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Yamuna Nagar News: 400 गाड़ियों का दावा, फिर भी धान उठान की रफ्तार धीमी
Sun, 18 Oct 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:35 AM IST
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धीमा उठान होने से धान से अटी जगाधरी अनाज मंडी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन उठान धीमा होने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। विभाग की ओर से धान उठान के लिए 400 गाड़ियां लगाने का दावा किया जा रहा है, जबकि किसान नेताओं का कहना है कि मंडियों में इसकी आधी गाड़ियां भी नजर नहीं आ रही हैं।
उठान की धीमी गति के कारण धान के ढेर लगे हैं और किसानों को फसल सुखाने तक के लिए जगह नहीं मिल रही है। भारतीय किसान यूनियन रतनमान के जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र सिंह और भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि मंडियों में धान का उठान बेहद धीमी गति से हो रहा है।
इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में जगह की कमी के चलते सड़कों पर भी धान सुखाने की जगह नहीं बची है। ऐसे में किसान मजबूरी में इधर-उधर धान सुखा रहे हैं।
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जिले की 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,84,038 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 1,56,133 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। खरीदे गए धान में से 83,328 मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया है। यह कुल खरीदे गए धान का 53.37 प्रतिशत है।
करीब 72,805 मीट्रिक टन खरीदा गया धान अभी भी मंडियों में उठान का इंतजार कर रहा है। वहीं, किसानों को अब तक 167.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। खरीद के मुकाबले उठान की धीमी गति मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने में चुनौती बन रही है।
मौसम बिगड़ा तो बढ़ सकती है परेशानी
किसान नेताओं का कहना है कि मौसम कभी भी दोबारा खराब हो सकता है। ऐसे में खुले में पड़ा धान बारिश की चपेट में आ सकता है। इससे किसानों को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि मंडियों से धान का उठान तेज किया जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल रखने और सुखाने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। विभाग को गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था को भी दुरुस्त करना चाहिए। केवल गाड़ियों की संख्या का दावा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
मंडियों से धान उठान के लिए 400 ट्रक लगाए गए हैं। सभी जीपीएस लोकेशन से लैस हैं। 54 प्रतिशत से अधिक धान का उठान हो चुका है। जल्द ही बाकी का धान भी उठ जाएगा।- नितिश सिंगला, डीएफएससी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन उठान धीमा होने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। विभाग की ओर से धान उठान के लिए 400 गाड़ियां लगाने का दावा किया जा रहा है, जबकि किसान नेताओं का कहना है कि मंडियों में इसकी आधी गाड़ियां भी नजर नहीं आ रही हैं।
उठान की धीमी गति के कारण धान के ढेर लगे हैं और किसानों को फसल सुखाने तक के लिए जगह नहीं मिल रही है। भारतीय किसान यूनियन रतनमान के जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र सिंह और भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि मंडियों में धान का उठान बेहद धीमी गति से हो रहा है।
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इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में जगह की कमी के चलते सड़कों पर भी धान सुखाने की जगह नहीं बची है। ऐसे में किसान मजबूरी में इधर-उधर धान सुखा रहे हैं।
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जिले की 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,84,038 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 1,56,133 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। खरीदे गए धान में से 83,328 मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया है। यह कुल खरीदे गए धान का 53.37 प्रतिशत है।
करीब 72,805 मीट्रिक टन खरीदा गया धान अभी भी मंडियों में उठान का इंतजार कर रहा है। वहीं, किसानों को अब तक 167.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। खरीद के मुकाबले उठान की धीमी गति मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने में चुनौती बन रही है।
मौसम बिगड़ा तो बढ़ सकती है परेशानी
किसान नेताओं का कहना है कि मौसम कभी भी दोबारा खराब हो सकता है। ऐसे में खुले में पड़ा धान बारिश की चपेट में आ सकता है। इससे किसानों को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि मंडियों से धान का उठान तेज किया जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल रखने और सुखाने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। विभाग को गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था को भी दुरुस्त करना चाहिए। केवल गाड़ियों की संख्या का दावा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
मंडियों से धान उठान के लिए 400 ट्रक लगाए गए हैं। सभी जीपीएस लोकेशन से लैस हैं। 54 प्रतिशत से अधिक धान का उठान हो चुका है। जल्द ही बाकी का धान भी उठ जाएगा।- नितिश सिंगला, डीएफएससी, यमुनानगर।

धीमा उठान होने से धान से अटी जगाधरी अनाज मंडी। संवाद