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Yamuna Nagar News: हैक हुआ मोबाइल, खाते से कट गए 1.70 लाख रुपये
Fri, 11 Sep 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साइबर ठगों ने मोबाइल पर आए एक मैसेज के लिंक पर क्लिक करवाकर जगाधरी वर्कशॉप के आंबेडकर नगर निवासी सुरेश कुमार के खाते से 1.70 लाख रुपये निकाल लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर कर ली।
सुरेश कुमार ने शिकायत में बताया कि एक सितंबर को वह घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में एक लिंक भी दिया गया था। उसने अनजाने में लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उसका मोबाइल हैक हो गया और उसने कुछ समय तक मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर पाया।
कुछ समय बाद मोबाइल दोबारा ऑन हुआ तो उसके फोन पर बैंक खाते से रुपये निकलने के मैसेज आने शुरू हो गए। उसने जब जानकारी जुटाई तो पता चला कि साइबर ठग उसके खाते से अलग-अलग लेनदेन के जरिये कुल 1.70 लाख रुपये निकाल चुके हैं। इसके बाद उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह के मुताबिक साइबर क्राइम थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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साइबर एक्सपर्ट रजत ग्रोवर का कहना है कि साइबर ठग मैसेज में ऐसा लिंक भेजते हैं, जो फर्जी वेबसाइट या दुर्भावनापूर्ण एप तक ले जा सकता है। लिंक खोलने पर पीड़ित से बैंकिंग या निजी जानकारी भरने, एप डाउनलोड करने या कुछ अनुमति देने को कहा जा सकता है। अनुमति मिलने पर ठग मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हैं। इसके बाद वे बैंकिंग विवरण या ओटीपी का दुरुपयोग कर खाते से रकम निकाल सकते हैं।
निजी जानकारी साझा न करें : एसपी
एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि अनजान नंबर से आए किसी भी मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें। बैंक, सरकारी विभाग या किसी कंपनी के नाम से आए संदेश की भी पहले पुष्टि करें। किसी लिंक से एप डाउनलोड न करें और मोबाइल में अनजान एप को इंस्टॉल करने की अनुमति न दें। बैंक खाते, एटीएम, कार्ड, ओटीपी और पासवर्ड की जानकारी किसी से साझा न करें। ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देकर खाता या संबंधित सुविधा ब्लॉक करवाएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
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यमुनानगर। साइबर ठगों ने मोबाइल पर आए एक मैसेज के लिंक पर क्लिक करवाकर जगाधरी वर्कशॉप के आंबेडकर नगर निवासी सुरेश कुमार के खाते से 1.70 लाख रुपये निकाल लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर कर ली।
सुरेश कुमार ने शिकायत में बताया कि एक सितंबर को वह घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में एक लिंक भी दिया गया था। उसने अनजाने में लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उसका मोबाइल हैक हो गया और उसने कुछ समय तक मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर पाया।
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कुछ समय बाद मोबाइल दोबारा ऑन हुआ तो उसके फोन पर बैंक खाते से रुपये निकलने के मैसेज आने शुरू हो गए। उसने जब जानकारी जुटाई तो पता चला कि साइबर ठग उसके खाते से अलग-अलग लेनदेन के जरिये कुल 1.70 लाख रुपये निकाल चुके हैं। इसके बाद उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह के मुताबिक साइबर क्राइम थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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साइबर एक्सपर्ट रजत ग्रोवर का कहना है कि साइबर ठग मैसेज में ऐसा लिंक भेजते हैं, जो फर्जी वेबसाइट या दुर्भावनापूर्ण एप तक ले जा सकता है। लिंक खोलने पर पीड़ित से बैंकिंग या निजी जानकारी भरने, एप डाउनलोड करने या कुछ अनुमति देने को कहा जा सकता है। अनुमति मिलने पर ठग मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हैं। इसके बाद वे बैंकिंग विवरण या ओटीपी का दुरुपयोग कर खाते से रकम निकाल सकते हैं।
निजी जानकारी साझा न करें : एसपी
एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि अनजान नंबर से आए किसी भी मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें। बैंक, सरकारी विभाग या किसी कंपनी के नाम से आए संदेश की भी पहले पुष्टि करें। किसी लिंक से एप डाउनलोड न करें और मोबाइल में अनजान एप को इंस्टॉल करने की अनुमति न दें। बैंक खाते, एटीएम, कार्ड, ओटीपी और पासवर्ड की जानकारी किसी से साझा न करें। ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देकर खाता या संबंधित सुविधा ब्लॉक करवाएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।