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बूट हाउस में आग से लाखों के जूते-चप्पल स्वाह
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:36 AM IST
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आग
- फोटो : ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रेलवे रोड पर पेपर मिल गेट के सामने स्थित गांधी मार्केट में सुरेंद्रा बूट हाउस में अज्ञात कारणों से लगी आग से लाखों रुपये के ब्रांडेड जूते-चप्पल स्वाह हो गए। घटना बुधवार दोपहर करीब सवा तीन बजे जूते-चप्पल के थोक विक्रेता की दुकान के फर्स्ट-सेकेंड फलोर पर हुई। करीब 3:35 पर मिली सूचना पाकर दमकल विभाग की दो गाड़ियां पहुंची, किंतु भीषण आग को देख घटनास्थल पर यमुनानगर दमकल केंद्र की छह गाड़ियां तैनात की गईं।
हर गाड़ी को केंद्र से तीन-तीन बार भरकर लाया गया और करीब चार घंटे बाद 22 दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद सात बजे आग पर काबू पा लिया गया। मौके पर पुलिस बल समेत थाना शहर यमुनानगर प्रभारी अजीत सिंह व दमकल अधिकारी गुलशन कालड़ा मौजूद रहे।
गांधी नगर मार्केट स्थित सुरेंद्रा बूट हाउस के मालिक आशीष के मुताबिक आगजनी की घटना के वक्त वह और लेबर दुकान पर मौजूद थे। करीब सवा तीन बजे दुकान के ऊपर फर्स्ट फलोर पर लेबर ने जाकर देखा तो स्टॉक में रखे जूते व चप्पलों में आग सुलग रही थी। लेबर से सूचना पाकर ऊपर जाकर देखा तो आग भीषण हो गई थी। उन्होंने आसपास के दुकानदारों को इस बारे में बताया और दुकानदारों ने तुरंत इस बारे दमकल विभाग को सूचित किया।
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करीब 3:35 बजे दुकानदार राजकुमार द्वारा सूचना मिलने पर यमुनानगर दमकल केंद्र से मौके पर दो दमकल की गाड़ियां भेजी गईं और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग ने फर्स्ट के साथ सेकेंड फलोर पर रखे स्टॉक के जूते-चप्पल व अन्य सामान को भी चपेट में ले लिया। आग को भीषण देख मौके पर चार दमकल गाड़ियां बुलाई गई और आगजनी की बड़ी घटना बारे पता लगते ही दमकल अधिकारी गुलशन कालड़ी और पुलिस बल समेत थाना शहर यमुनानगर प्रभारी अजीत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान आग पर काबू पाने के लिए लगे 22 दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
इसके लिए दुकान के ऊपर फर्स्ट फलोर की खिड़की को तोड़ दिया गया और साथ लगते पुराना सिनेमा ग्राउंड का गेट खोलकर पीछे के रास्ते रोशनदान में भी पानी की बौछार की गई। एक के बाद एक दमकल गाड़ी का पानी खत्म होता गया, किंतु आग पर करीब ढाई घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका। छह गाड़ियों में हर गाड़ी को तीन-तीन बार यमुनानगर दमकल केंद्र से भरकर घटनास्थल पर लाया गया और करीब चार घंटे बाद सात बजे आग पर काबू पा लिया गया।
एक साथ दमकल केंद्र में आईं सात कॉल: गांधी मार्केट में अधिकांश ब्रांडेड जूते-चप्पल के थोक विक्रेताओं की दुकानें व गोदाम हैं। सवा तीन बजे सुरेंद्र बूट हाउस में आग लगने पर साथ लगते दुकानदार भी उनकी दुकानों व गोदामों तक आग पहुंचने को लेकर भयभीत हो गए। इस दौरान आग लगने की सूचना देने के लिए दमकल केंद्र के पास एक साथ सात कॉल आ गए। इनमें सबसे पहले कॉल 3 बजकर 35 मिनट पर आई, जोकि राजकुमार द्वारा की गई। इसके बाद दुकान के मालिक व अन्य दुकानदारों ने भी कॉल कर दमकल केंद्र को आगजनी की सूचना दी।
लाखों रुपये के ब्रांडेड जूते-चप्पल राख: दुकान के मालिक आशीष के मुताबिक आगजनी में उनके स्टॉक में रखे नामी कंपनियों के लाखों रुपये के जूते व चप्पल राख हो गए। इसके अलावा दुकान में रखे पैकिंग के डिब्बे व अन्य हजारों रुपये का सामान भी जल गया। गनीमत रही कि समय रहते आग लगने बारे पता चल गया और दुकान में मौजद लेबर और वह आगजनी की घटना में बाल-बल बच गए।
दुकान के ऊपर था टॉवर, हो सकता था बड़ा हादसा: जिस दुकान के ऊपर आग लगी, उसके ऊपर ही मोबाइल टावर लगा था। घंटों आग के बाद लेंटर व दीवारें तप रही थी और उनके ढहने की आशंका से टावर गिरने का भय भी आसपास के दुकानदारों को बना हुआ था। आगजनी के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच लोग इसी को लेकर चर्चा कर रहे थे कि अगर टावर गिर गया तो काफी नुकसान होगा।
आगजनी की बड़ी घटना का पता चलते ही घटनास्थल पर छह दमकल गाड़ियां तैनात कर दी गईं और उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर दमकल कर्मियों को तेजी से आग बुझाने बारे दिशा-निर्देश दिए। 22 दमकल कर्मियों की मदद से करीब छह गाड़ियों के तीन-तीन चक्कर के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग कैसे लगी, फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, इसको लेकर जांच जारी है।
