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बिना वकील के ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है नागरिक : बीके गोयल
Sat, 27 Jun 2026 06:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 27 Jun 2026 06:06 AM IST
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यमुनानगर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एनएचआरसी के स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने जिला सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने एनएचआरसी भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 में जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आयोग का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मानवाधिकारों की रक्षा करना और उनके उल्लंघन के मामलों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। एनएचआरसी विश्व का सबसे बड़ा मानवाधिकार आयोग है, जिसे संयुक्त राष्ट्र में नेशनल ह्यूमन राइट्स इंस्टीट्यूट के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि आयोग पूरी तरह पेपरलैस है और कोई भी नागरिक बिना वकील के ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है।
आयोग तीन माह के भीतर शिकायतों के निस्तारण का प्रयास करता है। साथ ही एससी, एसटी, महिला, उपभोक्ता सहित विभिन्न राष्ट्रीय आयोगों की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी करता है। गंभीर मामलों में आयोग स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है। गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली ट्रांसफार्मर सुरक्षित स्थान और निर्धारित ऊंचाई पर लगाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। स्कूलों में जेजे एक्ट की प्रति उपलब्ध रखने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप संवेदनशीलता से कार्य करने व पॉक्सो मामलों में तत्काल पुलिस को सूचना देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल सुधार गृह और बालकुंज में बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में सुझाव पेटी लगाने व उसका सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। श्रमिकों, कैदियों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के मानवाधिकारों की रक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा और गंभीर बीमारियों की स्थिति में भी एनएचआरसी सहायता उपलब्ध कराता है। बच्चों को गुड टच-बैड टच के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताया। उन्होंने सभी से मानवाधिकारों के संरक्षण और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया। बैठक में एसडीएम विश्वनाथ, डीएसपी रजत गुलिया, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार मौजूद रहे। संवाद
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आयोग तीन माह के भीतर शिकायतों के निस्तारण का प्रयास करता है। साथ ही एससी, एसटी, महिला, उपभोक्ता सहित विभिन्न राष्ट्रीय आयोगों की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी करता है। गंभीर मामलों में आयोग स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है। गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली ट्रांसफार्मर सुरक्षित स्थान और निर्धारित ऊंचाई पर लगाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। स्कूलों में जेजे एक्ट की प्रति उपलब्ध रखने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप संवेदनशीलता से कार्य करने व पॉक्सो मामलों में तत्काल पुलिस को सूचना देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल सुधार गृह और बालकुंज में बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में सुझाव पेटी लगाने व उसका सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। श्रमिकों, कैदियों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के मानवाधिकारों की रक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा और गंभीर बीमारियों की स्थिति में भी एनएचआरसी सहायता उपलब्ध कराता है। बच्चों को गुड टच-बैड टच के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताया। उन्होंने सभी से मानवाधिकारों के संरक्षण और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया। बैठक में एसडीएम विश्वनाथ, डीएसपी रजत गुलिया, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार मौजूद रहे। संवाद
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