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Yamuna Nagar News: टीबी की दवा की खरीद में घोटाले का आरोप, विजिलेंस जांच शुरू

Thu, 05 Jun 2025 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 05 Jun 2025 03:40 AM IST
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Allegation of scam in purchase of TB medicine, vigilance investigation started
जगाधरी। जिला नागरिक अस्पताल कई दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है। पहले जहां सीएमओ की कुर्सी के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा हाईकोर्ट तक पहुंच गया, वहीं अब हाईकोर्ट के आदेश पर फिर से सीएमओ बने डॉ. मनजीत सिंह पर टीबी की दवा खरीद में हेराफेरी करने के आरोप लगाए गए हैं। जिले के शांति कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने शिकायत देकर विजिलेंस से मामले की जांच की मांग की है। इस पर विजिलेंस ने जांच शुरू कर शिकायतकर्ता को पंचकूला स्थित विजिलेंस चीफ कार्यालय में नौ जून को सुबह 11 बजे को बुलाया है। इस मामले से जिला नागरिक अस्पताल व सीएमओ की कुर्सी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
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जानकारी के अनुसार जिले में टीवी के करीब 1600 टीबी मरीज हैं, जिन्हें सिविल अस्पताल की ओर से डॉटस का कोर्स करवाया जा रहा है। मरीजों को छह महीने तक लगातार यह दवा खानी होती है। ये दवाइयां विभाग की ओर से सिविल अस्पताल में उपलब्ध करवाई जाती हैं। इस संबंध में शांति कॉलोनी निवासी बलविंद्र सिंह ने शिकायत देकर सीएमओ पर टीबी मरीजों के लिए 18 लाख रुपये की दवा की खरीद में घोटाला करने का आरोप लगाया है। जांच के लिए शिकायतकर्ता को भेजा विजिलेंस का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें शिकायतकर्ता को नौ जून को विजिलेंस चीफ और स्वास्थ्य विभाग निदेशक के सामने उपस्थित होने की बात कही गई है। वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि मामले की जांच के बारे में उन्हें कोई आदेश नहीं मिला हैं। उन्होंने आरोपों को निराधार व शिकायत को झूठा बताया। ज्ञात हो कि डॉ. मनजीत सिंह इसी सप्ताह हाईकोर्ट के आदेशों पर फिर से सिविल सर्जन बने हैं। इससे पहले डॉ. पूनम चौधरी सीएमओ थीं।
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ये है माामला-
शांति कॉलोनी निवासी बलविंद्र सिंह की शिकायत में आरोप है कि जिले के टीबी मरीजों के लिए सरकारी दवाइयां होने के बावजूद बिना अनुमति बाहर से करीब 18 लाख रुपये की दवाइयां खरीदी गई। अगले दिन विभाग की ओर से भी टीबी की दवाइयां भेज दी गई। इस पर सरकारी रिकॉर्ड में सारी दवाइयों की खपत दिखा दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिले में इतने टीबी के मरीज नहीं हैं, जितने की दवाइयों की खपत दिखाई गई। बलविंद्र सिंह ने शिकायत में दवाओं में घोटाले का आरोप सिविल सर्जन मनजीत सिंह पर लगाया है।
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टेंडर से आती हैं दवाइयां-
सिविल सर्जन मनजीत सिंह ने कहा कि अस्पताल की सभी दवाइयों के स्टोर व खपत का रिकॉर्ड ऑनलाइन है। इसमें किसी प्रकार की हेराफेरी नहीं हो सकती। टीबी मरीजों के लिए बाहर से दवाइयां मंगवाई गई थी, जिसकी उस समय काफी आवश्यकता थी। यह सारी मरीजों को दी गई हैं। उस समय दवा कम थी और मरीज ज्यादा थे। टीबी की दवा प्रतिदिन खानी होती है। ऐसे में किसी मरीजों को बिना दवा के छोड़ नहीं सकते थे। दवा कम होने पर इसके लिए टेंडर किया गया और सबसे कम कीमत पर दवाइयां खरीदी गई। इसका पूरा ऑडिट विभाग की ओर से किया जा चुका है। उनके खिलाफ दी यह शिकायत झूठी है। विजिलेंस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी।

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