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बारिश में भीगी पौने दो लाख गेहूं की बोरियां
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर।
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:13 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार अमर उजाला की आशंका सच साबित हुई। सोमवार को आई बरसात से रादौर व जगाधरी मंडी में खुले में रखी गेहूं की हजारों बोरियां भी गईं। आढ़तियों व किसानों ने तिरपाल से गेहूं बचाने का प्रयास किया, लेकिन गेहूं अधिक होने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो पाए।
सोमवार दोपहर तीन बजे तक धूप ने तापमान के पारे को चढ़ाए रखा, लेकिन तीन बजे के बाद आसमान में छाए बादलों ने मौसम में बदलाव का संकेत दे दिया। देर शाम को जगाधरी में बारिश के साथ ओले पड़े। इस दौरान जगाधरी अनाज मंडी में खुले में रखी गेहूं से भरी हजारों बोरियां भीग गई। बारिश कुछ देर बाद रुक गई। उधर, रादौर में भी बारिश हुई। इससे मंडी में फड़ पर खुले आसमान के नीचे पड़ा लगभग एक लाख क्विंटल गेहूं भीग गया। मंडी के आढतियों द्वारा गेहूं को भीगने से बचाने के बहुत प्रयास किए गए। लेकिन पूरी रादौर मंडी सोमवार को गेहूं से अटी पड़ी थी। जिस कारण मंडी में पडे गेहूं को भीगने से नहीं बचाया जा सका। हांलाकि मंडी के आढ़तियों ने अपनी दुकानों में पड़ी तिरपालों से गेहूं के स्टॉक को भीगने से बचाने के भरसक प्रयास किए। लेकिन आढ़तियों के पास पर्याप्त मात्रा में तिरपालें नहीं थी।
बारिश के समय रादौर व जगाधरी मंडी में पड़ा था 16952 मीट्रिक टन गेहूं
विभागीय जानकारी के मुताबिक सोमवार तक जगाधरी अनाजमंडी में 19438 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जिसमें से 11581 मीट्रिक टन गेहूं की उठान हो चुकी थी। यानि जिस समय बारिश आई, उस समय मंडी में 7857 मीट्रिक टन गेहूं पड़ा था। इसमें कुछ गेहूं शैड के नीचे था। उधर, रादौर अनाजमंडी में सोमवार शाम तक 20816 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जिसमें से 11720 मीट्रिक टन गेहूं की उठान हुई थी। बारिश के समय रादौर मंडी में 9096 मीट्रिक टन गेहूं पड़ा था। यानि दोनो मंडियों में 16952 मीट्रिक गेहूं मौजूद था। इस प्रकार दोनों मंडियों में करीब तीन लाख 40 हजार बोरियां पड़ी थी। यदि इसमें आधी गेहूं शेड के नीचे मान लें तो भी करीब एक लाख 70 हजार बोरियां खुले में पड़ी थी।
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गेहूं से अटी मंडियां, अधिकारियों ने किया दौरा
रादौर/जठलाना। रादौर व गुमथला अनाज मंडियों में गेहूं की आवक भारी मात्रा में होने से दोनों मंडियों में सोमवार को जाम लगा रहा। जिस कारण सोमवार को किसानों को रादौर व गुमथला अनाज मंडियों में अपनी गेहूं की फसल डालने के लिए जगह नहीं मिली। प्रशासन के अधिकारी दो, तीन दिन तक अनाज मंडियों में फड़ पर पड़े गेहूं को उठवा लेने का दावा कर रहे हैं। लेकिन मंडियों में पड़े भारी मात्रा में गेहूं को इतनी जल्द उठवाना संभव नहीं लग रहा है। रादौर अनाज मंडी में गेहूं का उठान ठीक प्रकार न होने की शिकायत मिलने पर हेैफेड डीएम नीतिन सिंह व डीएफएससी सुरेंद्र बालियान धौलरा ने सोमवार को रादौर अनाज मंडी का दौरा किया। आढ़तियों ने अधिकारियों से मंडी में पड़े गेहूं का उठान जल्द से जल्द करवाने की मांग की। जिस पर डीएफएससी सुरेन्द्र धौलरा ने मंडी के ठेकेदार को मंडी मेें लेबर व ट्रांसपोर्ट बढ़ाने के आदेश दिए। ठेकेदार महिन्द्रपाल ने बताया कि मंडी में सौ से अधिक मजदूर व 40 से अधिक ट्रक गेहूं की ढुलाई में लगाए गए हैं।
सुबह हरकत में आया प्रशासन, शाम को बारिश ने बिगाड़ी रणनीति
