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शहीद रॉकी के सम्मान में प्रेशर कुकर देने पर भड़के दलित संगठन
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:54 PM IST
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स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज द्वारा शहीद रॉकी के परिजनों को प्रेशर कुकर दिए जाने पर विभिन्न दलित संगठनों ने विरोध जताया है। शनिवार को संगठन कार्यकर्ताओं ने आदवंशी वीर सेना के बैनर तले नेशनल हाईवे-73 और लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीसी डा. एसएस फुलिया को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर शहीद रॉकी को परमवीर चक्र से सम्मानित करने, उसके परिवार को पांच करोड़ देने और बिलासपुर में बनने वाले सरकारी कॉलेज का नाम शहीद रॉकी के नाम पर रखने की मांग की। वहीं चेतावनी दी कि यदि सात दिन तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो दलित समाज के सभी लोग लघु सचिवालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।
प्रदर्शन में डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा मंच, गुुरु रविदास फोर्स एकता युवा मंच, भारतीय वाल्मीकि समाज, युवा शक्ति मोर्चा, प्रभूद भारत संगठन व गुरु रविदास यूथ फोर्स के सदस्य शामिल हुए। संगठनाें ने इस बात पर रोष जताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में शहीद के परिवार को केवल प्रेशर कुकर दिया गया। शहीद के सम्मान में कोई घोषणा नहीं की गई।
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आदवंशी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विक्की बांगड़ और राष्ट्रीय सचिव राकेश आदवंशी के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए जगाधरी अनाज मंडी गेट होते हुए चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर आ गए। कार्यकर्ता लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ व शहीद रॉकी के सम्मान में नारेबाजी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर छुट्टी के दिन भी डीसी डॉ. एसएस फुलिया कैंप ऑफिस से लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने डीसी को राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में डा. भीमराव अंबेडकर युवा मंच के प्रधान नरेश कुमार, राजकुमार, कमल शेखूपुरा, सोहिल नागरा, गुरमेल फौजी, बलबीर सिंह, रिंकू मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रेशर कुकर नहीं, परमवीर चक्र दे सरकार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में हुए आतंकी हमले में शहीद रॉकी ने अपनी जान की बाजी लगाकर 44 जवानों को ही नहीं बचाया, बल्कि उनके 44 परिवारों को बचाया था। रॉकी ने घर से छुट्टी काटकर वापस जा रहे बीएसएफ के जवानों से भरी बस को बम से उड़ाने की योजना को असफल कर दिया था। टांग व गर्दन पर गोलियां लगने के बावजूद रॉकी ने एक आतंकी को ढेर कर दिया लेकिन सरकार उसे बहादुरी का सम्मान परमवीर चक्र देने के बजाय मात्र प्रेशर कुकर देकर अपमानित कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को प्रेशर कुकर दिए जाने पर प्रदेश सरकार को माफी मांगनी चाहिए।
खिलाड़ी को पांच करोड़, तो शहीद को क्यों नहीं
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शहीद के परिवार के लिए कोई घोषणा नहीं की। एक खिलाड़ी को पांच पांच करोड़ रुपये और ढेरों उपहार दिए जा सकते हैं तो जान की बाजी लगाने वाले शहीद के परिवार को भी पांच करोड़ दिए जाने चाहिए।
ये मांगें रखीं
शहीद रॉकी को परमवीर चक्र से सम्मानित किया जाए।
शहीद रॉकी के परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
शहीद रॉकी के भाई व बहन को अच्छे पद पर सरकारी नौकरी दी जाए।
शहीद रॉकी के नाम पर परिवार को सरकारी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी का लाइसेंस प्रदान किया जाए।
बिलासपुर या साढौरा में बनने वाले सरकारी कॉलेज का नाम अमर शहीद रॉकी के नाम पर रखा जाए।
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प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीसी डा. एसएस फुलिया को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर शहीद रॉकी को परमवीर चक्र से सम्मानित करने, उसके परिवार को पांच करोड़ देने और बिलासपुर में बनने वाले सरकारी कॉलेज का नाम शहीद रॉकी के नाम पर रखने की मांग की। वहीं चेतावनी दी कि यदि सात दिन तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो दलित समाज के सभी लोग लघु सचिवालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।
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प्रदर्शन में डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा मंच, गुुरु रविदास फोर्स एकता युवा मंच, भारतीय वाल्मीकि समाज, युवा शक्ति मोर्चा, प्रभूद भारत संगठन व गुरु रविदास यूथ फोर्स के सदस्य शामिल हुए। संगठनाें ने इस बात पर रोष जताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में शहीद के परिवार को केवल प्रेशर कुकर दिया गया। शहीद के सम्मान में कोई घोषणा नहीं की गई।
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आदवंशी सेना के प्रदेश अध्यक्ष विक्की बांगड़ और राष्ट्रीय सचिव राकेश आदवंशी के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए जगाधरी अनाज मंडी गेट होते हुए चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर आ गए। कार्यकर्ता लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ व शहीद रॉकी के सम्मान में नारेबाजी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर छुट्टी के दिन भी डीसी डॉ. एसएस फुलिया कैंप ऑफिस से लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने डीसी को राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में डा. भीमराव अंबेडकर युवा मंच के प्रधान नरेश कुमार, राजकुमार, कमल शेखूपुरा, सोहिल नागरा, गुरमेल फौजी, बलबीर सिंह, रिंकू मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रेशर कुकर नहीं, परमवीर चक्र दे सरकार
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में हुए आतंकी हमले में शहीद रॉकी ने अपनी जान की बाजी लगाकर 44 जवानों को ही नहीं बचाया, बल्कि उनके 44 परिवारों को बचाया था। रॉकी ने घर से छुट्टी काटकर वापस जा रहे बीएसएफ के जवानों से भरी बस को बम से उड़ाने की योजना को असफल कर दिया था। टांग व गर्दन पर गोलियां लगने के बावजूद रॉकी ने एक आतंकी को ढेर कर दिया लेकिन सरकार उसे बहादुरी का सम्मान परमवीर चक्र देने के बजाय मात्र प्रेशर कुकर देकर अपमानित कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को प्रेशर कुकर दिए जाने पर प्रदेश सरकार को माफी मांगनी चाहिए।
खिलाड़ी को पांच करोड़, तो शहीद को क्यों नहीं
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शहीद के परिवार के लिए कोई घोषणा नहीं की। एक खिलाड़ी को पांच पांच करोड़ रुपये और ढेरों उपहार दिए जा सकते हैं तो जान की बाजी लगाने वाले शहीद के परिवार को भी पांच करोड़ दिए जाने चाहिए।
ये मांगें रखीं
शहीद रॉकी को परमवीर चक्र से सम्मानित किया जाए।
शहीद रॉकी के परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
शहीद रॉकी के भाई व बहन को अच्छे पद पर सरकारी नौकरी दी जाए।
शहीद रॉकी के नाम पर परिवार को सरकारी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी का लाइसेंस प्रदान किया जाए।
बिलासपुर या साढौरा में बनने वाले सरकारी कॉलेज का नाम अमर शहीद रॉकी के नाम पर रखा जाए।