माननीय की लेटलतीफी: भूख से परेशान हुए विद्यार्थी, 12 बजे बुलाया, दो बजे होना था टीकाकरण का शुभारंभ, 3.45 बजे पहुंचे सांसद
टीकाकरण के लिए 12 बजे से विद्यार्थियों को बुलाया गया। टीकाकरण का शुभारंभ करने के लिए सांसद को दो बजे पहुंचना था, लेकिन सांसद पौने चार बजे पहुंचे। ऐसे में विद्यार्थी भूख से परेशान हो उठे, लेटलतीफी के कारण अधिकांश बच्चे लौट गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर जिले में सोमवार से 15 से 18 आयु के किशोरों का टीकाकरण शुरू हुआ। इसके लिए शहर के मुकंद लाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि सांसद रतन लाल कटारिया ने टीकाकरण का शुभारंभ किया, लेकिन निर्धारित समय दिन में दो बजे की जगह सांसद करीब पौने दो घंटे की देरी से पहुंचे, जबकि रजिस्ट्रेशन के लिए विद्यार्थियों को दो घंटे पहले ही बुलाया गया था। माननीय की लेटलतीफी के कारण देर से टीकाकरण शुरू हो सका, जबकि इससे पहले भूखे प्यासे कई बच्चे परेशान होकर वापस लौट गए।
कोरोना के बढ़ते खतरों के बीच सोमवार से शुरू हुए टीकाकरण को लेकर बच्चों में खासा उत्साह रहा। बड़ी संख्या में बच्चों ने टीकाकरण के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया था, जहां जिले के अलग-अलग केंद्रों पर उन्हें टीके लगाए गए, लेकिन जिले में टीकाकरण का मुख्य कार्यक्रम मुकंद लाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में था, जहां सांसद रतनलाल कटारिया को इसका शुभारंभ करना था।
यहां सांसद के पहुंचने का समय दोपहर दो बजे था परंतु सांसद पौने दो घंटे की देर से पौने चार बजे पहुंचे। वहीं विद्यार्थियों को कार्यक्रम के लिए 12 बजे का समय दिया गया था, ताकि उनका मौके पर पंजीकरण किया जा सके। विद्यार्थी भी समय से पहले स्कूल में पहुंचकर बैठ गए थे, लेकिन जब सांसद तीन बजे के बाद नहीं आए तो अधिकांश विद्यार्थियों को घर भेज दिया गया, चूंकि टीकाकरण ही चार बजे तक किया जाना था। अध्यापक जानते थे कि मुख्यातिथि आने के बाद कार्यक्रम शुरू होगा और चार बजे तक सभी का टीकाकरण नहीं हो पाएगा। ऐसे में बच्चों को भूखा बैठाना सही नहीं है।
यहां कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए न तो शिक्षा विभाग, न ही स्वास्थ्य विभाग और न जिला प्रशासन की ओर से रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई थी। तीन बजकर 42 मिनट पर सांसद ने पहुंचकर रिबन काटा। इसके बाद विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, फिर सांसद कटारिया ने भाषण दिया। इसके बाद किशोरों का टीकाकरण शुरू किया गया। टीका लगाने के बाद आधा घंटा विद्यार्थियों को निगरानी में बैठाया गया।
बिस्कूट बांटा, वो भी खा नहीं पाए विद्यार्थी
बच्चों के भूखे होने की शिकायत जब स्कूल प्रबंधन से की गई तो उन्हें बिस्कूट के पैकेट दिए गए। इसी बीच सांसद मौके पर पहुंचे। ऐसे में कार्यक्रम शुरू होने पर अधिकांश विद्यार्थी बिस्कूट भी नहीं खा पाए।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विद्यार्थियों का टीकाकरण किया जाना था। उन्हें रिफ्रेशमेंट देने की कोई व्यवस्था न थी और न ही ऐसे शिविर में की जाती है। खाली पेट कोरोना रोधी टीका लगाने से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। - विजय परमार, उप सिविल सर्जन, यमुनानगर।
विद्यार्थियों को कार्यक्रम में समय से पहले उनका पंजीकरण करने के लिए बुलाया गया था, ताकि बिना रुकावट टीकाकरण हो सके। मुख्यातिथि के देरी से पहुंचने के कारण थोड़ी व्यवस्था बिगड़ गई थी। देरी का अंदाजा नहीं था, इसलिए रिफ्रेशमेंट का बंदोबस्त नहीं किया गया था। - शिव कुमार धीमान, उप जिला शिक्षा अधिकारी।