{"_id":"61f438476b03a74bc5747611","slug":"civic-yamuna-nagar-news-knl973036142","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो माह बाद भी नहीं हुए सड़क सुरक्षा के कार्य, सुस्त चाल पर उठ रहे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो माह बाद भी नहीं हुए सड़क सुरक्षा के कार्य, सुस्त चाल पर उठ रहे सवाल
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नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत रोड सेफ्टी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर चरितार्थ होती है। तभी तो नवंबर माह में हुई पिछली बैठक के दो माह बाद भी रोड कट और जरूरी सड़कों की मरम्मतीकरण का कार्य भी नहीं किया जा सका है। इससे न सिर्फ आमजन को आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि हादसों का भी खतरा रहता है। यही कारण है कि शुक्रवार को हुई रोड सेफ्टी की मीटिंग में नगर विधायक और उपायुक्त ने जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। साथ ही जरूरी कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने और अगली बैठक में प्रगति रिपोर्ट साथ लाने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा की बैठक शुक्रवार को जिला सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में डीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पहली बार ज्यादातर अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। कांफ्रेंस हाल में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के अलावा एसपी कमलदीप गोयल, जिला परिवहन अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र, एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजकुमार, जिला वन अधिकारी सूरजभान, निगम एक्सईएन रवि ओबराय के अलावा एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, डीईओ सतपाल कौशिक, रोडवेज जीएम बालकराम, डिप्टी डीईईओ पिरथी सैनी आदि ऑनलाइन जुड़े।
इस दौरान नगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि नवंबर माह में जब सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक हुई थी तो उसमें शहरी क्षेत्र में कुछ छोटे-छोटे काम बताए गए थे, जिनमें सड़कों के रोड कटों की मरम्मत करने तथा सड़कों के गड्ढे भरने जैसे काम शामिल थे, क्योंकि इनकी वजह से काफी हादसे हो रहे हैं। बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सप्ताह भर में उन्हें ठीक कर दिया जाएगा, परंतु ऐसा नहीं हुआ। रोड कट कम होने की बजाय बढ़ गए। विधायक ने बताया कि कन्हैया साहिब चौक से बिजली निगम के एसई कार्यालय को जाने वाली सड़क पर दो रोड कट हैं। इसी तरह माडल टाउन में भी कट हैं। मधु रोड से नेहरू पार्क के मोड़ पर सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। कार्यों में हुई लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
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कन्हैया साहिब चौक से जगाधरी बस स्टैंड तक पानी निकासी के लिए सड़क के एक तरफ गहरी पाइप लाइन डाली जा रही है। एसपी कमलदीप गोयल ने बैठक में कहा कि खुदाई के बाद मिट्टी को सड़क के बीच में ही डाला जा रहा है। इतना ही नहीं मेनहोल बनाने के लिए जो ईंटे मंगवाई थी वह भी सड़क पर ही उतार दी गई। इससे सड़क पर हर समय जाम लग रहा है। यदि अधिकारी चाहते तो मिट्टी को सड़क के दूसरी तरफ भी डलवा सकते थे। सड़क पर लग रहे जाम की वजह से ही इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि को दूसरे रास्ते से ले जाया गया। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजकुमार ने एसपी को बताया कि करीब 15 दिन अभी यह काम और चलना है। पाइप डालने के बाद मिट्टी को तुरंत सड़क से उठवा दिया जाएगा। एसपी ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे गए कम चालान पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, ओवर स्पीड व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए।
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया को पिछली बैठक में जो काम दिए गए थे, उनमें से अधिकतर इस बार भी अधूरे रहे। जगाधरी बस स्टैंड के सामने डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक से लेकर पौंटा साहिब नेशनल हाईवे तक कोई काम नहीं हुआ, जबकि हाईवे पर जेबरा क्रॉसिंग, कैटआई, सफेद पट्टी, गड्ढों को भरने की सख्त जरूरत है। हाईवे पर लोगों ने जगह-जगह अवैध कट बना लिए हैं। जब नेशनल हाईवे की ऐसी हालत हो तो अन्य सड़कों पर सफर की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
पहले रोड सेफ्टी की बैठक दिसंबर में होनी थी, परंतु अधिकारियों द्वारा काम नहीं कराए जाने के चलते उन्होंने बैठक को रद्द कर दिया था। इस बार बैठक में ज्यादातर अधिकारियों ने बजट न होने तथा खराब मौसम के बहाने बनाए। बैठक में शहर की खराब ट्रैफिक कंट्रोल लाइट, ऊंचे-नीचे बरम जैसे मुद्दे सालों से उठ रहे हैं। इससे पता चलता है कि संबंधित विभागों के अधिकारी छोटे-छोटे काम भी नहीं करवा पा रहे हैं।
डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि सड़क सुरक्षा की बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कई अधिकारियों ने समय सीमा में काम पूरे करने की बात कही है। समय बीतने पर उनसे रिपोर्ट ली जाती है। इसके अलावा खुद भी डीटीओ के साथ मुआयना करते हैं। काम नहीं करने वालों से अगली मीटिंग में रिपोर्ट ली जाएगी।
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सड़क सुरक्षा की बैठक शुक्रवार को जिला सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में डीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पहली बार ज्यादातर अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। कांफ्रेंस हाल में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के अलावा एसपी कमलदीप गोयल, जिला परिवहन अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र, एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजकुमार, जिला वन अधिकारी सूरजभान, निगम एक्सईएन रवि ओबराय के अलावा एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, डीईओ सतपाल कौशिक, रोडवेज जीएम बालकराम, डिप्टी डीईईओ पिरथी सैनी आदि ऑनलाइन जुड़े।
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इस दौरान नगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि नवंबर माह में जब सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक हुई थी तो उसमें शहरी क्षेत्र में कुछ छोटे-छोटे काम बताए गए थे, जिनमें सड़कों के रोड कटों की मरम्मत करने तथा सड़कों के गड्ढे भरने जैसे काम शामिल थे, क्योंकि इनकी वजह से काफी हादसे हो रहे हैं। बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सप्ताह भर में उन्हें ठीक कर दिया जाएगा, परंतु ऐसा नहीं हुआ। रोड कट कम होने की बजाय बढ़ गए। विधायक ने बताया कि कन्हैया साहिब चौक से बिजली निगम के एसई कार्यालय को जाने वाली सड़क पर दो रोड कट हैं। इसी तरह माडल टाउन में भी कट हैं। मधु रोड से नेहरू पार्क के मोड़ पर सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। कार्यों में हुई लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
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कन्हैया साहिब चौक से जगाधरी बस स्टैंड तक पानी निकासी के लिए सड़क के एक तरफ गहरी पाइप लाइन डाली जा रही है। एसपी कमलदीप गोयल ने बैठक में कहा कि खुदाई के बाद मिट्टी को सड़क के बीच में ही डाला जा रहा है। इतना ही नहीं मेनहोल बनाने के लिए जो ईंटे मंगवाई थी वह भी सड़क पर ही उतार दी गई। इससे सड़क पर हर समय जाम लग रहा है। यदि अधिकारी चाहते तो मिट्टी को सड़क के दूसरी तरफ भी डलवा सकते थे। सड़क पर लग रहे जाम की वजह से ही इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि को दूसरे रास्ते से ले जाया गया। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजकुमार ने एसपी को बताया कि करीब 15 दिन अभी यह काम और चलना है। पाइप डालने के बाद मिट्टी को तुरंत सड़क से उठवा दिया जाएगा। एसपी ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे गए कम चालान पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, ओवर स्पीड व शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए।
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया को पिछली बैठक में जो काम दिए गए थे, उनमें से अधिकतर इस बार भी अधूरे रहे। जगाधरी बस स्टैंड के सामने डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक से लेकर पौंटा साहिब नेशनल हाईवे तक कोई काम नहीं हुआ, जबकि हाईवे पर जेबरा क्रॉसिंग, कैटआई, सफेद पट्टी, गड्ढों को भरने की सख्त जरूरत है। हाईवे पर लोगों ने जगह-जगह अवैध कट बना लिए हैं। जब नेशनल हाईवे की ऐसी हालत हो तो अन्य सड़कों पर सफर की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
पहले रोड सेफ्टी की बैठक दिसंबर में होनी थी, परंतु अधिकारियों द्वारा काम नहीं कराए जाने के चलते उन्होंने बैठक को रद्द कर दिया था। इस बार बैठक में ज्यादातर अधिकारियों ने बजट न होने तथा खराब मौसम के बहाने बनाए। बैठक में शहर की खराब ट्रैफिक कंट्रोल लाइट, ऊंचे-नीचे बरम जैसे मुद्दे सालों से उठ रहे हैं। इससे पता चलता है कि संबंधित विभागों के अधिकारी छोटे-छोटे काम भी नहीं करवा पा रहे हैं।
डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि सड़क सुरक्षा की बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कई अधिकारियों ने समय सीमा में काम पूरे करने की बात कही है। समय बीतने पर उनसे रिपोर्ट ली जाती है। इसके अलावा खुद भी डीटीओ के साथ मुआयना करते हैं। काम नहीं करने वालों से अगली मीटिंग में रिपोर्ट ली जाएगी।