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रादौर में आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर किया धरना-प्रदर्शन
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रादौर अनाजमंडी में मांगों को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते आढ़ती।
- फोटो : Yamuna Nagar
रादौर। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को रादौर अनाज मंडी के आढ़ती अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आढ़तियों ने रोष जताते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। मंडी प्रधान नरेंद्र की अगुुवाई में नारेबाजी कर मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई।
प्रदर्शन में अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान शिव कुमार संधाला मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि सरकार गलत नीतियां लागू कर रही है। उनकी मांग है कि किसानों की सभी फसलें सरकार द्वारा एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदी जाए। आढ़त पूरी 2.5 प्रतिशत मिलनी चाहिए। पिछले वर्ष से ही एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को दिया जाने लगा है। इससे आढ़तियों के साथ किसानों में रोष है। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली फसलों का भुगतान किसान की इच्छा अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए। सीमांत किसानों को ई-खरीद पोर्टल पर रजिस्टर्ड करने के बाद भी सरकार ने उनकी फसलें नहीं खरीदी है, जबकि सभी सीमांत किसान वर्षों से प्रदेश की मंडियों से जुड़े हैं। उनमें से बहुत से किसान प्रदेश के रहने वाले हैं।
धान सीजन में सरकार द्वारा उनका धान नहीं खरीदने से किसानों व आढ़तियों को नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार आगामी सीजन में सभी सीमांत किसानों की फसलों की खरीद करें। वर्ष 2020 में सरकार ने धान पर मार्केट व एचआरडीएफ फीस चार प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी थी, पर फिर से विभाग ने यह फीस एक प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दी है। जबकि पड़ोसी राज्यों में यह टैक्स प्रदेश से बहुत कम है। इससे व्यापारी दूसरे प्रदेशों से धान खरीद रहे हैं। इस मौके पर आशीष आहूजा, सुशील बत्रा, पूर्ण चंद आहूजा, प्रवीण अग्रवाल, राकेश गर्ग, पूर्ण चंद कांबोज, संजीव, बलबीर, रणबीर धौलरा, आशीष धौलरा, बंसीलाल सैनी, मोहनलाल सैनी, जगराम सैनी, बलजीत, सुरेंद्र, राजेश, प्रवीण, सुभाष, संदीप, पवन, अशोक, निरंजन सिंह व अन्य मौजूद रहे।
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प्रदर्शन में अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान शिव कुमार संधाला मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि सरकार गलत नीतियां लागू कर रही है। उनकी मांग है कि किसानों की सभी फसलें सरकार द्वारा एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदी जाए। आढ़त पूरी 2.5 प्रतिशत मिलनी चाहिए। पिछले वर्ष से ही एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को दिया जाने लगा है। इससे आढ़तियों के साथ किसानों में रोष है। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली फसलों का भुगतान किसान की इच्छा अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए। सीमांत किसानों को ई-खरीद पोर्टल पर रजिस्टर्ड करने के बाद भी सरकार ने उनकी फसलें नहीं खरीदी है, जबकि सभी सीमांत किसान वर्षों से प्रदेश की मंडियों से जुड़े हैं। उनमें से बहुत से किसान प्रदेश के रहने वाले हैं।
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धान सीजन में सरकार द्वारा उनका धान नहीं खरीदने से किसानों व आढ़तियों को नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार आगामी सीजन में सभी सीमांत किसानों की फसलों की खरीद करें। वर्ष 2020 में सरकार ने धान पर मार्केट व एचआरडीएफ फीस चार प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दी थी, पर फिर से विभाग ने यह फीस एक प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दी है। जबकि पड़ोसी राज्यों में यह टैक्स प्रदेश से बहुत कम है। इससे व्यापारी दूसरे प्रदेशों से धान खरीद रहे हैं। इस मौके पर आशीष आहूजा, सुशील बत्रा, पूर्ण चंद आहूजा, प्रवीण अग्रवाल, राकेश गर्ग, पूर्ण चंद कांबोज, संजीव, बलबीर, रणबीर धौलरा, आशीष धौलरा, बंसीलाल सैनी, मोहनलाल सैनी, जगराम सैनी, बलजीत, सुरेंद्र, राजेश, प्रवीण, सुभाष, संदीप, पवन, अशोक, निरंजन सिंह व अन्य मौजूद रहे।
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