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महिला की गलत रिपोर्ट बता शव परिजनों को सौंपा, संस्कार करने लगे तो कोरोना टीम ले गई शव
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कोरोना सैंपल की रिपोर्ट में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। हार्ट अटैक से भगीरथ कालोनी की 55 वर्षीय महिला की मौत के बाद रिपोर्ट गलत बता दी गई। परिवार ने संस्कार की तैयारी कर ली। जैसे ही वह शव ले जाने लगे, तो कर्मियों ने फिर रोक दिया और रिपोर्ट पॉजिटिव होने की बात कही। जिससे परिजन भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस पहुंची और उन्हें समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद नगर निगम की टीम मृतका को लेकर गई और उसका अंतिम संस्कार किया।
चार सितंबर को दिल का दौरा पड़ने पर महिला को परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां से उन्हें कोविड अस्पताल में भेज दिया गया। अगले ही दिन महिला की मौत हो गई, लेकिन उसकी कोरोना की रिपोर्ट नहीं आई थी। मृतका के बेटे राहुल ने बताया कि चार दिन से रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को दोपहर तीन बजे उन्हें बताया गया कि रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसलिए शव को ले जाएं। हमने संस्कार की तैयारी कर ली थी। जैसे ही यहां से शव को ले जाने लगे, तो स्वास्थ्य कर्मियों ने रोक दिया और कहा कि रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इसलिए शव नहीं दे सकते। नगर निगम की टीम संस्कार कराएगी। इससे पहले भी एक अन्य मृतक की रिपोर्ट में गड़बड़ी हो चुकी है। उसका शव भी परिवार के लोग लेकर चले गए थे। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और शव को वापस लेकर आए। उस समय भी हंगामा हुआ था।
महिला की जांच निजी लैब से कराई गई थी और पता भी गलत लिखा हुआ था। बाद में आईडी से मिलान किया गया, तो पता लगा कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव है। महिला के परिजनों को भी यही रिपोर्ट दी गई थी। इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं है। -डा. विजय दहिया, सिविल सर्जन।
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चार सितंबर को दिल का दौरा पड़ने पर महिला को परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां से उन्हें कोविड अस्पताल में भेज दिया गया। अगले ही दिन महिला की मौत हो गई, लेकिन उसकी कोरोना की रिपोर्ट नहीं आई थी। मृतका के बेटे राहुल ने बताया कि चार दिन से रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को दोपहर तीन बजे उन्हें बताया गया कि रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसलिए शव को ले जाएं। हमने संस्कार की तैयारी कर ली थी। जैसे ही यहां से शव को ले जाने लगे, तो स्वास्थ्य कर्मियों ने रोक दिया और कहा कि रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इसलिए शव नहीं दे सकते। नगर निगम की टीम संस्कार कराएगी। इससे पहले भी एक अन्य मृतक की रिपोर्ट में गड़बड़ी हो चुकी है। उसका शव भी परिवार के लोग लेकर चले गए थे। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और शव को वापस लेकर आए। उस समय भी हंगामा हुआ था।
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महिला की जांच निजी लैब से कराई गई थी और पता भी गलत लिखा हुआ था। बाद में आईडी से मिलान किया गया, तो पता लगा कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव है। महिला के परिजनों को भी यही रिपोर्ट दी गई थी। इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं है। -डा. विजय दहिया, सिविल सर्जन।
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