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Yamuna Nagar News: फर्जी दस्तावेजों से मकान का हिस्सा नाम कराने का आरोप
Sun, 31 May 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 31 May 2026 12:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कैनाल रेस्ट हाउस रोड निवासी युवक ने मकान के ग्राउंड फ्लोर की प्रॉपर्टी आईडी बदलवाकर उसे अपने नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया है। शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर चचेरे भाई और उसकी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता ललित आर्य ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मकान नंबर-1251 उनके पिता स्वर्गीय चमन लाल आर्य के नाम था। पिता के निधन के बाद वह संपत्ति के उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि मकान के ग्राउंड फ्लोर पर उनके चाचा विजय कुमार आर्य रहते थे, जिनका अब निधन हो चुका है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2006 में उनके चाचा ने पूर्व में की गई वसीयत रद्द कर दी थी व अपने पुत्र मनीष और पुत्रवधू पूजा को चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बावजूद दोनों ने पुराने रिकॉर्ड का सहारा लेकर कथित रूप से हेराफेरी की और मकान के ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा अपने नाम दर्ज करा लिया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जगाधरी में पंजीकृत कराया गया।
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बाद में रिकॉर्ड में ग्राउंड फ्लोर पूजा के नाम चढ़वाकर नई प्रॉपर्टी आईडी भी बनवा ली गई। शिकायतकर्ता ने नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपी दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर। कैनाल रेस्ट हाउस रोड निवासी युवक ने मकान के ग्राउंड फ्लोर की प्रॉपर्टी आईडी बदलवाकर उसे अपने नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया है। शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर चचेरे भाई और उसकी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता ललित आर्य ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मकान नंबर-1251 उनके पिता स्वर्गीय चमन लाल आर्य के नाम था। पिता के निधन के बाद वह संपत्ति के उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि मकान के ग्राउंड फ्लोर पर उनके चाचा विजय कुमार आर्य रहते थे, जिनका अब निधन हो चुका है।
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शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2006 में उनके चाचा ने पूर्व में की गई वसीयत रद्द कर दी थी व अपने पुत्र मनीष और पुत्रवधू पूजा को चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बावजूद दोनों ने पुराने रिकॉर्ड का सहारा लेकर कथित रूप से हेराफेरी की और मकान के ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा अपने नाम दर्ज करा लिया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जगाधरी में पंजीकृत कराया गया।
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बाद में रिकॉर्ड में ग्राउंड फ्लोर पूजा के नाम चढ़वाकर नई प्रॉपर्टी आईडी भी बनवा ली गई। शिकायतकर्ता ने नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपी दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।