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शहर रहा सूखा और ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/ प्रताप नगर । मानसून का इंतजार कर रहे शहरवासियों को बारिश के दर्शन नहीं हुए। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद जमकर बारिश हुई। छछरौली में जहां हल्की बारिश हुई तो प्रतापनगर में जमकर बादल बरसे। प्रतापनगर में करीब दस एमएम बारिश हुई।
प्रताप नगर में पानी निकासी का प्रबंध नहीं होने से कई क्षेत्र जलमग्न हो गए। अनाज मंडी गेट, थाना प्रताप नगर, कुटीपुर पर रोड, पावंटा साहिब रोड, खिजरी रोड आदि सभी जगहों पर बने नाले ओवरफ्लो होने की वजह से बारिश के पानी ने तालाब का रूप धारण कर लिया। सड़कें और अन्य सार्वजनिक स्थान जलमग्न होने से कस्बावासियों व राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रताप नगर में नेशनल हाईवे के किनारे बने वर्षों पुराने नाले में पानी निकासी की समस्या काफी पुरानी है और हर साल बरसात के सीजन में पानी निकासी के लिए थोड़ा बहुत नाले की सफाई का काम भी किया जाता है। पानी निकासी का स्थाई प्रबंध नहीं हो पाया है। इससे बारिश का थोड़ा सा पानी भी नेशनल हाईवे पर लघु तालाब बन जाता है। कस्बा वासियों और स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन से कस्बा प्रताप नगर में पानी निकासी के स्थाई प्रबंध करने की मांग की है।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंदर सिंह का कहना है कि मानसून लेट आया है, लेकिन अच्छी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि धान की फसल जरूर प्रभावित हुई है, लेकिन अगर पूरे जिले में बारिश आती है तो फसल में कोई नुकसान नहीं होगा।
शहर में केवल बादल छाए
प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर जिले में होती है। जून के आखिरी सप्ताह में ही बारिश शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून 15 से 20 दिन तक लेट हो गया है। मौसम विभाग ने दस जुलाई को बारिश बताई थी, लेकिन 11 जुलाई का दिन भी निकल गया। ऐसे में शहर के लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
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यमुनानगर/ प्रताप नगर । मानसून का इंतजार कर रहे शहरवासियों को बारिश के दर्शन नहीं हुए। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद जमकर बारिश हुई। छछरौली में जहां हल्की बारिश हुई तो प्रतापनगर में जमकर बादल बरसे। प्रतापनगर में करीब दस एमएम बारिश हुई।
प्रताप नगर में पानी निकासी का प्रबंध नहीं होने से कई क्षेत्र जलमग्न हो गए। अनाज मंडी गेट, थाना प्रताप नगर, कुटीपुर पर रोड, पावंटा साहिब रोड, खिजरी रोड आदि सभी जगहों पर बने नाले ओवरफ्लो होने की वजह से बारिश के पानी ने तालाब का रूप धारण कर लिया। सड़कें और अन्य सार्वजनिक स्थान जलमग्न होने से कस्बावासियों व राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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प्रताप नगर में नेशनल हाईवे के किनारे बने वर्षों पुराने नाले में पानी निकासी की समस्या काफी पुरानी है और हर साल बरसात के सीजन में पानी निकासी के लिए थोड़ा बहुत नाले की सफाई का काम भी किया जाता है। पानी निकासी का स्थाई प्रबंध नहीं हो पाया है। इससे बारिश का थोड़ा सा पानी भी नेशनल हाईवे पर लघु तालाब बन जाता है। कस्बा वासियों और स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन से कस्बा प्रताप नगर में पानी निकासी के स्थाई प्रबंध करने की मांग की है।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंदर सिंह का कहना है कि मानसून लेट आया है, लेकिन अच्छी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि धान की फसल जरूर प्रभावित हुई है, लेकिन अगर पूरे जिले में बारिश आती है तो फसल में कोई नुकसान नहीं होगा।
शहर में केवल बादल छाए
प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर जिले में होती है। जून के आखिरी सप्ताह में ही बारिश शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून 15 से 20 दिन तक लेट हो गया है। मौसम विभाग ने दस जुलाई को बारिश बताई थी, लेकिन 11 जुलाई का दिन भी निकल गया। ऐसे में शहर के लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।