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शिक्षा मंत्री के बयान से खफा किसानों ने टोल पर फूंका सरकार का पुतला
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जगाधरी। कोरोना संक्रमण बेकाबू होने व उसके तेजी से फैलने के लिए किसान आंदोलन पर सवाल उठाने से खफा भाकियू ने शुक्रवार को मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी की और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार इस महामारी को अवसर बनाकर अमीरों का हित करने में लगी हुई है, जबकि जनता महामारी के कारण मर रही है। इससे पहले सुबह से ही किसान प्रदर्शन के लिए मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर जुटने शुरू हो गए थे।
प्रदर्शन की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना ने की। संजू गुंदयाना ने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण के फैलने के लिए किसान आंदोलन को जिम्मेदार बता रही है, जबकि कोरोना का फैलना सरकार की नाकामी है। अन्य देशों ने इस महामारी के दौरान इसे रोकने के उपाय किए, जबकि भाजपा ने इसे अवसर की तरह इस्तेमाल किया। पिछले साल हैदराबाद नगर निगम चुनाव सहित इस साल पांच राज्यों में चुनाव करवाना और वहां लाखों की भीड़ जुटाना इसका प्रमाण है। प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लोगों को शारीरिक दूरी का पाठ पढ़ा रहे थे और रैलियों में खुद इसकी धज्जियां उड़ा रहे थे। भाजपा सरकार शुरू से ही अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ती आई है। प्रदेश के शिक्षामंत्री का आंदोलन को बदनाम करने का बयान बेहद, शर्मनाक है। वे सरकार की नाकामी छिपाने का बहाना ढूंढ रहे हैं। सरकार के पास एक साल का समय था, जिसमें इस महामारी को रोकने के लिए काम करने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने इसे व्यर्थ गवां दिया। अब इसका जिम्मेदार दूसरों को ठहराया जा रहा है, जबकि सच यह है कि आंदोलन में किसी किसान की कोरोना से मृत्यु नहीं हुई है। जबकि देश की हालत बिगाड़ने में सरकार का सबसे बड़ा हाथ है। सरकार ने चुनावी रैलियों में लाखों की भीड़ जुटाई, जिससे कोरोना तेजी से फैलने लगा। संजू ने कहा कि लोग सरकार की मंशा जान चुके हैं, यही कारण है कि बंगाल चुनाव में भाजपा की हार हुई है। हाल यह है कि सरकार ऑक्सीजन तक नहीं उपलब्ध करवा पा रही है। सरकार की नाकामी से हजारों लोगों की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि किसान मंत्रियों, नेताओं के ऐसे बयानों से भयभीत होकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं ले लेती, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। संजू ने कहा कि शिक्षामंत्री को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान किसानों ने सरकार व मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी। इसके बाद किसानों ने शिक्षामंत्री का पुतला आग के हवाले कर दिया। मौके पर जरनैल सिंह सांगवान, गुरमेज सिंह कपूरी, रुपिंदर कौर, हरविंद्र कौर, सतिंद्र रिटा, राजकुमार, कश्मीरी लाल, सचिव ब्रह्मपाल राठी, संचित, कुलदीप, मलकीत, सुनील, अजमेर नंबरदार, कृष्ण पाल आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना ने की। संजू गुंदयाना ने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण के फैलने के लिए किसान आंदोलन को जिम्मेदार बता रही है, जबकि कोरोना का फैलना सरकार की नाकामी है। अन्य देशों ने इस महामारी के दौरान इसे रोकने के उपाय किए, जबकि भाजपा ने इसे अवसर की तरह इस्तेमाल किया। पिछले साल हैदराबाद नगर निगम चुनाव सहित इस साल पांच राज्यों में चुनाव करवाना और वहां लाखों की भीड़ जुटाना इसका प्रमाण है। प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लोगों को शारीरिक दूरी का पाठ पढ़ा रहे थे और रैलियों में खुद इसकी धज्जियां उड़ा रहे थे। भाजपा सरकार शुरू से ही अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ती आई है। प्रदेश के शिक्षामंत्री का आंदोलन को बदनाम करने का बयान बेहद, शर्मनाक है। वे सरकार की नाकामी छिपाने का बहाना ढूंढ रहे हैं। सरकार के पास एक साल का समय था, जिसमें इस महामारी को रोकने के लिए काम करने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने इसे व्यर्थ गवां दिया। अब इसका जिम्मेदार दूसरों को ठहराया जा रहा है, जबकि सच यह है कि आंदोलन में किसी किसान की कोरोना से मृत्यु नहीं हुई है। जबकि देश की हालत बिगाड़ने में सरकार का सबसे बड़ा हाथ है। सरकार ने चुनावी रैलियों में लाखों की भीड़ जुटाई, जिससे कोरोना तेजी से फैलने लगा। संजू ने कहा कि लोग सरकार की मंशा जान चुके हैं, यही कारण है कि बंगाल चुनाव में भाजपा की हार हुई है। हाल यह है कि सरकार ऑक्सीजन तक नहीं उपलब्ध करवा पा रही है। सरकार की नाकामी से हजारों लोगों की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि किसान मंत्रियों, नेताओं के ऐसे बयानों से भयभीत होकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं ले लेती, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। संजू ने कहा कि शिक्षामंत्री को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान किसानों ने सरकार व मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी। इसके बाद किसानों ने शिक्षामंत्री का पुतला आग के हवाले कर दिया। मौके पर जरनैल सिंह सांगवान, गुरमेज सिंह कपूरी, रुपिंदर कौर, हरविंद्र कौर, सतिंद्र रिटा, राजकुमार, कश्मीरी लाल, सचिव ब्रह्मपाल राठी, संचित, कुलदीप, मलकीत, सुनील, अजमेर नंबरदार, कृष्ण पाल आदि मौजूद रहे।
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