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Yamuna Nagar News: और बिगड़ गई हवा की सेहत, एक्यूआई 284
Sun, 16 Nov 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:18 AM IST
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प्रदूषण के कारण शहर में छाया स्मॉग। संवाद
- फोटो : ramnagar news
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दिवाली के बाद से खराब हुई जिले की हवा साफ नहीं हो पाई है। हवा में अभी भी प्रदूषण का स्तर हानिकारक स्थिति में है, जो किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को बीमार करने के लिए काफी है। शनिवार को हवा में प्रदूषण का हानिकारक स्तर दर्ज किया गया। इस दौरान जिले का एक्यूआई 284 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
हवा के कारण लोगों को जुकाम, आंखों में जलन, गले में खराश, एलर्जी, खुश्की और खुजली इत्यादि की शिकायत ज्यादा हो रही है। वहीं, सांस व दमा के रोगियों के लिए प्रदूषण का यह स्तर बेहद खतरनाक है।
किसी भी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह हवा हानिकारक साबित हो सकती है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को एहतियात बरतने का सुझाव दे रहे हैं। रोगियों के साथ बुजुर्गाें व बच्चों को भी इससे बचाने की आवश्यकता है। नवजात शिशुओं के लिए यह हवा बेहद खतरनाक है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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इस दौरान सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत सांस व दमा के रोगियों को होती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसी दिक्कतों से संबंधी लोगों की संख्या में करीब 25 फीसदी तक वृद्धि हुई है। ऐसे में बाहर निकलते समय लोग मास्क व चश्मे का प्रयोग करें।
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जगाधरी। दिवाली के बाद से खराब हुई जिले की हवा साफ नहीं हो पाई है। हवा में अभी भी प्रदूषण का स्तर हानिकारक स्थिति में है, जो किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को बीमार करने के लिए काफी है। शनिवार को हवा में प्रदूषण का हानिकारक स्तर दर्ज किया गया। इस दौरान जिले का एक्यूआई 284 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
हवा के कारण लोगों को जुकाम, आंखों में जलन, गले में खराश, एलर्जी, खुश्की और खुजली इत्यादि की शिकायत ज्यादा हो रही है। वहीं, सांस व दमा के रोगियों के लिए प्रदूषण का यह स्तर बेहद खतरनाक है।
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किसी भी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह हवा हानिकारक साबित हो सकती है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को एहतियात बरतने का सुझाव दे रहे हैं। रोगियों के साथ बुजुर्गाें व बच्चों को भी इससे बचाने की आवश्यकता है। नवजात शिशुओं के लिए यह हवा बेहद खतरनाक है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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इस दौरान सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत सांस व दमा के रोगियों को होती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसी दिक्कतों से संबंधी लोगों की संख्या में करीब 25 फीसदी तक वृद्धि हुई है। ऐसे में बाहर निकलते समय लोग मास्क व चश्मे का प्रयोग करें।