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Yamuna Nagar News: नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों ने 17 घंटे की सर्जरी
Sun, 11 Feb 2024 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 11 Feb 2024 03:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कुछ माह बाद 13 साल का तुषार भी अपने दोनों पांवों पर ठीक से न केवल खड़ा हो सकेगा बल्कि दौड़ेगा भी। अब तुषार और सामान्य बच्चों में कोई अंतर नहीं रहेगा। इसके लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों को तुषार के दोनों पांवों की 17 घंटे की बहुत ही जटिल सर्जरी करनी पड़ी।
इलिजारोव तकनीक से पीजीआई या मेडिकल कॉलेजों में तो सर्जरी होती रही है, लेकिन किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तकनीक से पहली बार सर्जरी की गई है। डॉक्टरों की टीम को पूरा विश्वास है कि उनकी मेहनत और तुषार के परिजनों की दुआएं जरूर रंग लाएगी और वह सामान्य बच्चों की तरह अपना जीवन जी सकेगा।
शहर निवासी तुषार अपने दोनों पांव की एडी उठाकर चलता था। बचपन में ही उसके दोनों पांव अंदर की तरफ मुड़ने लगे। माता-पिता ने शुरूआत में इस पर ध्यान नहीं दिया। जब वह ठीक से चलने में असमर्थ होने लगा तो परिजनों ने उसे गंभीरता से लिया और डॉक्टरों के पास चेकअप के लिए लेकर गए।
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वह उसे लेकर पीजीआई चंडीगढ़ तक गए, लेकिन कहीं से भी बच्चे को आराम नहीं लगा। यहां तक की पांवों पर प्लास्टर करके भी सीधा करने का प्रयास किया गया था। कुछ समय पहले माता-पिता तुषार को लेकर मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में डॉ. अनुराग गुप्ता के पास गए। जांच के बाद उन्होंने तुषार की सर्जरी करने का निर्णय लिया।
डॉ. अनुराग गुप्ता ने बताया कि इलिजारोव तकनीक से तीन चरणों में सर्जरी की गई। इस तकनीक में तार का हड्डियों से निकाला जाता है। डेढ़ से दो माह बाद इन्हें हड्डियों से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद उसे विशेष स्पेशल जूते पहनने पड़ेंगे। करीब छह माह में वह ठीक से चलने लगेगा।
आयुष्मान योजना बनी सहारा
आयुष्मान योजना के तहत तुषार के उपचार का सारा खर्च हुआ है। तुषार का सरकार की तरफ से आयुष्मान कार्ड बनाया हुआ है। ज्ञात हो कि आयुष्मान योजना के तहत साल में पांच लाख रुपये तक का उपचार किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में कराया जा सकता है।
सर्जरी में इनका भी रहा सहयोग
इस सर्जरी में डॉ. अनूप गोयल, डॉ. अंकित, डॉ. तनुश्री के अलावा ओटी के नर्सिंग स्टाफ किरण, रूबिना, अविनाश, मनप्रीत, रेखा, ओटीए बाल कृष्ण, जितेंद्र, राजेश, गुरप्रीत, राजिंद्र, शौभित, कर्ण का सहयोग रहा।
अस्पताल में अनुभवी डॉक्टर : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल में अनुभवी डॉक्टर हैं। इस तकनीक से सर्जरी होना हमारे अस्पताल के लिए अच्छी बात है। तुषार अपने पांवों पर जरूर खड़ा हो सकेगा। इसके लिए वह डॉ. अनुराग गुप्ता समेत सभी डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को बधाई देती हैं।
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यमुनानगर। कुछ माह बाद 13 साल का तुषार भी अपने दोनों पांवों पर ठीक से न केवल खड़ा हो सकेगा बल्कि दौड़ेगा भी। अब तुषार और सामान्य बच्चों में कोई अंतर नहीं रहेगा। इसके लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों को तुषार के दोनों पांवों की 17 घंटे की बहुत ही जटिल सर्जरी करनी पड़ी।
इलिजारोव तकनीक से पीजीआई या मेडिकल कॉलेजों में तो सर्जरी होती रही है, लेकिन किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तकनीक से पहली बार सर्जरी की गई है। डॉक्टरों की टीम को पूरा विश्वास है कि उनकी मेहनत और तुषार के परिजनों की दुआएं जरूर रंग लाएगी और वह सामान्य बच्चों की तरह अपना जीवन जी सकेगा।
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शहर निवासी तुषार अपने दोनों पांव की एडी उठाकर चलता था। बचपन में ही उसके दोनों पांव अंदर की तरफ मुड़ने लगे। माता-पिता ने शुरूआत में इस पर ध्यान नहीं दिया। जब वह ठीक से चलने में असमर्थ होने लगा तो परिजनों ने उसे गंभीरता से लिया और डॉक्टरों के पास चेकअप के लिए लेकर गए।
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वह उसे लेकर पीजीआई चंडीगढ़ तक गए, लेकिन कहीं से भी बच्चे को आराम नहीं लगा। यहां तक की पांवों पर प्लास्टर करके भी सीधा करने का प्रयास किया गया था। कुछ समय पहले माता-पिता तुषार को लेकर मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में डॉ. अनुराग गुप्ता के पास गए। जांच के बाद उन्होंने तुषार की सर्जरी करने का निर्णय लिया।
डॉ. अनुराग गुप्ता ने बताया कि इलिजारोव तकनीक से तीन चरणों में सर्जरी की गई। इस तकनीक में तार का हड्डियों से निकाला जाता है। डेढ़ से दो माह बाद इन्हें हड्डियों से निकाल दिया जाएगा। इसके बाद उसे विशेष स्पेशल जूते पहनने पड़ेंगे। करीब छह माह में वह ठीक से चलने लगेगा।
आयुष्मान योजना बनी सहारा
आयुष्मान योजना के तहत तुषार के उपचार का सारा खर्च हुआ है। तुषार का सरकार की तरफ से आयुष्मान कार्ड बनाया हुआ है। ज्ञात हो कि आयुष्मान योजना के तहत साल में पांच लाख रुपये तक का उपचार किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में कराया जा सकता है।
सर्जरी में इनका भी रहा सहयोग
इस सर्जरी में डॉ. अनूप गोयल, डॉ. अंकित, डॉ. तनुश्री के अलावा ओटी के नर्सिंग स्टाफ किरण, रूबिना, अविनाश, मनप्रीत, रेखा, ओटीए बाल कृष्ण, जितेंद्र, राजेश, गुरप्रीत, राजिंद्र, शौभित, कर्ण का सहयोग रहा।
अस्पताल में अनुभवी डॉक्टर : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल में अनुभवी डॉक्टर हैं। इस तकनीक से सर्जरी होना हमारे अस्पताल के लिए अच्छी बात है। तुषार अपने पांवों पर जरूर खड़ा हो सकेगा। इसके लिए वह डॉ. अनुराग गुप्ता समेत सभी डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को बधाई देती हैं।