गुलशन कालड़ा, जिला दमकल अधिकारी।
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यमुनानगर। रेलवे रोड पर पेपर मिल गेट के सामने स्थित गांधी मार्केट में सुरेंद्रा बूट हाउस में अज्ञात कारणों से लगी आग से लाखों रुपये के ब्रांडेड जूते-चप्पल स्वाह हो गए। घटना बुधवार दोपहर करीब सवा तीन बजे जूते-चप्पल के थोक विक्रेता की दुकान के फर्स्ट-सेकेंड फलोर पर हुई। करीब 3:35 पर मिली सूचना पाकर दमकल विभाग की दो गाड़ियां पहुंची, किंतु भीषण आग को देख घटनास्थल पर यमुनानगर दमकल केंद्र की छह गाड़ियां तैनात की गईं।
हर गाड़ी को केंद्र से तीन-तीन बार भरकर लाया गया और करीब चार घंटे बाद 22 दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद सात बजे आग पर काबू पा लिया गया। मौके पर पुलिस बल समेत थाना शहर यमुनानगर प्रभारी अजीत सिंह व दमकल अधिकारी गुलशन कालड़ा मौजूद रहे।
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गांधी नगर मार्केट स्थित सुरेंद्रा बूट हाउस के मालिक आशीष के मुताबिक आगजनी की घटना के वक्त वह और लेबर दुकान पर मौजूद थे। करीब सवा तीन बजे दुकान के ऊपर फर्स्ट फलोर पर लेबर ने जाकर देखा तो स्टॉक में रखे जूते व चप्पलों में आग सुलग रही थी। लेबर से सूचना पाकर ऊपर जाकर देखा तो आग भीषण हो गई थी। उन्होंने आसपास के दुकानदारों को इस बारे में बताया और दुकानदारों ने तुरंत इस बारे दमकल विभाग को सूचित किया।
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करीब 3:35 बजे दुकानदार राजकुमार द्वारा सूचना मिलने पर यमुनानगर दमकल केंद्र से मौके पर दो दमकल की गाड़ियां भेजी गईं और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग ने फर्स्ट के साथ सेकेंड फलोर पर रखे स्टॉक के जूते-चप्पल व अन्य सामान को भी चपेट में ले लिया। आग को भीषण देख मौके पर चार दमकल गाड़ियां बुलाई गई और आगजनी की बड़ी घटना बारे पता लगते ही दमकल अधिकारी गुलशन कालड़ी और पुलिस बल समेत थाना शहर यमुनानगर प्रभारी अजीत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान आग पर काबू पाने के लिए लगे 22 दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
इसके लिए दुकान के ऊपर फर्स्ट फलोर की खिड़की को तोड़ दिया गया और साथ लगते पुराना सिनेमा ग्राउंड का गेट खोलकर पीछे के रास्ते रोशनदान में भी पानी की बौछार की गई। एक के बाद एक दमकल गाड़ी का पानी खत्म होता गया, किंतु आग पर करीब ढाई घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका। छह गाड़ियों में हर गाड़ी को तीन-तीन बार यमुनानगर दमकल केंद्र से भरकर घटनास्थल पर लाया गया और करीब चार घंटे बाद सात बजे आग पर काबू पा लिया गया।
एक साथ दमकल केंद्र में आईं सात कॉल: गांधी मार्केट में अधिकांश ब्रांडेड जूते-चप्पल के थोक विक्रेताओं की दुकानें व गोदाम हैं। सवा तीन बजे सुरेंद्र बूट हाउस में आग लगने पर साथ लगते दुकानदार भी उनकी दुकानों व गोदामों तक आग पहुंचने को लेकर भयभीत हो गए। इस दौरान आग लगने की सूचना देने के लिए दमकल केंद्र के पास एक साथ सात कॉल आ गए। इनमें सबसे पहले कॉल 3 बजकर 35 मिनट पर आई, जोकि राजकुमार द्वारा की गई। इसके बाद दुकान के मालिक व अन्य दुकानदारों ने भी कॉल कर दमकल केंद्र को आगजनी की सूचना दी।
लाखों रुपये के ब्रांडेड जूते-चप्पल राख: दुकान के मालिक आशीष के मुताबिक आगजनी में उनके स्टॉक में रखे नामी कंपनियों के लाखों रुपये के जूते व चप्पल राख हो गए। इसके अलावा दुकान में रखे पैकिंग के डिब्बे व अन्य हजारों रुपये का सामान भी जल गया। गनीमत रही कि समय रहते आग लगने बारे पता चल गया और दुकान में मौजद लेबर और वह आगजनी की घटना में बाल-बल बच गए।
दुकान के ऊपर था टॉवर, हो सकता था बड़ा हादसा: जिस दुकान के ऊपर आग लगी, उसके ऊपर ही मोबाइल टावर लगा था। घंटों आग के बाद लेंटर व दीवारें तप रही थी और उनके ढहने की आशंका से टावर गिरने का भय भी आसपास के दुकानदारों को बना हुआ था। आगजनी के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच लोग इसी को लेकर चर्चा कर रहे थे कि अगर टावर गिर गया तो काफी नुकसान होगा।
आगजनी की बड़ी घटना का पता चलते ही घटनास्थल पर छह दमकल गाड़ियां तैनात कर दी गईं और उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर दमकल कर्मियों को तेजी से आग बुझाने बारे दिशा-निर्देश दिए। 22 दमकल कर्मियों की मदद से करीब छह गाड़ियों के तीन-तीन चक्कर के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग कैसे लगी, फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, इसको लेकर जांच जारी है।
गुलशन कालड़ा, जिला दमकल अधिकारी।