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Yamuna Nagar News: शहर में 275 स्थानों पर बनेंगे कैचपिट
Sun, 08 Feb 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:20 AM IST
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ससौली रोड पर गंदगी से अटा नाला। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में बार-बार होने वाली सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए कैचपिट और जालियां लगाई जाएंगी। नगर निगम की ओर से 275 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिन पर यह कैचपिट बनाकर व जालियां लगाई जाएंगी। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही शहर में यह कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार गलियों और सड़कों पर पड़ा कबाड़, पॉलीथिन और अन्य कचरा हवा के साथ उड़कर नालियों में चला जाता है। बरसात के दौरान यही कचरा बहकर सीधे सीवरेज लाइनों में पहुंच जाता है, जिससे पाइप लाइनें चोक हो जाती हैं। नतीजतन सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गलियों और मुख्य सड़कों पर बहने लगता है।
इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और आवाजाही भी प्रभावित होती है। सीवरेज ओवरफ्लो होने से सिर्फ गंदगी ही नहीं फैलती, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। गंदा पानी सड़कों पर जमा रहने से मक्खी और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। कई इलाकों में लोगों को बदबू के कारण घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
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शहर की सीवरेज लाइन पर 275 जगह पर कैचपिट व जालियां लगाई जाएंगी। इससे कूड़ा सीवरेज लाइन में जाकर उसे ब्लॉक नहीं करेगा। जल्द ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। -धीरज कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त।
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यमुनानगर। शहर में बार-बार होने वाली सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए कैचपिट और जालियां लगाई जाएंगी। नगर निगम की ओर से 275 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिन पर यह कैचपिट बनाकर व जालियां लगाई जाएंगी। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही शहर में यह कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार गलियों और सड़कों पर पड़ा कबाड़, पॉलीथिन और अन्य कचरा हवा के साथ उड़कर नालियों में चला जाता है। बरसात के दौरान यही कचरा बहकर सीधे सीवरेज लाइनों में पहुंच जाता है, जिससे पाइप लाइनें चोक हो जाती हैं। नतीजतन सीवरेज का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गलियों और मुख्य सड़कों पर बहने लगता है।
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इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और आवाजाही भी प्रभावित होती है। सीवरेज ओवरफ्लो होने से सिर्फ गंदगी ही नहीं फैलती, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। गंदा पानी सड़कों पर जमा रहने से मक्खी और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। कई इलाकों में लोगों को बदबू के कारण घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
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शहर की सीवरेज लाइन पर 275 जगह पर कैचपिट व जालियां लगाई जाएंगी। इससे कूड़ा सीवरेज लाइन में जाकर उसे ब्लॉक नहीं करेगा। जल्द ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। -धीरज कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त।