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Yamuna Nagar News: सती का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
Fri, 02 Oct 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:57 AM IST
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काली माता मंदिर में कथा सुनने के लिए पहुंचे श्रद्धालु। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। काली माता मंदिर में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास राजेंद्र दास ने श्रद्धालुओं को शिव-सती, वामन अवतार, जड़ भरत और संतों के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं के माध्यम से मनुष्य को जीवन में संयम, सेवा, सदाचार और भक्ति का महत्व समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कथा के दौरान शिव और माता सती के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सती ने भगवान राम की परीक्षा लेने का प्रयास किया था।
इस प्रसंग से उन्होंने श्रद्धालुओं से ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की दिव्यता को सामान्य बुद्धि से परखने के बजाय भक्ति और विश्वास के साथ स्मरण करना चाहिए।
उन्होंने वामन अवतार की कथा में राजा बलि और भगवान वामन के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग वचन के पालन, त्याग और धर्म के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
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भगवान के विभिन्न अवतारों के माध्यम से धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। जड़ भरत के प्रसंग से उन्होंने मोह-माया और अत्यधिक आसक्ति से बचने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने सांसारिक दायित्व निभाते हुए भी प्रभु का स्मरण करते रहना चाहिए।
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व्यासपुर। काली माता मंदिर में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास राजेंद्र दास ने श्रद्धालुओं को शिव-सती, वामन अवतार, जड़ भरत और संतों के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं के माध्यम से मनुष्य को जीवन में संयम, सेवा, सदाचार और भक्ति का महत्व समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कथा के दौरान शिव और माता सती के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सती ने भगवान राम की परीक्षा लेने का प्रयास किया था।
इस प्रसंग से उन्होंने श्रद्धालुओं से ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की दिव्यता को सामान्य बुद्धि से परखने के बजाय भक्ति और विश्वास के साथ स्मरण करना चाहिए।
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उन्होंने वामन अवतार की कथा में राजा बलि और भगवान वामन के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग वचन के पालन, त्याग और धर्म के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
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भगवान के विभिन्न अवतारों के माध्यम से धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। जड़ भरत के प्रसंग से उन्होंने मोह-माया और अत्यधिक आसक्ति से बचने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने सांसारिक दायित्व निभाते हुए भी प्रभु का स्मरण करते रहना चाहिए।