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Yamuna Nagar News: भाइयों को तिलक करने का दोपहर एक बजे शुभ मुहूर्त
Sun, 03 Nov 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 03 Nov 2024 02:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भैया दूज का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। परंपरा के अनुसार भैया दूज दिवाली के दूसरे दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार दो दिन अमावस होने के कारण द्वितीया तिथि एक दिन की देरी से पड़ी है। इससे रविवार को भैया दूज का पर्व मनाया जा रहा है।
पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में अच्छी भीड़ देखने को मिली। एक तरह जहां महिलाएं भाइयों का तिलक करने के लिए सूखे नारियल की खरीदारी करती दिखीं। वहीं, पुरुष दूज के उपहार व सामग्री की खरीदारी करते नजर आए। इस दौरान मिठाइयों की दुकान पर काफी भीड़ देखने को मिली।
भारतीय परंपरा में भैया दूज पर्व का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाई अपनी बहन की ससुराल में पानी तक नहीं पीते हैं। परंतु इस दिन भाई बिना आमंत्रण बहनों के घर पहुंचते हैं और बहन उनका तिलक करती हैं। मान्यता है कि इस दिन बहन के घर भोजन करने से भाई के भाग्य में वृद्धि होती है। ऐसे में पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिली।
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लोगों ने बाजार में खरीदारी की। वहीं, दूसरी तरफ सड़कों पर भी काफी भीड़ रही। इस दौरान रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर काफी भीड़ रही। बहन के घर जाने के लिए भाईयों को जद्दोजहद करनी पड़ी। बसों में काफी भीड़ रही और बस में चढ़ने के लिए दिक्कत झेलनी पड़ी। पर्व के कारण शाम को शहर की तमाम सड़कें व्यस्त नजर आई।
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि भैया दूज पर बहनें भाईयों का तिलक कर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीष देती हैं। मान्यता है कि इस दिन बहनों का आशीर्वाद लेना भाईयों के लिए अत्यंत मंगलकारी होेता है। इस दिन यदि बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों का तिलक करती हैं, तो उनके यश, कीर्ति, वैभव में वृद्धि होती है। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि दोपहर एक बजकर 10 मिनट से दोपहर तीन बजकर 22 मिनट तिलक का सबसे उत्तम व श्रेष्ठ मुहूर्त है।
उत्तर-पूर्व दिशा में करें तिलक : पंडित ललित
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि तिलक करने के लिए बहनें दिशा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि बहन उत्तर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके भाई का तिलक करें। तिलक के बाद बहन भाई को मिठाई खिलाएं और भाई बहन का मुंह मीठा कराएं। ऐसा करने से भाई-बहन का स्नेह हमेशा के लिए बना रहेगा। तिलक के बाद भाई की आरती उतारें और उसके भाग्योदय व लंबी उम्र की कामना करें। बहनें भाई की झोली में सूखा नारियल (नारियल गोला, खोपा) खिल इत्यादि डाले।
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जगाधरी। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भैया दूज का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। परंपरा के अनुसार भैया दूज दिवाली के दूसरे दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार दो दिन अमावस होने के कारण द्वितीया तिथि एक दिन की देरी से पड़ी है। इससे रविवार को भैया दूज का पर्व मनाया जा रहा है।
पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में अच्छी भीड़ देखने को मिली। एक तरह जहां महिलाएं भाइयों का तिलक करने के लिए सूखे नारियल की खरीदारी करती दिखीं। वहीं, पुरुष दूज के उपहार व सामग्री की खरीदारी करते नजर आए। इस दौरान मिठाइयों की दुकान पर काफी भीड़ देखने को मिली।
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भारतीय परंपरा में भैया दूज पर्व का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाई अपनी बहन की ससुराल में पानी तक नहीं पीते हैं। परंतु इस दिन भाई बिना आमंत्रण बहनों के घर पहुंचते हैं और बहन उनका तिलक करती हैं। मान्यता है कि इस दिन बहन के घर भोजन करने से भाई के भाग्य में वृद्धि होती है। ऐसे में पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिली।
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लोगों ने बाजार में खरीदारी की। वहीं, दूसरी तरफ सड़कों पर भी काफी भीड़ रही। इस दौरान रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर काफी भीड़ रही। बहन के घर जाने के लिए भाईयों को जद्दोजहद करनी पड़ी। बसों में काफी भीड़ रही और बस में चढ़ने के लिए दिक्कत झेलनी पड़ी। पर्व के कारण शाम को शहर की तमाम सड़कें व्यस्त नजर आई।
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि भैया दूज पर बहनें भाईयों का तिलक कर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीष देती हैं। मान्यता है कि इस दिन बहनों का आशीर्वाद लेना भाईयों के लिए अत्यंत मंगलकारी होेता है। इस दिन यदि बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों का तिलक करती हैं, तो उनके यश, कीर्ति, वैभव में वृद्धि होती है। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि दोपहर एक बजकर 10 मिनट से दोपहर तीन बजकर 22 मिनट तिलक का सबसे उत्तम व श्रेष्ठ मुहूर्त है।
उत्तर-पूर्व दिशा में करें तिलक : पंडित ललित
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि तिलक करने के लिए बहनें दिशा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि बहन उत्तर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके भाई का तिलक करें। तिलक के बाद बहन भाई को मिठाई खिलाएं और भाई बहन का मुंह मीठा कराएं। ऐसा करने से भाई-बहन का स्नेह हमेशा के लिए बना रहेगा। तिलक के बाद भाई की आरती उतारें और उसके भाग्योदय व लंबी उम्र की कामना करें। बहनें भाई की झोली में सूखा नारियल (नारियल गोला, खोपा) खिल इत्यादि डाले।