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Yamuna Nagar News: गोवंशों की मौत से संत समाज और संगठनों में आक्रोश
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बिलासपुर/यमुनानगर। कपालमोचन में ऋण मोचन सरोवर के समीप बंद कमरे में भूख-प्यास से तड़पकर हुई 12 गोवंशों की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। संत समाज और विभिन्न संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर में गौ सेवा संगठन, श्रीराम सेना, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, वेद व्यास कुंड खेड़ा ट्रस्ट व नव भारत चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने थाना बिलासपुर पुलिस में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस को दी शिकायत में अभिषेक ने बताया कि ग्राम बिलासपुर गो सेवा संगठन श्री राम सेना के सचिव को सूचना मिली थी कि तीर्थ स्थल कपाल मोचन में श्रवण मोचन सरोवर के पास एक खाली पड़े बंद मकान में किसी मृत पशु की दुर्गंध आ रही है। इस पर वे देखने के लिए मौके पर पहुंचे। इसके बाद कमरे के मालिक को मौके पर बुलाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो वह नहीं खुला। इसके बाद जेसीबी मंगवाकर दीवार को तुड़वाया गया। देख तो अंदर गोवंश मृत पड़े थे, जिनमें एक गाय गर्भवती भी थी। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस के आने के बाद मृत गोवंशों को कमरे से बाहर निकाल उन्हें भूमि में दबाया गया।
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इस संबंध में यमुनानगर में भी गऊ संवर्धन न्यास, पर्यावरण मित्र फाउंडेशन आदि संगठनों ने डीसी, नायब तहसीलदार, एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि पशुओं को एक मकान में बंद करके मरने के लिए छोड़ देना निर्मम कार्य है, जिसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, थाना बिलासपुर पुलिस ने शिकायत मिलने पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी है। उल्लेखनीय है कपालमोचन में ऋणमोचन सरोवर के समीप पांबनी गांव के एक व्यक्ति के बंद पड़े जर्जर मकान में लावारिस गोवंशों को बंद कर दिया गया था जिससे भयकंर गर्मी व भूख प्यास से 12 गोवंशों ने दम तोड़ दिया था।
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फोटो-12
जीव पर अत्याचार करना सही नहीं : महंत निर्मल दास
श्री रविदास मंदिर डेरा बाबा लाल दास कपालमोचन के महंत निर्मल दास का कहना है कि किसी भी जीव के साथ अत्याचार करना सही नहीं है। गोवंशों को कमरे में बंद करके मरने के लिए छोड़ देना निंदनीय है। इस घटना से गहरा दुख पहुंचा है। प्रशासन व स्थानीय लोगों को आगे आकर पूरे मामले को लेकर जांच करवानी चाहिए ओर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करना चाहिए।
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फोटो-13
गोवंश पर अत्याचार से समाज में रोष
श्री केदारनाथ के पुजारी राजेश्वर शास्त्री का कहना है कि गऊ को माता का दर्जा दिया गया है, जिसकी पूजा की जाती है। गाय पालने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता है। देवता के समान पूजनीय गाय के साथ ऐसा अत्याचार करना सही नहीं है। इससे पूरे संत समाज में रोष है।
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फोटो-14
वेदों में गाय पूजनीय : महंत विनय
श्री आदिबद्री मंदिर के महंत विनय स्वरूप ने कहा कि वेदों में गाय को पूजनीय माना गया है। गाय की पूजा अर्चना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुछ लोगाें के द्वारा मकान में बंद करके पशुओं को मरने के लिए छोड़ देना सही नहीं है। इससे समाज के लोगों में भारी रोष है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -
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बिलासपुर में गौ सेवा संगठन, श्रीराम सेना, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, वेद व्यास कुंड खेड़ा ट्रस्ट व नव भारत चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने थाना बिलासपुर पुलिस में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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पुलिस को दी शिकायत में अभिषेक ने बताया कि ग्राम बिलासपुर गो सेवा संगठन श्री राम सेना के सचिव को सूचना मिली थी कि तीर्थ स्थल कपाल मोचन में श्रवण मोचन सरोवर के पास एक खाली पड़े बंद मकान में किसी मृत पशु की दुर्गंध आ रही है। इस पर वे देखने के लिए मौके पर पहुंचे। इसके बाद कमरे के मालिक को मौके पर बुलाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो वह नहीं खुला। इसके बाद जेसीबी मंगवाकर दीवार को तुड़वाया गया। देख तो अंदर गोवंश मृत पड़े थे, जिनमें एक गाय गर्भवती भी थी। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस के आने के बाद मृत गोवंशों को कमरे से बाहर निकाल उन्हें भूमि में दबाया गया।
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इस संबंध में यमुनानगर में भी गऊ संवर्धन न्यास, पर्यावरण मित्र फाउंडेशन आदि संगठनों ने डीसी, नायब तहसीलदार, एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि पशुओं को एक मकान में बंद करके मरने के लिए छोड़ देना निर्मम कार्य है, जिसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, थाना बिलासपुर पुलिस ने शिकायत मिलने पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी है। उल्लेखनीय है कपालमोचन में ऋणमोचन सरोवर के समीप पांबनी गांव के एक व्यक्ति के बंद पड़े जर्जर मकान में लावारिस गोवंशों को बंद कर दिया गया था जिससे भयकंर गर्मी व भूख प्यास से 12 गोवंशों ने दम तोड़ दिया था।
फोटो-12
जीव पर अत्याचार करना सही नहीं : महंत निर्मल दास
श्री रविदास मंदिर डेरा बाबा लाल दास कपालमोचन के महंत निर्मल दास का कहना है कि किसी भी जीव के साथ अत्याचार करना सही नहीं है। गोवंशों को कमरे में बंद करके मरने के लिए छोड़ देना निंदनीय है। इस घटना से गहरा दुख पहुंचा है। प्रशासन व स्थानीय लोगों को आगे आकर पूरे मामले को लेकर जांच करवानी चाहिए ओर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करना चाहिए।
फोटो-13
गोवंश पर अत्याचार से समाज में रोष
श्री केदारनाथ के पुजारी राजेश्वर शास्त्री का कहना है कि गऊ को माता का दर्जा दिया गया है, जिसकी पूजा की जाती है। गाय पालने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता है। देवता के समान पूजनीय गाय के साथ ऐसा अत्याचार करना सही नहीं है। इससे पूरे संत समाज में रोष है।
फोटो-14
वेदों में गाय पूजनीय : महंत विनय
श्री आदिबद्री मंदिर के महंत विनय स्वरूप ने कहा कि वेदों में गाय को पूजनीय माना गया है। गाय की पूजा अर्चना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुछ लोगाें के द्वारा मकान में बंद करके पशुओं को मरने के लिए छोड़ देना सही नहीं है। इससे समाज के लोगों में भारी रोष है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -