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ट्रेनों में सीटों की मारामारी, तत्काल टिकट के लिए स्टेशन पर गुजर रही रात
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दिवाली और छठ जैसे महापर्व अपनों के साथ मनाने की लोगों की तमन्ना टेढ़ी खीर साबित हो रही है। कारण रेल गाड़ियों में सीट न मिलना। सीजन में सभी ट्रेनें फुल चल रही हैं। इन दिनों किसी ट्रेन में सीट नहीं है। वहीं वेटिंग लिस्ट भी काफी लंबी है। इसके अलावा कई गाड़ियों में वेटिंग भी खत्म हो चुकी है। ऐसे में लोगों को केवल तत्काल का सहारा है। लेकिन तत्काल के लिए भी लोगों की लंबी लाइन है और नंबर आते आते तत्काल कोटा भी खत्म हो जाता है। जिससे लोगों को निराशा हाथ में लग रही है। ऐसे में लोग सबसे पहले तत्काल आरक्षण के लिए रात को ही केंद्रों के बाहर लाइन लगा रहे हैं।
रात में लाइन लगाकर पर्ची पर लिखा जाता है नाम
त्योहार पर घर जाने के लिए ट्रेन में सीटों की मारोमार हो रही है। तत्काल के लिए लोग रात को ही आरक्षण के लिए केंद्रों के सामने जमा हो जाते हैं। जो सबसे पहले आता है उसका नंबर सबसे आगे रहता है। इसके लिए बकायदा पहुंचे लोगों द्वारा लिस्ट तैयार की जाती है। जैसे जैसे लोग पहुंचते रहते हैं क्रमानुसार उनका नाम लिख दिया जाता है। फिर केंद्र खुलने पर हॉल में इसी क्रम में लाइन लगाई जाती है।
इनमें यह लंबी वेटिंग लिस्ट और नो रूम स्टेट
जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस वेटिंग 150, अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस वेटिंग 190, अमृतसर हावड़ा मेल वेटिंग 165, फिरोजपुर-धनबाद गंगा सतलुज एक्सप्रेस तीन दिन नो रूम और वेटिंग 200 के पार, चंडीगढ़ लखनऊ एक्सप्रेस वेटिंग सवा सौ, चंडीगढ़ लखनऊ सद्भावना सुपरफास्ट, जम्मूतवी हावड़ा हिमगिरी मेल, अमरनाथ एक्सप्रेस वेटिंग 150 के पार है। अंबाला मुज्जफरपुर हरिहरनाथ एक्सप्रेस में भी कोई सीट नहीं है। वहीं अमृतसर टाटा एक्सप्रेस में दो दिन नौ रूम स्टेटस है। इसके अलावा अमृतसर बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, अमृतसर मुंबई गोल्डन टैंपल मेल में भी वेटिंग स्टेटस है।
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स्पेशल ट्रेनों का भी नहीं मिल रहा लाभ
रेलवे की ओर से त्योहार में चार स्पेशल ट्रेन चलाई हैं। जो यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर रूकेंगी। वाराणसी-बठिंडा स्पेशल 04997-98 वाराणसी-बठिंडा स्पेशल, लखनऊ-नंगलडैम स्पेशल 04501-02 नंगलडैम लखनऊ स्पेशल, गोरखपुर-चंडीगढ़ स्पेशल, 04923-24 गोरखपुर-चंडीगढ़ स्पेशल इसके माता श्रीवैष्णो देवी कटरा-आनंद विहार का भी लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ तो यह गाड़ियां सप्ताहिक हैं और कुछ इसकी जानकारी नहीं है। जिससे यात्री इसमें सीट नहीं ले रहे हैं।
त्योहार पर एक लाख से ज्यादा लोग करते हैं सफर
यमुनानगर जिले में लाखों प्रवासी काम करते हैं। अधिकांश पूर्वोतर भारत के राज्यों से हैं। जो यहां प्लाईवुड, बर्तन फैक्टरी, फेबरिकेशन सहित अन्य कारखानों में काम करते हैं। जो त्यौहारों पर अपने पैतृक घर जाते हैं। दीपावली व छठ पर करीब एक लाख से अधिक लोग इस स्टेशन से अपने घरों के लिए सफर करते हैं।
