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हफ्तेभर में ठेकेदार शुरू करें काम
यमुनानगर
Updated Sun, 13 Oct 2013 05:16 PM IST
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उपायुक्त एवं नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के आयुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने नगर
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निगम कार्यालय यमुनानगर में निगम के अधिकारियों की बैठक ली और निगम के
क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के सभी
अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम के क्षेत्राधिकार में जो विकास
कार्य चल रहे हैं उन्हें हर हालत में 30 नवंबर तक पूर्ण करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कार्य अलॉट किए गए हैं यदि संबंधित ठेकेदार एक सप्ताह में कार्य शुरू नहीं करते तो उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई शुरू करें और यदि वह विकास कार्यों को समय पर पूरा नहीं करते तो ऐसे ठेकेदारों और एजेंसियों को तुरंत ब्लैक लिस्ट किया जाए।
उन्होंने दोनों शहराें में स्थित दुग्ध डेयरियों को चार स्थानाें पर बनाए गए डेयरी स्थलों में स्थापित करने के लिए भी नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में उन्होंने आईएचएसडीपी, डी-प्लान, एसजीएसआरवाई सहित शहरी क्षेत्र के लोगों के हित में चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि विकास के कार्यों में किसी प्रकार की ढील न बरती जाए और यदि कोई अधिकारी एवं कर्मचारी कोताही बरतेगा तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जो ग्राम पंचायतें और गांव नगर निगम के क्षेत्र में शामिल हुए हैं, उनकी सार्वजनिक संपत्ति जैसे भवन, दुकान आदि को नगर निगम के रिकार्ड संबंधी कागजातों में दर्ज करने का कार्य शीघ्र पूरा करें। उन्हाेंने कहा कि नगर निगम के क्षेत्र में सड़कों पर वाहनों को खड़ा करने की नीति भी बनाई जा रही है।
इसके साथ-साथ उन्होंने रेहड़ी वालों को उचित स्थान देने, मीट मार्केट, स्लॉटर हाउस व सुलभ शौचालयों के साथ नाइट शेल्टर (रैन बसेरे) बनाने के बारे में भी नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा की।
इस मौके पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त एवं जगाधरी के उपमंडलाधीश डा. आदित्य दहिया, ईओ विजय पाल, कार्यकारी अभियंता डीके मंगला, एमईएनके जिंदल, पंकज और राजबीर सैनी सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कार्य अलॉट किए गए हैं यदि संबंधित ठेकेदार एक सप्ताह में कार्य शुरू नहीं करते तो उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई शुरू करें और यदि वह विकास कार्यों को समय पर पूरा नहीं करते तो ऐसे ठेकेदारों और एजेंसियों को तुरंत ब्लैक लिस्ट किया जाए।
उन्होंने दोनों शहराें में स्थित दुग्ध डेयरियों को चार स्थानाें पर बनाए गए डेयरी स्थलों में स्थापित करने के लिए भी नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में उन्होंने आईएचएसडीपी, डी-प्लान, एसजीएसआरवाई सहित शहरी क्षेत्र के लोगों के हित में चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि विकास के कार्यों में किसी प्रकार की ढील न बरती जाए और यदि कोई अधिकारी एवं कर्मचारी कोताही बरतेगा तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जो ग्राम पंचायतें और गांव नगर निगम के क्षेत्र में शामिल हुए हैं, उनकी सार्वजनिक संपत्ति जैसे भवन, दुकान आदि को नगर निगम के रिकार्ड संबंधी कागजातों में दर्ज करने का कार्य शीघ्र पूरा करें। उन्हाेंने कहा कि नगर निगम के क्षेत्र में सड़कों पर वाहनों को खड़ा करने की नीति भी बनाई जा रही है।
इसके साथ-साथ उन्होंने रेहड़ी वालों को उचित स्थान देने, मीट मार्केट, स्लॉटर हाउस व सुलभ शौचालयों के साथ नाइट शेल्टर (रैन बसेरे) बनाने के बारे में भी नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा की।
इस मौके पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त एवं जगाधरी के उपमंडलाधीश डा. आदित्य दहिया, ईओ विजय पाल, कार्यकारी अभियंता डीके मंगला, एमईएनके जिंदल, पंकज और राजबीर सैनी सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।