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Yamuna Nagar News: सुरक्षित नहीं निजी स्कूलों की बसें, जांच में अब तक 78 मिलीं अनफिट

Sun, 28 Apr 2024 04:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 28 Apr 2024 04:43 AM IST
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Buses of private schools are not safe, investigation found so far 78 unfit
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। निजी स्कूल बसों में कमियां मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जिला परिवहन विभाग की तरफ से जगाधरी में शनिवार को 24 बसें की जांच की गई। इनमें से केवल नौ बसें ही फिट मिली। वहीं 15 बसों को अनफिट घोषित कर दिया गया। अब तक चार बार हुई जांच में 111 में से 78 बसें अनफिट मिल चुकी हैं।
अनफिट बसों से केवल निजी स्कूलों की मनमानी की ही पोल नहीं खुल रही बल्कि इससे जिला प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे है। जिन स्कूल बसों प्रशासन अभी तक पूरी तरह से फिट बता रहा था वह अचानक अनफिट कैसे मिल रही। इससे साफ है कि स्कूल बसों की ठीक से जांच नहीं की जा रही थी।
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यदि जांच की गई तो अधिकारियों की निजी स्कूलों से मिलीभगत रही। तभी तो अनफिट बसों को फिट घोषित कर दिया गया। यही अनफिट बसें कागजों में फिट होकर विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ करती रही। अब जब मुख्य सचिव ने सख्ती की तो छोटे-बड़े सभी अधिकारी स्कूल बसों पर सख्ती दिखाने लगे।
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इससे पहले 17 अप्रैल को जिला परिवहन विभाग के ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर जसबीर राणा के नेतृत्व में 17 निजी स्कूल बसों की जांच की गई, जिनमें से 16 बसें अनफिट मिली। इसके बाद 20 अप्रैल को 22 बसों की जांच की गई, जिनमें से 18 बसें अनफिट मिली थीं। 21 अप्रैल को 48 की जांच की गई जिनमें से 29 बसें अनफिट मिली। केवल 19 स्कूल बसों को ही फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
शनिवार को जिला ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर जसबीर राणा व एमवीआई अनिल कुमार ने स्कूल बसों की जांच की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान बसों के पायदान टूटे मिले या फिर उन पर लगी पत्तियां ऊपर निकली थी। जिन पर पांव रख कर बस में चढ़ते व उतरते समय विद्यार्थी के साथ कोई भी हादसा हो सकता है। बसों में स्पीड गवर्नर बंद व सीसीटीवी भी बंद मिले। बसों के इंडीकेटर, हेड व बैक लाइट, वाइपर ठीक से काम नहीं करते मिले। जिन बसों में ये कमियां थी उन्हें अनफिट घोषित कर दिया गया। जो छोटी-छोटी कमियां थी उन्हें मौके पर ही दूर करवाने के बाद दोबारा जांच की गई।

रविवार को जांच करने का आखिरी दिन है। जो स्कूल अपनी बसों की जांच कराना चाहता है, वह जांच स्थल पर ला सकता है। इसके बाद किसी स्कूल को बख्शा नहीं जाएगा। सड़क पर यदि अनफिट बस में बच्चे मिले तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हैरतजीत कौर, जिला परिवहन अधिकारी।
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