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Yamuna Nagar News: बारिश से चतंग नदी में आया उफान
Thu, 07 Aug 2025 03:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 07 Aug 2025 03:49 AM IST
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यमुनानगर। सरस्वतीनगर के गांव गंदापुरा समीप बह रही चतंग नदी उफान पर है। नदी की पगडंडी कच्ची होने से भूमि कटाव होने लग गया है और पगडंडी भी टूटने लग गई है। भूमि कटाव होने से चतंग नदी का पानी गांव में घुसने का खतरा बना हुआ है।
सबसे ज्यादा खतरा गंदापुरा गांव के लोगों को सता रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि चतंग नदी गांव के बिल्कुल समीप से होकर गुजर रही है, और अभी गांव से पांच फीट ही रह गई है, नदी के समीप बने गुहारे व उपले भी खराब हो गए हैं जिससे गांव में ईंधन का संकट भी पनप रहा है, क्योंकि गांव की महिलाएं चतंग नदी के समीप ही गोबर के उपले बीनने का काम करती है और ईंधन जलाने के लिए एकमात्र सहारा है।
पानी की निकासी के सही इंतजाम न होने से हर वर्ष किसानों की फसलें तबाह होती है। जिसके बारे में कई बार किसान व ग्रामीण जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं
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इसके बावजूद भी इसके निकासी का सही प्रबंध नहीं किया गया है। गांव के लोगों ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2020 में भी चतंग नदी का पानी ओवरफ्लो होकर उनके गांव व खेतों में घुस गया था जिसकी वजह से गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
यहां तक कि पशुओं का सूख व हरा चारा भी बर्बाद हो गया था।
पानी जमा होने से गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई थी। उन्होंने प्रशासन से निकासी का प्रबंध करवाने की गुहार लगाई है। गांव के लोगों ने प्रशासन से चतंग नदी के किनारों को पक्का करने की मांग की है, जिससे गांव में पानी आने की समस्या से निजात मिल सके। संवाद
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सबसे ज्यादा खतरा गंदापुरा गांव के लोगों को सता रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि चतंग नदी गांव के बिल्कुल समीप से होकर गुजर रही है, और अभी गांव से पांच फीट ही रह गई है, नदी के समीप बने गुहारे व उपले भी खराब हो गए हैं जिससे गांव में ईंधन का संकट भी पनप रहा है, क्योंकि गांव की महिलाएं चतंग नदी के समीप ही गोबर के उपले बीनने का काम करती है और ईंधन जलाने के लिए एकमात्र सहारा है।
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पानी की निकासी के सही इंतजाम न होने से हर वर्ष किसानों की फसलें तबाह होती है। जिसके बारे में कई बार किसान व ग्रामीण जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं
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इसके बावजूद भी इसके निकासी का सही प्रबंध नहीं किया गया है। गांव के लोगों ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2020 में भी चतंग नदी का पानी ओवरफ्लो होकर उनके गांव व खेतों में घुस गया था जिसकी वजह से गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
यहां तक कि पशुओं का सूख व हरा चारा भी बर्बाद हो गया था।
पानी जमा होने से गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई थी। उन्होंने प्रशासन से निकासी का प्रबंध करवाने की गुहार लगाई है। गांव के लोगों ने प्रशासन से चतंग नदी के किनारों को पक्का करने की मांग की है, जिससे गांव में पानी आने की समस्या से निजात मिल सके। संवाद