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Yamuna Nagar News: गर्मी से राहत के साथ जलभराव की आफत लाई बारिश

Mon, 30 Jun 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 30 Jun 2025 12:51 AM IST
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Along with relief from heat, rain brought the problem of waterlogging
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। उमस भरी गर्मी से राहत के साथ रविवार को बारिश जलभराव की आफत भी लाई। तड़के तीन बजे से दोपहर 12 बजे तक रुककर बारिश हुई। बारिश में शहर से गांवों तक जलभराव के हालात बने। खेत जलमग्न तो सड़कें लबालब दिखीं। शहर के निचले इलाकों सहित पॉश क्षेत्रों में भी एक-डेढ़ फीट जलभराव से आवाजाही में परेशानी हुई।
जिले में औसतन 35 एमएम ही बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक प्रताप नगर में 77 व सबसे कम सरस्वती नगर में 17 एमएम बारिश हुई। शहरी क्षेत्र वाले जगाधरी खंड में 44 एमएम बारिश दर्ज की गई। जलभराव से जमना गली व गांधीनगर में अंडरपास, पुराने एनएच-73 सहित कई सड़कों पर यातायात व्यवस्था ठप हुई।
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दोनों अंडरपास में कई घंटे तक दो फीट जलभराव रहा। पुराने एनएच-73 पर महाराणा प्रताप चौक से सरोजनी कॉलोनी के बीच एक फीट जलभराव हुआ। अन्य सड़कों पर भी कई घंटे तक जलभराव की स्थिति रही। इन रास्तों से निकलने में वाहन चालकों को परेशानी हुई। जलभराव के बीच कई वाहन बंद पड़ गए, जिन्हें चालक धकेल कर ले जाते दिखे।
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शहर की इन कॉलोनियों में भरा पानी : गुरु अर्जुन नगर, दुर्गा गार्डन, जगाधरी रेलवे बाजार, बूड़िया गेट रोड, पथरावाला बाजार, टाउन हाल, सिविल रोड, प्रकाश चौक रोड, देवी भवन बाजार रोड, आजाद नगर, शांति कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, मॉडल टाउन के साथ शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, गुलाबनगर व कैंप जैसे इलाकों में एक-डेढ़ फीट जलभराव रहा। सुबह नींद खुलते ही लोग घरों व गलियों से पानी निकासी करने में लग गए। कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बंद रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई।
स्थाई समाधान तलाशें निगम अफसर

वीरेन सपरा ने कहा कि सीवरेज-नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी कुछ घंटे की बारिश में बार-बार एक से ढाई फीट तक जलभराव हो रहा है। ऐसे में अफसर की ओर से खानापूर्ति के बजाय समस्या का स्थाई समाधान तलाशना होगा। मानसून में लगातार बारिश में स्थिति बिगड़ सकती है।
निकासी में खानापूर्ति

चिराग सिंघल ने कहा कि नालों व सीवरेज के निर्माण होता है, तब तय मानकों पर काम नहीं होता। उस दौरान अफसर व जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते। इसी कारण ठेकेदार काम में खानापूर्ति कर देते हैं। जलनिकासी के काम जरूरत के मुताबिक नहीं हुए।

जलभराव के हालात न हों, इसके लिए नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग अफसरों को सभी काम गंभीरता से पूरे कराने के निर्देश हैं। यदि कोई लापरवाही बरती गई तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाएंगे। - सुमन बहमनी, मेयर नगर निगम।
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