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Yamuna Nagar News: चाइनीज चलन से बाहर, इस बार देश निर्मित लड़ियों की मांग
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रोशनी का त्योहार दिवाली रंग बिरंगी लाइटों के बिना अधूरा है। दिवाली में पांच दिन शेष है और घरों व प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए बाजार रंग बिरंगी लाइटों, लड़ियों व झालरों से रोशन हो गए हैं। इसकी लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं। शहर के हर बाजार में खरीदारों का तांता लगा हुआ है। अभी सबसे ज्यादा सजावट का सामान व घर रोशन करने के लिए रंग बिरंगी लाइटों की जमकर खरीददारी हो रही है। इस बार बाजार में कई तरह की लड़ियां, झालर व फैंसी लैंप उपलब्ध हैं, जो लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। लड़ियों, झालर के अलावा इलेक्ट्रॉनिक लालटेन, लैंप, बॉल्स, ब्बल्स भी लोगों की पसंद में शुमार हैं। जो लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। अभी बाजार में 25 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की लड़ियां मिल रही हैं। इसके अलावा 300 से 2000 रुपये तक के लालटेन मिल रहा है। इसमें भी खासकर गुंबदनूमा लालटेन और टेबल लैंप काफी पसंद किए जा रहे हैं। वहीं झूमर, इलेक्ट्रॉनिक एयर बैल, लटकन की भी जमकर बिक्री हो रही है। दुकानदारों का मानना है कि दिवाली की खरीददारी इन लाइट्स के साथ ही शुरू होती है। अधिकांश लोगों ने यह लाइट्स खरीद कर रख ली है और दिवाली से दो तीन दिन पहले इससे घर सजाएंगे।
भारतीय त्योहारों पर चाइनीज माल का कब्जा अब समाप्त हो गया है। दुकानदारों के साथ लोगों ने भी चाइनीज आइट्म्स को पूरी तरह नाकार दिया है। यही कारण है कि बाजारों व लोगों में स्वदेशी माल की खूब धूम है। यही नहीं लोग इन सामान का सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार कर रहे हैं। बाजार में एक से एक भारत निर्मित लड़ियां उपलब्ध हैं। हालांकि यह चाइनीज के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत महंगी हैं, लेकिन इनकी गुणवत्ता चाइनीज की अपेक्षा कही ज्यादा अच्छी है। शहरवासी रोहन, वैभव, कबीर, चेतन, प्रभाकर, सुनीता, मनदीप ने बताया कि चाइनीज आइटम ज्यादा देर तक नहीं टिकती थी। चाइनीज लड़ियां कुछ देर चलने के बाद खराब हो जाती थी, लेकिन देश निर्मित लड़ियां की गुणवत्ता काफी अच्छी है।
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भारतीय त्योहारों पर चाइनीज माल का कब्जा अब समाप्त हो गया है। दुकानदारों के साथ लोगों ने भी चाइनीज आइट्म्स को पूरी तरह नाकार दिया है। यही कारण है कि बाजारों व लोगों में स्वदेशी माल की खूब धूम है। यही नहीं लोग इन सामान का सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार कर रहे हैं। बाजार में एक से एक भारत निर्मित लड़ियां उपलब्ध हैं। हालांकि यह चाइनीज के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत महंगी हैं, लेकिन इनकी गुणवत्ता चाइनीज की अपेक्षा कही ज्यादा अच्छी है। शहरवासी रोहन, वैभव, कबीर, चेतन, प्रभाकर, सुनीता, मनदीप ने बताया कि चाइनीज आइटम ज्यादा देर तक नहीं टिकती थी। चाइनीज लड़ियां कुछ देर चलने के बाद खराब हो जाती थी, लेकिन देश निर्मित लड़ियां की गुणवत्ता काफी अच्छी है।
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