प्रसार के माध्यम से प्रस्ताव पास हुआ कि कचरा उठान के लिए चार जोन का टेंडर हो और निस्तारण का अलग से टेंडर हो, लेकिन 18 मई को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के समक्ष मामला रखा गया। इसके बाद 11-11 वार्ड के दो जोन के टेंडर की प्लानिंग बनी। इसमें जोन-1 में वार्ड-1 से 11 के लिए 12.97 करोड़ व जोन-2 में वार्ड-12 से 22 के लिए 12.97 करोड़ रुपये अनुमानित खर्च रखा गया। अब कई फर्मों से बिड आने पर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है, तब पार्षदों ने अफसरों पर मनमर्जी से टेंडर रेट बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में एकबार फिर टेंडर प्रक्रिया बाधित होने से शहर के साफ सफाई का काम प्रभावित हो सकता है।
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रेट वृद्धि से सरकार को राजस्व की हानि, कमिश्नर से जांच की मांग
शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर आयुष सिन्हा से वार्ड-4 के पार्षद देवेंद्र कुमार, वार्ड-8 से विनोद मरवाह, वार्ड-13 से निर्मल चौहान, वार्ड-20 से पार्षद रेखा राणा के पति नीरज राणा, वार्ड-3 से पार्षद हरमीन कोहली के प्रति अमरजीत कोहली मिले। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष डोर टू डोर कचरा उठान और निस्तारण का टेंडर 1980 रुपये प्रति टन रेट पर अलॉट हुआ था, पर अब नए टेंडर के एस्टिमेट के हिसाब से 2600 रुपये प्रति टन रेट बन रहा है। आरोप है कि अफसरों ने यह रेट मनमर्जी से बढ़ाया, जिससे टेंडर लेने वाले ठेकेदारों का फायदा और सरकार के राजस्व को नुकसान होगा। उन्होंने मामले की जांच की मांग की। साथ ही कहा कि जिस एजेंसी को टेंडर अलॉट हो, उससे नियमित कचरे का उठान कराया जाए और हर माह एजेंसी की पेमेंट वार्ड पार्षदों से संतुष्टि पत्र लेने के बाद ही हो।
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मौजूदा हालात-
पिछला ठेका खत्म होने के बाद करीब तीन माह से यह काम नगर निगम के जिम्मे है, पर इसके लिए नगर निगम के पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न संसाधन। इसी कारण शहर से लेकर देहात क्षेत्र में नियमित कचरा उठान नहीं हो रहा। इस तरह तीन माह से चल रही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में देरी का खामियाजा निगम क्षेत्र में बसे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन
टेंडर की प्रक्रिया और अलॉट होने पर काम नियमों के तहत कराया जाएगा।
- आयुष सिन्हा, कमिश्नर, नगर निगम।
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