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प्लाईवुड तैयार करने के लिए पॉपुलर, सफेदा का विकल्प बनेगा बांस, असम से इसकी लुगदी लाएगी सरकार
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Bamboo will become a popular alternative to Safeda for making plywood
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। यमुनानगर के उद्योगों में तैयार प्लाईवुड देशभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। जिले में अभी तक प्लाईवुड पॉपुलर व सफेदे की लकड़ी से ही तैयार हो रहा है। पॉपुलर व सफेदा दोनों सीमित मात्रा में मौजूद हैं। भविष्य में प्लाईवुड इंडस्ट्री को लकड़ी के संकट से जूझना न पड़े इसके लिए अभी से इसका विकल्प तलाशना होगा। इसका विकल्प बांस की लकड़ी हो सकती है। इसलिए सरकार यमुनानगर समेत आसपास के जिलों के किसानों को खेतों में बांस लगाने के लिए प्रेरित करेगी।
फिलहाल जब तक किसान बांस को नहीं लगाते तब तक प्रदेश सरकार असम से बांस की लकड़ी से तैयार लुगदी का आयात कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो जिले के प्लाईवुड कारोबार को रफ्तार मिलेगी। प्लाईवुड के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को शहर के स्वर्ण जयंती हॉल में फॉरन कोपरेशन विभाग की तरफ से हरियाणा प्लाईवुड कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। जिसमें प्लाईवुड उद्योग के एक्सपर्ट व वैज्ञानिकों ने बताया कि इस कारोबार को और कैसे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही परंपरागत काम को छोड़कर इसमें तकनीक का इस्तेमाल करके एक्सपोर्टरों को अपनी ओर आकर्षित किया जा सकता है।
इन्होंने प्लाईवुड कारोबार पर विस्तार से दी जानकारी
हरियाणा प्लाईवुड कॉन्क्लेव के पहले स्तर का शुभारंभ शिक्षा, वन एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल ने किया। इस दौरान एफसीडी के मुख्य सचिव योगेंद्र चौधरी, एफसीडी के डायरेक्टर जनरल एंड सेक्रेटरी अनंत प्रकाश पांडे ने अपने विचार रखे। दूसरे सत्र में हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जेके बिहानी ने जिले में प्लाईवुड उद्योग के समक्ष आ रही चुनौतियों व एक्सपोर्ट में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रामनिवास गर्ग ने प्लाईवुड कारोबार के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्लाईवुड एंड अप्लाइड प्रोडक्ट केमिकल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन बीएच पटेल ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट व प्लाईवुड के एक्सपोर्ट के बारे में विस्तार से बताया। मिनिस्ट्री ऑफ डेवलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न रीजन नई दिल्ली के निदेशक उमेश कुमार ने कॉन्क्लेव को प्लाईवुड उद्योग के लिए मील का पत्थर बताया।
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सीएम ने कहा पहले लाइसेंस के लिए करोड़ों रुपये देते थे रिश्वत
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यदि पॉपुलर व सफेदे की लकड़ी के साथ बांस मिलाकर प्लाईवुड तैयार किया जाए तो वह ज्यादा मजबूत होती है। असम से बांस लगाया जाए या इसकी लकड़ी से तैयार लुगदी इसके लिए मिल बैठकर बात करेंगे। जो भी सस्ता मिलेगा उसे ही उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2015 में प्लाईवुड में अपनी मनमर्जी से काम चल रहा था। उस समय करीब 950 प्लाईवुड उद्योग काम कर रहे थे। उद्योग चलाने के लिए नए लाइसेंस नहीं दिए जा रहे थे। लाइसेंस के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत मांगी जाती थी। परंतु हमारी सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जितने भी आवेदन थे सबको मंजूर किया। यदि आपके सामान की क्वालिटी अच्छी होगी तो रेट भी बढ़िया मिलेंगे व निर्यात में बढ़ोतरी होगी। बेहतर क्वालिटी का सामान बनाने के लिए जिले में कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाया जाएगा। सरकार की ओर से मध्यम स्तरीय उद्यम क्लस्टर विकास योजना के तहत यमुनानगर में सांझा सुविधा केंद्र की स्थापना की जा रही है। इसमें प्लाईवुड निर्माताओं को उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने, प्रोडक्ट डिफरनेशन शुरू करने, उत्पादन लागत को कम करने के तरीके सुझाने में मदद मिलेगी। यमुनानगर में क्वालिटी मार्केट सेंटर को भी अपडेट किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा यमुनानगर की प्लाईवुड का दुनिया में नाम
वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने सीएम से यमुनानगर में आईसीडी सेंटर बनाने की मांग की। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वह इस क्षेत्र में गुणवत्ता से काम करें ताकि प्लाईवुड के क्षेत्र में यमुनानगर का दुनिया में नाम हो। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि यदि उद्योग में कोई दिक्कत आती है तो उसे मिलकर हल किया जाता है।
