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Yamuna Nagar News: शहर की 76 नियमित कॉलोनियों में होंगे मूलभूत सुविधाओं के काम
Wed, 08 Jul 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:33 AM IST
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कॉलोनियों के विकास पर मेयर व आयुक्त और अधिकारियों से बात करते विधायक। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की 76 कॉलोनियों को नियमित किए जाने के बाद अब इनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। इन सभी कॉलोनियों के विकास के लिए जल्द ही विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
प्रत्येक कॉलोनी का सर्वे कर सड़क, नालियां, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा। बजट स्वीकृत होते ही बिना किसी देरी के विकास कार्य शुरू किए जा सकेंगे। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए विधायक घनश्याम दास अरोड़ा भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में मंत्रिमंडल ने शहर की 76 कॉलोनियों को नियमित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इन क्षेत्रों के हजारों परिवारों को वर्षों से चली आ रही कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है। अब सरकार का फोकस इन कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने पर है।
वर्ष 1996 में शहर की विभिन्न कॉलोनियों का सर्वे कर उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अधिसूचना जारी करते समय एक तकनीकी और शाब्दिक त्रुटि हो गई। कॉलोनियों को नियमित घोषित करने के बजाय भवनों को नियमित दर्शा दिया गया। एक शब्द की इस गलती के कारण संबंधित कॉलोनियां अवैध बनी रहीं। इनमें प्रोफेसर कॉलोनी पार्ट-टू का हिस्सा, छोटा मॉडल टाउन, लालद्वारा रोड क्षेत्र सहित 76 से अधिक कॉलोनियां शामिल थीं।
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इस त्रुटि का खामियाजा वर्षों तक इन कॉलोनियों के निवासियों को भुगतना पड़ा। पोर्टल पर डेवलपमेंट चार्ज जमा करने का विकल्प उपलब्ध नहीं होने से एनडीसी जारी नहीं हो पा रही थी। इसके कारण संपत्तियों की रजिस्ट्रियां लंबित रहती थीं और भवनों के नक्शे भी स्वीकृत नहीं हो रहे थे।
कई क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज जैसी सुविधाएं तो पहुंच गईं, लेकिन पक्की गलियां, नालियां और अन्य विकास कार्य अधूरे रह गए। अब कॉलोनियों के नियमित होने के बाद नगर निगम और संबंधित विभाग प्रत्येक क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस कॉलोनी में किन सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है। उसी के अनुरूप सड़क निर्माण, नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
कॉलोनियों का जल्द कराया जाए सर्वे : अरोड़ा
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि 76 कॉलोनियों के नियमित होने से हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब इन क्षेत्रों में समुचित विकास कार्य कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी नियमित कॉलोनियों का जल्द सर्वे पूरा कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, जिससे लोगों को बुनियादी सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें।
76 कॉलोनियों में जल्द ही विकास कार्य करवाए जाएंगे। किस कॉलोनी में किन कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर कराया जाना है, इसकी रिपोर्ट जल्द तैयार कर ली जाएगी। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। शहर की 76 कॉलोनियों को नियमित किए जाने के बाद अब इनमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। इन सभी कॉलोनियों के विकास के लिए जल्द ही विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
प्रत्येक कॉलोनी का सर्वे कर सड़क, नालियां, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा। बजट स्वीकृत होते ही बिना किसी देरी के विकास कार्य शुरू किए जा सकेंगे। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए विधायक घनश्याम दास अरोड़ा भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में मंत्रिमंडल ने शहर की 76 कॉलोनियों को नियमित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इन क्षेत्रों के हजारों परिवारों को वर्षों से चली आ रही कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है। अब सरकार का फोकस इन कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने पर है।
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वर्ष 1996 में शहर की विभिन्न कॉलोनियों का सर्वे कर उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अधिसूचना जारी करते समय एक तकनीकी और शाब्दिक त्रुटि हो गई। कॉलोनियों को नियमित घोषित करने के बजाय भवनों को नियमित दर्शा दिया गया। एक शब्द की इस गलती के कारण संबंधित कॉलोनियां अवैध बनी रहीं। इनमें प्रोफेसर कॉलोनी पार्ट-टू का हिस्सा, छोटा मॉडल टाउन, लालद्वारा रोड क्षेत्र सहित 76 से अधिक कॉलोनियां शामिल थीं।
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इस त्रुटि का खामियाजा वर्षों तक इन कॉलोनियों के निवासियों को भुगतना पड़ा। पोर्टल पर डेवलपमेंट चार्ज जमा करने का विकल्प उपलब्ध नहीं होने से एनडीसी जारी नहीं हो पा रही थी। इसके कारण संपत्तियों की रजिस्ट्रियां लंबित रहती थीं और भवनों के नक्शे भी स्वीकृत नहीं हो रहे थे।
कई क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज जैसी सुविधाएं तो पहुंच गईं, लेकिन पक्की गलियां, नालियां और अन्य विकास कार्य अधूरे रह गए। अब कॉलोनियों के नियमित होने के बाद नगर निगम और संबंधित विभाग प्रत्येक क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस कॉलोनी में किन सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है। उसी के अनुरूप सड़क निर्माण, नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
कॉलोनियों का जल्द कराया जाए सर्वे : अरोड़ा
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि 76 कॉलोनियों के नियमित होने से हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब इन क्षेत्रों में समुचित विकास कार्य कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी नियमित कॉलोनियों का जल्द सर्वे पूरा कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, जिससे लोगों को बुनियादी सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें।
76 कॉलोनियों में जल्द ही विकास कार्य करवाए जाएंगे। किस कॉलोनी में किन कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर कराया जाना है, इसकी रिपोर्ट जल्द तैयार कर ली जाएगी। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।