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Yamuna Nagar News: पराली जलाने के आरोप में छह किसानों पर केस
Fri, 25 Oct 2024 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 25 Oct 2024 01:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धान कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष जलाने के आरोप में थाना रादौर पुलिस ने एक ही गांव के छह किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी किसान घिलौर गांव के रहने वाले हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास की शिकायत पर किसान प्रमोद बाली, छविराज दत्ता, नरेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, मंजीत सिंह, निशान सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है घिलौर गांव में जिन किसानों पर केस दर्ज किया गया है उनकी शिकायत गांव के ही एक अन्य किसान ने की है।
किसान ने जागरूकता दिखाते हुए इनके खिलाफ कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए और किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहीं अधिकारियों ने केस दर्ज कराने में इसलिए भी देरी नहीं की क्योंकि डीसी पहले ही रादौर के एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुके हैं। अब तक पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले रादौर क्षेत्र में ही दर्ज हुए हैं।
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जठलाना क्षेत्र के ही खुर्दबन गांव में सरपंच, पटवारी व ग्राम सचिव को भी डीसी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम स्तर पर पटवारी, ग्राम सचिव, कृषि विभाग की अधिकारियों की कमेटी बनाई हुई है। यह कमेटी अपने क्षेत्र में नजर रखते हैं कि कहीं पर खेतों में पराली तो नहीं जलाई जा रही। यदि कहीं आग लगी मिलती है तो वह उसकी पहचान करके सूचना देनी होती है। परंतु ज्यादातर अधिकारी व सरपंच पराली जलाने की सूचना विभाग को नहीं दे रहे।
आग लगाकर छोड़ देते हैं पानी
दिन में अधिकारी अपने काम व बैठकों के सिलसिले में यहां से वहां आना जाना करते रहते हैं। इसलिए खेत में पराली में आग लगी देख अधिकारी उन पर कार्रवाई कर सकते हैं। ऐसे में किसान पराली में अंधेरा होते ही आग लगाना शुरू कर देते हैं। रात को अधिकारी भी अपने घरों में जा चुके होते हैं। इसलिए किसी की कार्रवाई का डर भी नहीं रहता। पराली जलाने के बाद खेत काले हो जाते हैं जिससे उनके पकड़ में आने का खतरा रहता है। इससे बचने का तरीका भी किसानों ने निकाल लिया है। आग बुझने के तुरंत बाद ट्यूबवेल से खेत में पानी छोड़ देते हैं।
यदि कहीं पर आग लगती है तो आम आदमी भी इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे सकता है। उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। आमजन पुलिस विभाग के डायल 112 पर भी फोन करके पराली में लगाई जा रही आग की सूचना दे सकते हैं। -डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।
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यमुनानगर। धान कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष जलाने के आरोप में थाना रादौर पुलिस ने एक ही गांव के छह किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी किसान घिलौर गांव के रहने वाले हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास की शिकायत पर किसान प्रमोद बाली, छविराज दत्ता, नरेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, मंजीत सिंह, निशान सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है घिलौर गांव में जिन किसानों पर केस दर्ज किया गया है उनकी शिकायत गांव के ही एक अन्य किसान ने की है।
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किसान ने जागरूकता दिखाते हुए इनके खिलाफ कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए और किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहीं अधिकारियों ने केस दर्ज कराने में इसलिए भी देरी नहीं की क्योंकि डीसी पहले ही रादौर के एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुके हैं। अब तक पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले रादौर क्षेत्र में ही दर्ज हुए हैं।
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जठलाना क्षेत्र के ही खुर्दबन गांव में सरपंच, पटवारी व ग्राम सचिव को भी डीसी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम स्तर पर पटवारी, ग्राम सचिव, कृषि विभाग की अधिकारियों की कमेटी बनाई हुई है। यह कमेटी अपने क्षेत्र में नजर रखते हैं कि कहीं पर खेतों में पराली तो नहीं जलाई जा रही। यदि कहीं आग लगी मिलती है तो वह उसकी पहचान करके सूचना देनी होती है। परंतु ज्यादातर अधिकारी व सरपंच पराली जलाने की सूचना विभाग को नहीं दे रहे।
आग लगाकर छोड़ देते हैं पानी
दिन में अधिकारी अपने काम व बैठकों के सिलसिले में यहां से वहां आना जाना करते रहते हैं। इसलिए खेत में पराली में आग लगी देख अधिकारी उन पर कार्रवाई कर सकते हैं। ऐसे में किसान पराली में अंधेरा होते ही आग लगाना शुरू कर देते हैं। रात को अधिकारी भी अपने घरों में जा चुके होते हैं। इसलिए किसी की कार्रवाई का डर भी नहीं रहता। पराली जलाने के बाद खेत काले हो जाते हैं जिससे उनके पकड़ में आने का खतरा रहता है। इससे बचने का तरीका भी किसानों ने निकाल लिया है। आग बुझने के तुरंत बाद ट्यूबवेल से खेत में पानी छोड़ देते हैं।
यदि कहीं पर आग लगती है तो आम आदमी भी इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे सकता है। उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। आमजन पुलिस विभाग के डायल 112 पर भी फोन करके पराली में लगाई जा रही आग की सूचना दे सकते हैं। -डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।