निर्यात के क्षेत्र में यह उद्योग ओर आगे बढ़े इसके लिए कोशिश की जा रही है। प्रधान सचिव योगेंद्र चौधरी ने प्लाईवुड के क्षेत्र में निर्यात की काफी संभावनाएं है। विदेश में भी हरियाणा का सहयोग एफसीडी विशेष रूप से कर रहा है। महानिदेशक एफसीडी अनंत प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि यह कार्यशाला तकनीकी क्षेत्र में काफी लाभदायक है। उद्योगों में नई तकनीकी के प्रयोग से उद्योग उन्नत होंगे।
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फिलहाल जब तक किसान बांस को नहीं लगाते तब तक प्रदेश सरकार असम से बांस की लकड़ी से तैयार लुगदी का आयात कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो जिले के प्लाईवुड कारोबार को रफ्तार मिलेगी। प्लाईवुड के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को शहर के स्वर्ण जयंती हॉल में फॉरन कोपरेशन विभाग की तरफ से हरियाणा प्लाईवुड कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। जिसमें प्लाईवुड उद्योग के एक्सपर्ट व वैज्ञानिकों ने बताया कि इस कारोबार को और कैसे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही परंपरागत काम को छोड़कर इसमें तकनीक का इस्तेमाल करके एक्सपोर्टरों को अपनी ओर आकर्षित किया जा सकता है।
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इन्होंने प्लाईवुड कारोबार पर विस्तार से दी जानकारी
हरियाणा प्लाईवुड कॉन्क्लेव के पहले स्तर का शुभारंभ शिक्षा, वन एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल ने किया। इस दौरान एफसीडी के मुख्य सचिव योगेंद्र चौधरी, एफसीडी के डायरेक्टर जनरल एंड सेक्रेटरी अनंत प्रकाश पांडे ने अपने विचार रखे। दूसरे सत्र में हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जेके बिहानी ने जिले में प्लाईवुड उद्योग के समक्ष आ रही चुनौतियों व एक्सपोर्ट में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रामनिवास गर्ग ने प्लाईवुड कारोबार के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्लाईवुड एंड अप्लाइड प्रोडक्ट केमिकल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन बीएच पटेल ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट व प्लाईवुड के एक्सपोर्ट के बारे में विस्तार से बताया। मिनिस्ट्री ऑफ डेवलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न रीजन नई दिल्ली के निदेशक उमेश कुमार ने कॉन्क्लेव को प्लाईवुड उद्योग के लिए मील का पत्थर बताया।
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सीएम ने कहा पहले लाइसेंस के लिए करोड़ों रुपये देते थे रिश्वत
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यदि पॉपुलर व सफेदे की लकड़ी के साथ बांस मिलाकर प्लाईवुड तैयार किया जाए तो वह ज्यादा मजबूत होती है। असम से बांस लगाया जाए या इसकी लकड़ी से तैयार लुगदी इसके लिए मिल बैठकर बात करेंगे। जो भी सस्ता मिलेगा उसे ही उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2015 में प्लाईवुड में अपनी मनमर्जी से काम चल रहा था। उस समय करीब 950 प्लाईवुड उद्योग काम कर रहे थे। उद्योग चलाने के लिए नए लाइसेंस नहीं दिए जा रहे थे। लाइसेंस के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत मांगी जाती थी। परंतु हमारी सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जितने भी आवेदन थे सबको मंजूर किया। यदि आपके सामान की क्वालिटी अच्छी होगी तो रेट भी बढ़िया मिलेंगे व निर्यात में बढ़ोतरी होगी। बेहतर क्वालिटी का सामान बनाने के लिए जिले में कॉमन फेसिलिटी सेंटर बनाया जाएगा। सरकार की ओर से मध्यम स्तरीय उद्यम क्लस्टर विकास योजना के तहत यमुनानगर में सांझा सुविधा केंद्र की स्थापना की जा रही है। इसमें प्लाईवुड निर्माताओं को उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने, प्रोडक्ट डिफरनेशन शुरू करने, उत्पादन लागत को कम करने के तरीके सुझाने में मदद मिलेगी। यमुनानगर में क्वालिटी मार्केट सेंटर को भी अपडेट किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा यमुनानगर की प्लाईवुड का दुनिया में नाम
वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने सीएम से यमुनानगर में आईसीडी सेंटर बनाने की मांग की। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वह इस क्षेत्र में गुणवत्ता से काम करें ताकि प्लाईवुड के क्षेत्र में यमुनानगर का दुनिया में नाम हो। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि यदि उद्योग में कोई दिक्कत आती है तो उसे मिलकर हल किया जाता है।
निर्यात के क्षेत्र में यह उद्योग ओर आगे बढ़े इसके लिए कोशिश की जा रही है। प्रधान सचिव योगेंद्र चौधरी ने प्लाईवुड के क्षेत्र में निर्यात की काफी संभावनाएं है। विदेश में भी हरियाणा का सहयोग एफसीडी विशेष रूप से कर रहा है। महानिदेशक एफसीडी अनंत प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि यह कार्यशाला तकनीकी क्षेत्र में काफी लाभदायक है। उद्योगों में नई तकनीकी के प्रयोग से उद्योग उन्नत होंगे।