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Yamuna Nagar News: एक्यूआई 203 पर पहुंचा, सेहत के लिए बजी खतरे की घंटी
Mon, 18 Nov 2024 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 18 Nov 2024 01:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। त्योहारी सीजन में जमकर हुई आतिशबाजी का असर वातावरण में सफेद चादर के रूप में नजर आ रहा है। ऐसे में जिले का एक्यूआई 203 तक पहुंच गया। इससे जिला यलो अलर्ट जोन में आ गया। बढ़ा वायु प्रदूषण मरीजों के लिए यह खतरे की घंटी साबित हो रहा है।
हालांकि दोपहर तक एक्यूआई 184 दर्ज किया गया, जो नॉर्मल से कई गुना अधिक है। स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या होने लगी है।स्मॉग सांस व दमा रोगियों के लिए भी मुसीबत बन गया है। रक्तचाप बढ़ सकता है और हृदय की धड़कनें तेज हो सकती है। इससे सिरदर्द, चक्कर आना और थकान हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
स्मॉग के कारण पहले से ही बीमार मरीजों का ज्यादा दिक्कत आ रही है। सिविल अस्पताल में रोज सांस, खराश, थकान के 150 से 200 मरीज आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राघव गुप्ता ने कहा कि आंखों में जलन के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह वायु प्रदूषण हो सकती है। इससे आंखों के बचाव में घर से निकलते समय चश्मा पहनना चाहिए।
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साथ ही साफ पानी से आंखों को धोना चाहिए। हालांकि नगर निगम की तरफ से पेड़ों पर जमीं धूल के कणों को साफ करने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया था, लेकिन वह भी कारगर साबित नहीं हुआ। ऐसे में स्थिति फिर से पहले जैसी ही हो गई है। वहीं चिकित्सकों के अनुसार भी दिनभर उड़ रही धूल के कणों से सांस लेने में दिक्कत आ सकती है।
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एक्यूआई किस स्तर पर कैसा
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक
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यमुनानगर। त्योहारी सीजन में जमकर हुई आतिशबाजी का असर वातावरण में सफेद चादर के रूप में नजर आ रहा है। ऐसे में जिले का एक्यूआई 203 तक पहुंच गया। इससे जिला यलो अलर्ट जोन में आ गया। बढ़ा वायु प्रदूषण मरीजों के लिए यह खतरे की घंटी साबित हो रहा है।
हालांकि दोपहर तक एक्यूआई 184 दर्ज किया गया, जो नॉर्मल से कई गुना अधिक है। स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या होने लगी है।स्मॉग सांस व दमा रोगियों के लिए भी मुसीबत बन गया है। रक्तचाप बढ़ सकता है और हृदय की धड़कनें तेज हो सकती है। इससे सिरदर्द, चक्कर आना और थकान हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
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स्मॉग के कारण पहले से ही बीमार मरीजों का ज्यादा दिक्कत आ रही है। सिविल अस्पताल में रोज सांस, खराश, थकान के 150 से 200 मरीज आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राघव गुप्ता ने कहा कि आंखों में जलन के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह वायु प्रदूषण हो सकती है। इससे आंखों के बचाव में घर से निकलते समय चश्मा पहनना चाहिए।
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साथ ही साफ पानी से आंखों को धोना चाहिए। हालांकि नगर निगम की तरफ से पेड़ों पर जमीं धूल के कणों को साफ करने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया था, लेकिन वह भी कारगर साबित नहीं हुआ। ऐसे में स्थिति फिर से पहले जैसी ही हो गई है। वहीं चिकित्सकों के अनुसार भी दिनभर उड़ रही धूल के कणों से सांस लेने में दिक्कत आ सकती है।
एक्यूआई किस स्तर पर कैसा
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक