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Yamuna Nagar News: सिक्योरिटी कंपनी में निवेश के नाम पर 35.33 लाख रुपये ठगे
Sat, 15 Feb 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:59 AM IST
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यमुनानगर। सिक्योरिटी कंपनी में निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने बैंक से रिटायर्ड महिला कर्मचारी से 35.33 लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगों ने महिला को कंपनी में निवेश का झांसा दिया था। इसके बाद उससे बरेली, लखनऊ और सूरत के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रोफेसर काॅलोनी निवासी महिला ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बैंक से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। 30 अगस्त 2024 को उसके पास वाट्सएप पर एक मैसेज आया और मैसेज करने वाले ने खुद को आनया स्मिथ बताया। साथ ही कहा कि वह एक सिक्योरिटी कंपनी में सहायक है और उनकी कंपनी सेबी से पंजीकृत है। आनया ने कंपनी के नंबर भी उसे भेजे। जब उन नंबरों की जांच की तो पता चला कि वह कंपनी पंजीकृत है। इसके बाद आरोपियों ने एक एप के माध्यम से उसे निवेश करने को कहा। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरीके से खातों में पैसे जमा करा लिए। यह पैसे सूरत, लखनऊ और बरेली के बैंक खातों में डाले गए। महिला से कुल 35,33,587 लाख रुपये की ठगी हुई। उसने पैसे वापस मांगे तो कंपनी के कर्मचारियों ने 10 लाख रुपये की फीस की मांग की। इसके बाद पता चला कि उसके साथ फ्रॉड हो गया है। उसने सिक्योरिटी कंपनी को मेल कर इसकी जानकारी मांगी तो कंपनी ने मेल के जवाब में बताया कि इस तरह का कोई एप नहीं है। बैंककर्मी ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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प्रोफेसर काॅलोनी निवासी महिला ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बैंक से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। 30 अगस्त 2024 को उसके पास वाट्सएप पर एक मैसेज आया और मैसेज करने वाले ने खुद को आनया स्मिथ बताया। साथ ही कहा कि वह एक सिक्योरिटी कंपनी में सहायक है और उनकी कंपनी सेबी से पंजीकृत है। आनया ने कंपनी के नंबर भी उसे भेजे। जब उन नंबरों की जांच की तो पता चला कि वह कंपनी पंजीकृत है। इसके बाद आरोपियों ने एक एप के माध्यम से उसे निवेश करने को कहा। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरीके से खातों में पैसे जमा करा लिए। यह पैसे सूरत, लखनऊ और बरेली के बैंक खातों में डाले गए। महिला से कुल 35,33,587 लाख रुपये की ठगी हुई। उसने पैसे वापस मांगे तो कंपनी के कर्मचारियों ने 10 लाख रुपये की फीस की मांग की। इसके बाद पता चला कि उसके साथ फ्रॉड हो गया है। उसने सिक्योरिटी कंपनी को मेल कर इसकी जानकारी मांगी तो कंपनी ने मेल के जवाब में बताया कि इस तरह का कोई एप नहीं है। बैंककर्मी ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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