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Yamuna Nagar News: दाखिले की तारीख बढ़ाने के बाद भी महाविद्यालयों में नहीं बढ़ सके आवेदन

Wed, 10 Jun 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 10 Jun 2026 12:42 AM IST
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Applications to colleges did not increase even after the admission deadline was extended
आवेदन करने के दौरान समिति सदस्यों से जानकारी लेते विद्यार्थी। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। यूजी कोर्स में दाखिला लेने के लिए आवेदन करने की तिथि तो निदेशालय ने बढ़ा दी है। इसका कॉलेज में आवेदन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं दिख रहा है। जिले के राजकीय महाविद्यालयों में 75 फीसदी सीटें खाली हैं।
अपेक्षाकृत आवेदन न होने के कारण निदेशालय ने आवेदन की तिथि बढ़ाकर 15 जून कर दी है, बावजूद इसके आवेदन में तेजी नहीं आई है। बीए, बी.कॉम, बीएससी में सीटों से 25 प्रतिशत से भी कम आवेदन आए हैं। यूजी कोर्स में आवेदन प्रक्रिया का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजकीय महाविद्यालय प्रतापनगर में कुल 17 ही आवेदन आए हैं।
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राजकीय महाविद्यालय प्रतापनगर और सरस्वतीनगर में बीए और बीकॉम दो ही कोर्स हैं और दोनों कोर्स ही रेगुलर हैं। रेगुलर कोर्सिस में विद्यार्थियों का बिल्कुल भी रूझान नहीं है। इसी तरह राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर में भी 25 प्रतिशत आवेदन नहीं हो पाएं हैं। इन दोनों महाविद्यालय में केवल बीए और बी.कॉम कोर्स ही करवाए जाते हैं।
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प्रतापनगर राजकीय महाविद्यालय में बीए की 60 और बी.काॅम की 40 कुल 100 सीटें हैं। वहीं, सरस्वतीनगर राजकीय महाविद्यालय में बीए की 160 और बी.कॉम की 80 कुल 240 सीटें हैं। इन दोनों महाविद्यालय की 80 प्रतिशत से ज्यादा सीटें रिक्त हैं। वहीं, जिले के तमाम राजकीय व एडिड महाविद्यालयों में कुल 7018 सीटें हैं। इनमें से 2210 सीटें राजकीय महाविद्यालयों में हैं। आंकड़ों के अनुसार रेगुलर कोर्स की 3680 सीटों पर अभी तक करीब 2,100 आवेदन हुए हैं। दूसरी ओर रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की 1310 सीटों के लिए 2800 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इससे साफ है कि विद्यार्थी अब पारंपरिक शिक्षा की बजाय ऐसे कोर्सों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनसे रोजगार मिलने की संभावना अधिक हो। ऐसे में रेगुलर कोर्स की सीटें भरना प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है। कॉलेज की काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थी केवल रोजगारपरक कोर्स की जानकारी ले रहे हैं। जिले के सभी राजकीय महाविद्यालय और एडिड कॉलेज में भी रेगुलर कोर्स में भी स्थिति यही है। किसी भी कॉलेज में बीए और बी.कॉम, बीएससी में 30 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन नहीं हो पाए हैं। महाराजा अग्रसेन कॉलेज की प्राचार्या डॉ. करुणा ने बताया कि विद्यार्थियों का रुझान रोजगारपरक व कौशल आधारित कोर्स में अधिक है।

विद्यार्थी रोजगार के लिए गंभीर : डॉ. तनेजा

राजकीय महाविद्यालय प्रतापनगर के प्राचार्य संजीव कुमार ने बताया कि विद्यार्थी रोजगार के लिए काफी गंभीर हैं। रेगुलर कोर्स के आधार पर किसी कंपनी में नौकरी पाने में काफी मुश्किल व परेशानी होती है। विद्यार्थी कौशल आधारित व रोजगार दिलवाने में सहायक कोर्स का ही चयन कर रहे हैं। इसी कारण रेगुलर कोर्स में आवेदन बहुत कम हो रहे हैं। प्रतापनगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने बताया विद्यार्थियों का रुझान रोजगारपरक कोर्स की तरफ बढ़ा है। इस कारण रेगुलर कोर्स में आवेदन कम हैं।
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