मंडियों में गेहूं की आवक और उठान में आए अंतर को लेकर आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। किंतु देर शाम आई बारिश से मंडियों में उठान तेज करने की रणनीति फेल हो गई। सोमवार सुबह डीसी डॉ. एसएस फूलिया समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले की अनाज मंडियों का निरीक्षण किया और उठान में तेजी के दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले की उठान का काम पूरा हो पाता शाम के समय बारिश ने सारा खेल बिगाड़ दिया। बता दें कि जले की अनाज मंडियों में पिछले कुछ दिनों से गेहूं की आवक के मुताबिक उठान नहीं हो पाया। इस कारण अधिकांश मंडियों में बने शेड गेहूं की बोरियों से अटने के बाद हजारों बोरियां खुले आसमान के नीचे रखी गईं। इसमें खरीद एजेंसियों व आढ़तियों द्वारा खरीदी गई गेहूं शामिल है, जबकि किसानों को भी मंडियों में गेहूं को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ा। गेहूं की आवक और उठान के बीच बड़े अंतर और मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं के बारिश से खराब होने की संभावना थी। अमर उजाला ने 18 अप्रैल के अंक में खुले में पड़ा सोना, पड़ सकता है रोना शीर्षक से खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन को सचेत किया। इसके बाद सोमवार को डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले की तीन अनाज मंडियों का औचक निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। साथ ही किसानों व आढ़तियों की समस्याएं सुन अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले की मंडियों में उठान पूरी तरह से हो पाता शाम के समय बारिश ने सारा खेल बिगाड़ दिया। कई जगह मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा गेहूं भीग गया, तो कई जगहों पर किसानों व आढ़तियों ने गेहूं को तिरपाल से ढककर बारिश से बचाने का प्रयास किया।
डीसी ने तीन मंडियों का दौरा कर लिया हालात का जायजा
डीसी ने टीम सहित रणजीतपुर, बिलासपुर व जगाधरी की अनाज मंडियों का दौरा कर आढ़तियों एवं किसानों से बातचीत की। इस दौरान आढ़तियों ने डीसी के समक्ष गेहूं के उठान में तेजी लाने की मांग रखी। डीसी ने संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाली गेहूं का प्रतिदिन उठान अवश्य करें, ताकि किसानों व आढ़तियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस मौके पर एडीसी डॉ. शालीन, जगाधरी एसडीएम प्रेमचंद, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, बिजली निगम यमुनानगर के अधीक्षक अभियंता एचपी शर्मा, बिलासपुर तहसीलदार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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सोमवार दोपहर तीन बजे तक धूप ने तापमान के पारे को चढ़ाए रखा, लेकिन तीन बजे के बाद आसमान में छाए बादलों ने मौसम में बदलाव का संकेत दे दिया। देर शाम को जगाधरी में बारिश के साथ ओले पड़े। इस दौरान जगाधरी अनाज मंडी में खुले में रखी गेहूं से भरी हजारों बोरियां भीग गई। बारिश कुछ देर बाद रुक गई। उधर, रादौर में भी बारिश हुई। इससे मंडी में फड़ पर खुले आसमान के नीचे पड़ा लगभग एक लाख क्विंटल गेहूं भीग गया। मंडी के आढतियों द्वारा गेहूं को भीगने से बचाने के बहुत प्रयास किए गए। लेकिन पूरी रादौर मंडी सोमवार को गेहूं से अटी पड़ी थी। जिस कारण मंडी में पडे गेहूं को भीगने से नहीं बचाया जा सका। हांलाकि मंडी के आढ़तियों ने अपनी दुकानों में पड़ी तिरपालों से गेहूं के स्टॉक को भीगने से बचाने के भरसक प्रयास किए। लेकिन आढ़तियों के पास पर्याप्त मात्रा में तिरपालें नहीं थी।
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बारिश के समय रादौर व जगाधरी मंडी में पड़ा था 16952 मीट्रिक टन गेहूं
विभागीय जानकारी के मुताबिक सोमवार तक जगाधरी अनाजमंडी में 19438 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जिसमें से 11581 मीट्रिक टन गेहूं की उठान हो चुकी थी। यानि जिस समय बारिश आई, उस समय मंडी में 7857 मीट्रिक टन गेहूं पड़ा था। इसमें कुछ गेहूं शैड के नीचे था। उधर, रादौर अनाजमंडी में सोमवार शाम तक 20816 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जिसमें से 11720 मीट्रिक टन गेहूं की उठान हुई थी। बारिश के समय रादौर मंडी में 9096 मीट्रिक टन गेहूं पड़ा था। यानि दोनो मंडियों में 16952 मीट्रिक गेहूं मौजूद था। इस प्रकार दोनों मंडियों में करीब तीन लाख 40 हजार बोरियां पड़ी थी। यदि इसमें आधी गेहूं शेड के नीचे मान लें तो भी करीब एक लाख 70 हजार बोरियां खुले में पड़ी थी।
