{"_id":"626312844897ef7abe2af16d","slug":"contract-electrical-worker-yamuna-nagar-news-knl1058134176","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुबंधित विद्युत कर्मचारी प्रदर्शन कर बोले- काम में जोखिम ज्यादा और वेतन कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुबंधित विद्युत कर्मचारी प्रदर्शन कर बोले- काम में जोखिम ज्यादा और वेतन कम
विज्ञापन
जगाधरी। बिजली निगम के पदों पर समायोजित करने समेत विभिन्न मांगों के संबंध में अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ (संबंधित भारतीय मजदूर संघ) के कर्मचारियों ने जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके काम में जोखिम अधिक है, उसकी तुलना में उन्हें वेतन कम दिया जाता है। साथ ही जगाधरी एसडीएम को सीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदेश के प्रेस सचिव जसविंद्र दूहन ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुचारू रखने में अनुबंधित कर्मचारी जान जोखिम में डाल काम करते हैं। इन्होंने कोरोना जैसी महामारी में भी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। काफी संख्या में अनुबंधित कर्मचारियों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों कर्मचारी हादसे में शरीर के अंग गवा चुके हैं। जोखिम भरे काम और बढ़ती महंगाई में भी अनुबंधित कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है। इन्हें मिलने वाली सुविधाएं भी नाममात्र है। न तो किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा मिल रही है और ना ही उच्च क्वालिटी के सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं। इन्हें लेकर संगठन ने प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपे हैं। इसमें सरकार से कोशल रोजगार निगम के जरिए अनुबंधित कर्मचारियों को बिजली निगम के पदों पर समायोजित करने की मांग की गई।
जिला अध्यक्ष पवन की अगुवाई में वक्ताओं ने कहा कि 21000 से अधिक वेतन होने पर कर्मचारियों को ईएसआई सुविधा नहीं मिल रही। यह लाभ उन्हें दिया जाए। अभी काम करते हुए हादसा होने पर इलाज का खर्च कर्मचारियों को खुद से करना पड़ता है। मांग है कि विभागीय कार्य करते समय हादसा होने पर अनुबंधित कर्मचारियों का इलाज कैशलेस कराया जाए। हादसे में मृत्यु होने या स्थाई विकलांगता होने पर स्थाई कर्मचारी के समकक्ष मुआवजा और परिवार को एक्सग्रेशिया पॉलिसी के तहत नौकरी दी जाए। जोखिम भरे कार्य को देखते हुए नगर निगम व दमकल के अनुबंधित कर्मचारियों की तर्ज पर रिस्क एलाउंस दिया जाए। अगर सरकार जल्द संगठन से वार्ता कर उक्त मांगों को पूरा नहीं करती है तो संगठन जल्द प्रदेश स्तरीय बैठक कर आगामी आंदोलन की घोषणा करेगा। मौके पर जिला सचिव.राज ठाकुर, भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री आशीष धीमान, राजबीर शर्मा, संदीप सैनी, प्रिंस बिंद्रा, संदीप बालियान, मोहित, राजेश सैनी, सोनू शर्मा, संदेश सैनी, बलविंद्र राणा, रविंद्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश के प्रेस सचिव जसविंद्र दूहन ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुचारू रखने में अनुबंधित कर्मचारी जान जोखिम में डाल काम करते हैं। इन्होंने कोरोना जैसी महामारी में भी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। काफी संख्या में अनुबंधित कर्मचारियों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों कर्मचारी हादसे में शरीर के अंग गवा चुके हैं। जोखिम भरे काम और बढ़ती महंगाई में भी अनुबंधित कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है। इन्हें मिलने वाली सुविधाएं भी नाममात्र है। न तो किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा मिल रही है और ना ही उच्च क्वालिटी के सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं। इन्हें लेकर संगठन ने प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपे हैं। इसमें सरकार से कोशल रोजगार निगम के जरिए अनुबंधित कर्मचारियों को बिजली निगम के पदों पर समायोजित करने की मांग की गई।
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष पवन की अगुवाई में वक्ताओं ने कहा कि 21000 से अधिक वेतन होने पर कर्मचारियों को ईएसआई सुविधा नहीं मिल रही। यह लाभ उन्हें दिया जाए। अभी काम करते हुए हादसा होने पर इलाज का खर्च कर्मचारियों को खुद से करना पड़ता है। मांग है कि विभागीय कार्य करते समय हादसा होने पर अनुबंधित कर्मचारियों का इलाज कैशलेस कराया जाए। हादसे में मृत्यु होने या स्थाई विकलांगता होने पर स्थाई कर्मचारी के समकक्ष मुआवजा और परिवार को एक्सग्रेशिया पॉलिसी के तहत नौकरी दी जाए। जोखिम भरे कार्य को देखते हुए नगर निगम व दमकल के अनुबंधित कर्मचारियों की तर्ज पर रिस्क एलाउंस दिया जाए। अगर सरकार जल्द संगठन से वार्ता कर उक्त मांगों को पूरा नहीं करती है तो संगठन जल्द प्रदेश स्तरीय बैठक कर आगामी आंदोलन की घोषणा करेगा। मौके पर जिला सचिव.राज ठाकुर, भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री आशीष धीमान, राजबीर शर्मा, संदीप सैनी, प्रिंस बिंद्रा, संदीप बालियान, मोहित, राजेश सैनी, सोनू शर्मा, संदेश सैनी, बलविंद्र राणा, रविंद्र मौजूद रहे।
विज्ञापन