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पहले स्कूल से आयु प्रमाण पत्र मंगवाया, फिर रूकवा दी शादी
ब्यूरो/अमर उजाला /यमुनानगर
Updated Fri, 13 Nov 2015 12:06 AM IST
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गांव नाहरपुर में बारात को बिना दुल्हन लिए लौटना पड़ा। दुल्हन की आयु बालिग होने पर 11 माह कम थी। जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर शादी को रुकवाया और लड़की के बालिग होने पर ही शादी करने के निर्देश दिए।
गांव नाहरपुर में नाबालिग की शादी थी। घर में खुशियों का माहौल था। लड़की की शादी के लिए सामान, बारात के लिए भोजन व शादी का सारा कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान बारात भी दुल्हन लेने के लिए लड़की वालों के घर आ गई। मगर किसी ने जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी को सूचना दी कि लड़की अभी नाबालिग है।
इस बात की सूचना मिलते ही जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी देवेंद्र कुमार जठलाना पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने लड़की के माता पिता से उसकी आयु का प्रमाण दिखाने को कहा। पहले तो लड़की के माता पिता उसका आयु प्रमाण पत्र दिखाने में आनाकानी करने लगे। मगर पुलिस के दबाव डालने पर लड़की के अभिभावक गांव के स्कूल से उसका प्रमाण पत्र लेकर आए। जिसमें लड़की की उम्र 18 साल होने में 11 महीने कम निकली जो की शादी के लिए सरकार की ओर से निर्धारित की गई आयु से कम थी।
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इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़के वालों की सहमति के बाद लड़की की अभी शादी न करने की बात को स्वीकारते हुए बारात को वापस भेज दिया।
जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी देवेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव में नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। सूचना मिलने पर जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच की तो लड़की की आयु बालिग होने में 11 माह कम है। कोर्ट से स्टे आर्डर लेकर शादी को रुकवा दिया है।
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गांव नाहरपुर में नाबालिग की शादी थी। घर में खुशियों का माहौल था। लड़की की शादी के लिए सामान, बारात के लिए भोजन व शादी का सारा कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान बारात भी दुल्हन लेने के लिए लड़की वालों के घर आ गई। मगर किसी ने जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी को सूचना दी कि लड़की अभी नाबालिग है।
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इस बात की सूचना मिलते ही जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी देवेंद्र कुमार जठलाना पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने लड़की के माता पिता से उसकी आयु का प्रमाण दिखाने को कहा। पहले तो लड़की के माता पिता उसका आयु प्रमाण पत्र दिखाने में आनाकानी करने लगे। मगर पुलिस के दबाव डालने पर लड़की के अभिभावक गांव के स्कूल से उसका प्रमाण पत्र लेकर आए। जिसमें लड़की की उम्र 18 साल होने में 11 महीने कम निकली जो की शादी के लिए सरकार की ओर से निर्धारित की गई आयु से कम थी।
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इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़के वालों की सहमति के बाद लड़की की अभी शादी न करने की बात को स्वीकारते हुए बारात को वापस भेज दिया।
जिला बाल मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी देवेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव में नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। सूचना मिलने पर जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच की तो लड़की की आयु बालिग होने में 11 माह कम है। कोर्ट से स्टे आर्डर लेकर शादी को रुकवा दिया है।