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गेहूं से अटी मंडियां, अधिकारियों ने किया दौरा
रादौर/जठलाना। रादौर व गुमथला अनाज मंडियों में गेहूं की आवक भारी मात्रा में होने से दोनों मंडियों में सोमवार को जाम लगा रहा। जिस कारण सोमवार को किसानों को रादौर व गुमथला अनाज मंडियों में अपनी गेहूं की फसल डालने के लिए जगह नहीं मिली। प्रशासन के अधिकारी दो, तीन दिन तक अनाज मंडियों में फड़ पर पड़े गेहूं को उठवा लेने का दावा कर रहे हैं। लेकिन मंडियों में पड़े भारी मात्रा में गेहूं को इतनी जल्द उठवाना संभव नहीं लग रहा है। रादौर अनाज मंडी में गेहूं का उठान ठीक प्रकार न होने की शिकायत मिलने पर हेैफेड डीएम नीतिन सिंह व डीएफएससी सुरेंद्र बालियान धौलरा ने सोमवार को रादौर अनाज मंडी का दौरा किया। आढ़तियों ने अधिकारियों से मंडी में पड़े गेहूं का उठान जल्द से जल्द करवाने की मांग की। जिस पर डीएफएससी सुरेन्द्र धौलरा ने मंडी के ठेकेदार को मंडी मेें लेबर व ट्रांसपोर्ट बढ़ाने के आदेश दिए। ठेकेदार महिन्द्रपाल ने बताया कि मंडी में सौ से अधिक मजदूर व 40 से अधिक ट्रक गेहूं की ढुलाई में लगाए गए हैं।
सुबह हरकत में आया प्रशासन, शाम को बारिश ने बिगाड़ी रणनीति
मंडियों में गेहूं की आवक और उठान में आए अंतर को लेकर आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। किंतु देर शाम आई बारिश से मंडियों में उठान तेज करने की रणनीति फेल हो गई। सोमवार सुबह डीसी डॉ. एसएस फूलिया समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले की अनाज मंडियों का निरीक्षण किया और उठान में तेजी के दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले की उठान का काम पूरा हो पाता शाम के समय बारिश ने सारा खेल बिगाड़ दिया। बता दें कि जले की अनाज मंडियों में पिछले कुछ दिनों से गेहूं की आवक के मुताबिक उठान नहीं हो पाया। इस कारण अधिकांश मंडियों में बने शेड गेहूं की बोरियों से अटने के बाद हजारों बोरियां खुले आसमान के नीचे रखी गईं। इसमें खरीद एजेंसियों व आढ़तियों द्वारा खरीदी गई गेहूं शामिल है, जबकि किसानों को भी मंडियों में गेहूं को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ा। गेहूं की आवक और उठान के बीच बड़े अंतर और मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं के बारिश से खराब होने की संभावना थी। अमर उजाला ने 18 अप्रैल के अंक में खुले में पड़ा सोना, पड़ सकता है रोना शीर्षक से खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन को सचेत किया। इसके बाद सोमवार को डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले की तीन अनाज मंडियों का औचक निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। साथ ही किसानों व आढ़तियों की समस्याएं सुन अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले की मंडियों में उठान पूरी तरह से हो पाता शाम के समय बारिश ने सारा खेल बिगाड़ दिया। कई जगह मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा गेहूं भीग गया, तो कई जगहों पर किसानों व आढ़तियों ने गेहूं को तिरपाल से ढककर बारिश से बचाने का प्रयास किया।
डीसी ने तीन मंडियों का दौरा कर लिया हालात का जायजा
डीसी ने टीम सहित रणजीतपुर, बिलासपुर व जगाधरी की अनाज मंडियों का दौरा कर आढ़तियों एवं किसानों से बातचीत की। इस दौरान आढ़तियों ने डीसी के समक्ष गेहूं के उठान में तेजी लाने की मांग रखी। डीसी ने संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाली गेहूं का प्रतिदिन उठान अवश्य करें, ताकि किसानों व आढ़तियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस मौके पर एडीसी डॉ. शालीन, जगाधरी एसडीएम प्रेमचंद, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, बिजली निगम यमुनानगर के अधीक्षक अभियंता एचपी शर्मा, बिलासपुर तहसीलदार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।