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Yamuna Nagar News: आंगनबाड़ी वर्करों का धरना जारी, बकाया भुगतान मांगा
Tue, 08 Sep 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 08 Sep 2026 01:37 AM IST
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पीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पर दिया जा रहा धरना सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। वर्करों ने विभाग पर बकाया भुगतान में देरी करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया।
ब्लॉक प्रधान सुनीता, राज्य एवं जिला प्रेस सचिव रितु गुप्ता ने बताया कि दो सितंबर को वर्करों के खातों में छह माह के सेंटर शेयर का भुगतान किया गया है, जबकि सात माह का भुगतान किया जाना चाहिए था। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया, आंगनबाड़ी कम क्रैश सेंटरों का करीब डेढ़ वर्ष का किराया और तीन वर्ष के कुकिंग गैस के पैसे भी बकाया हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक एक-एक पैसा खातों में नहीं पहुंचता, तब तक धरना जारी रखने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिन से कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना चल रहा है, लेकिन अधिकारी ने वर्करों से बातचीत करने की जरूरत नहीं समझी।
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उन्होंने कहा कि करीब एक वर्ष से जिला कार्यक्रम अधिकारी सेआर्थिक परेशानी के बारे में बात की जा रही है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। करीब 12 हजार रुपये मानदेय पाने वाली वर्करों को आठ हजार रुपये मासिक किराया देना पड़ रहा है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वर्कर कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। धरने में जगाधरी ग्रामीण व अर्बन क्षेत्र की वर्कर मौजूद रहीं।
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यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पर दिया जा रहा धरना सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। वर्करों ने विभाग पर बकाया भुगतान में देरी करने का आरोप लगाते हुए रोष जताया।
ब्लॉक प्रधान सुनीता, राज्य एवं जिला प्रेस सचिव रितु गुप्ता ने बताया कि दो सितंबर को वर्करों के खातों में छह माह के सेंटर शेयर का भुगतान किया गया है, जबकि सात माह का भुगतान किया जाना चाहिए था। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया, आंगनबाड़ी कम क्रैश सेंटरों का करीब डेढ़ वर्ष का किराया और तीन वर्ष के कुकिंग गैस के पैसे भी बकाया हैं।
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उन्होंने कहा कि जब तक एक-एक पैसा खातों में नहीं पहुंचता, तब तक धरना जारी रखने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिन से कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना चल रहा है, लेकिन अधिकारी ने वर्करों से बातचीत करने की जरूरत नहीं समझी।
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उन्होंने कहा कि करीब एक वर्ष से जिला कार्यक्रम अधिकारी सेआर्थिक परेशानी के बारे में बात की जा रही है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। करीब 12 हजार रुपये मानदेय पाने वाली वर्करों को आठ हजार रुपये मासिक किराया देना पड़ रहा है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वर्कर कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। धरने में जगाधरी ग्रामीण व अर्बन क्षेत्र की वर्कर मौजूद रहीं।