त्योहारों को देखते हुए रेलवे की ओर से विभिन्न स्टेशनों व रूट से ट्रेनें चलाई गई हैं। लेकिन फिर भी लोगों का भारी रश है। स्पेशल गाड़ियों में लोग आरक्षण नहीं ले रहे हैं।
एसके जोशी, स्टेशन अधीक्षक, यमुनानगर-जगाधरी।
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रात में लाइन लगाकर पर्ची पर लिखा जाता है नाम
त्योहार पर घर जाने के लिए ट्रेन में सीटों की मारोमार हो रही है। तत्काल के लिए लोग रात को ही आरक्षण के लिए केंद्रों के सामने जमा हो जाते हैं। जो सबसे पहले आता है उसका नंबर सबसे आगे रहता है। इसके लिए बकायदा पहुंचे लोगों द्वारा लिस्ट तैयार की जाती है। जैसे जैसे लोग पहुंचते रहते हैं क्रमानुसार उनका नाम लिख दिया जाता है। फिर केंद्र खुलने पर हॉल में इसी क्रम में लाइन लगाई जाती है।
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इनमें यह लंबी वेटिंग लिस्ट और नो रूम स्टेट
जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस वेटिंग 150, अमृतसर हावड़ा एक्सप्रेस वेटिंग 190, अमृतसर हावड़ा मेल वेटिंग 165, फिरोजपुर-धनबाद गंगा सतलुज एक्सप्रेस तीन दिन नो रूम और वेटिंग 200 के पार, चंडीगढ़ लखनऊ एक्सप्रेस वेटिंग सवा सौ, चंडीगढ़ लखनऊ सद्भावना सुपरफास्ट, जम्मूतवी हावड़ा हिमगिरी मेल, अमरनाथ एक्सप्रेस वेटिंग 150 के पार है। अंबाला मुज्जफरपुर हरिहरनाथ एक्सप्रेस में भी कोई सीट नहीं है। वहीं अमृतसर टाटा एक्सप्रेस में दो दिन नौ रूम स्टेटस है। इसके अलावा अमृतसर बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, अमृतसर मुंबई गोल्डन टैंपल मेल में भी वेटिंग स्टेटस है।
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स्पेशल ट्रेनों का भी नहीं मिल रहा लाभ
रेलवे की ओर से त्योहार में चार स्पेशल ट्रेन चलाई हैं। जो यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर रूकेंगी। वाराणसी-बठिंडा स्पेशल 04997-98 वाराणसी-बठिंडा स्पेशल, लखनऊ-नंगलडैम स्पेशल 04501-02 नंगलडैम लखनऊ स्पेशल, गोरखपुर-चंडीगढ़ स्पेशल, 04923-24 गोरखपुर-चंडीगढ़ स्पेशल इसके माता श्रीवैष्णो देवी कटरा-आनंद विहार का भी लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ तो यह गाड़ियां सप्ताहिक हैं और कुछ इसकी जानकारी नहीं है। जिससे यात्री इसमें सीट नहीं ले रहे हैं।
त्योहार पर एक लाख से ज्यादा लोग करते हैं सफर
यमुनानगर जिले में लाखों प्रवासी काम करते हैं। अधिकांश पूर्वोतर भारत के राज्यों से हैं। जो यहां प्लाईवुड, बर्तन फैक्टरी, फेबरिकेशन सहित अन्य कारखानों में काम करते हैं। जो त्यौहारों पर अपने पैतृक घर जाते हैं। दीपावली व छठ पर करीब एक लाख से अधिक लोग इस स्टेशन से अपने घरों के लिए सफर करते हैं।
त्योहारों को देखते हुए रेलवे की ओर से विभिन्न स्टेशनों व रूट से ट्रेनें चलाई गई हैं। लेकिन फिर भी लोगों का भारी रश है। स्पेशल गाड़ियों में लोग आरक्षण नहीं ले रहे हैं।
एसके जोशी, स्टेशन अधीक्षक, यमुनानगर-जगाधरी।