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रेलवे में ऑफिस सुपरिडेंट लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी
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यमुनानगर। रेलवे में ऑफिस सुपरिटेंडेंट लगवाने के नाम पर गुरु तेग बहादुर निवासी मनीष शर्मा से 6.40 लाख रुपये ठग लिए गए। शिकायत के आधार पर फर्कपुर थाना पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों में रेलवे कॉलोनी निवासी साजन, रेलवे वर्कशॉप के चीफ मैनेजर, डिप्टी सीपीओ राजीव बजाज, एपीओ, ईसीएचओएस, एएफए भी शामिल हैं। मामले में पुलिस रेलवे अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी।
पुलिस को दी शिकायत में गुरु तेग बहादुर निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि दो साल से वह रेलवे वर्कशॉप कॉलोनी में सैर के लिए जाता था। साल 2021 में उसकी मुलाकात रेलवे कॉलोनी निवासी साजन से हुई। आरोपी साजन ने उसे बताया कि वह रेलवे में नौकरी करता है और वह उसे भी रेलवे में नौकरी पर लगवा सकता है। आरोपी ने उसे रेलवे में ऑफिस सुपरिटेंडेंट लगवाने के लिए आठ लाख रुपये का खर्च बताया। इसमें छह लाख रुपये नौकरी लगने से पहले और दो लाख बाद में देने की बात कही। उसने कहा था कि रेलवे वर्कशॉप के सभी अधिकारी उसके जानकार हैं। वह अपने पिता की मौत के बाद नौकरी पर लगा है। आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर उसने 6.40 लाख रुपये वसूल लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी।
शिकायतकर्ता की ओर से नाराजगी जताने पर आरोपी साजन ने कहा कि रेलवे अधिकारी राजीव बजाज की वजह से काम रुका है। आरोपी साजन ने यह भी बताया कि मनीष के अलावा उसने राहुल नाम के युवक से भी पांच लाख रुपये नौकरी लगवाने के नाम पर लिए हैं। आरोपी ने 11 फरवरी 2022 को लिखित में भी दिया कि उसने मनीष और राहुल को नौकरी लगवाने के नाम पर जो रुपये लिए थे वे अपने अधिकारियों को दिए हुए हैं। अगर 15 फरवरी तक उनकी नौकरी नहीं लगी तो वह ब्याज समेत पैसे वापस कर देगा। इसके बाद आरोपी ने उसे ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया और कहा कि उसके पास फोन आएगा। जिसमें बताया जाएगा कि किस तारीख को उसे ज्वाइन करना है, लेकिन उसके पास कोई फोन नहीं आया। इस पर वह एक दिन रेलवे के एपीओ के पास गया और उन्हें साजन के दिए हुए कागजात दिखाए, लेकिन अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। फर्कपुर थाना प्रभारी अनिल राणा का कहना है कि मामले में जगाधरी रेलवे वर्कशॉप के चीफ मैनेजर सहित छह आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में रेलवे के अधिकारियों की क्या भूमिका रही, इसकी जांच की जाएगी।
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पुलिस को दी शिकायत में गुरु तेग बहादुर निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि दो साल से वह रेलवे वर्कशॉप कॉलोनी में सैर के लिए जाता था। साल 2021 में उसकी मुलाकात रेलवे कॉलोनी निवासी साजन से हुई। आरोपी साजन ने उसे बताया कि वह रेलवे में नौकरी करता है और वह उसे भी रेलवे में नौकरी पर लगवा सकता है। आरोपी ने उसे रेलवे में ऑफिस सुपरिटेंडेंट लगवाने के लिए आठ लाख रुपये का खर्च बताया। इसमें छह लाख रुपये नौकरी लगने से पहले और दो लाख बाद में देने की बात कही। उसने कहा था कि रेलवे वर्कशॉप के सभी अधिकारी उसके जानकार हैं। वह अपने पिता की मौत के बाद नौकरी पर लगा है। आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर उसने 6.40 लाख रुपये वसूल लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी।
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शिकायतकर्ता की ओर से नाराजगी जताने पर आरोपी साजन ने कहा कि रेलवे अधिकारी राजीव बजाज की वजह से काम रुका है। आरोपी साजन ने यह भी बताया कि मनीष के अलावा उसने राहुल नाम के युवक से भी पांच लाख रुपये नौकरी लगवाने के नाम पर लिए हैं। आरोपी ने 11 फरवरी 2022 को लिखित में भी दिया कि उसने मनीष और राहुल को नौकरी लगवाने के नाम पर जो रुपये लिए थे वे अपने अधिकारियों को दिए हुए हैं। अगर 15 फरवरी तक उनकी नौकरी नहीं लगी तो वह ब्याज समेत पैसे वापस कर देगा। इसके बाद आरोपी ने उसे ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया और कहा कि उसके पास फोन आएगा। जिसमें बताया जाएगा कि किस तारीख को उसे ज्वाइन करना है, लेकिन उसके पास कोई फोन नहीं आया। इस पर वह एक दिन रेलवे के एपीओ के पास गया और उन्हें साजन के दिए हुए कागजात दिखाए, लेकिन अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। फर्कपुर थाना प्रभारी अनिल राणा का कहना है कि मामले में जगाधरी रेलवे वर्कशॉप के चीफ मैनेजर सहित छह आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में रेलवे के अधिकारियों की क्या भूमिका रही, इसकी जांच की जाएगी।
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