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Yamuna Nagar News: मिड-डे मील में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई

Fri, 05 Dec 2025 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 05 Dec 2025 12:28 AM IST
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Action will be taken if irregularities are found in the mid-day meal scheme
जिला ​शिक्षा सदन। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों को मिलने वाला मिड-डे मील में गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। मिड-डे मील पूरी तरह से स्वादिष्ट और पौष्टिक होना चाहिए। औचक निरीक्षण के दौरान इसमें खामी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को दिए जाने में वाले मिड-डे मील में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। यह कहना है जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) प्रेमलता का।
उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से मिड-डे मील को लेकर कुछ शिकायतें शिक्षा विभाग के पास पहुंची। इसी पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए यह निर्देश दिए अब मिल के स्वाद से कोई समझौता नहीं होगा। बच्चों की सेहत को देखते हुए मिड-डे मील तैयार किया जाएगा, साथ ही राशन वाली जगह पर पड़े मिड-डे मील के सामान में भी साफ सुथरा होना चाहिए।
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बेस्वाद खाना, अधपकी दाल, गंदे बर्तन जैसी नियमों की अनदेखी की लगातार मिल रही शिकायतों को निदेशालय ने गंभीरता से लिया है। अब आने वाले दिनों में औचक निरीक्षण की मुहिम शुरू होगी। अभिभावकों की शिकायतों के अनुसार कई स्कूलों में लोकल दुकानों से निम्न स्तर का सामान खरीदा जाता है, जबकि हरहित स्टोर से सामग्री लेना अनिवार्य है।
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कई स्कूलों के किचन व्यवस्थित की शिकायत, गंदगी, टूटे चूल्हे और असुरक्षित स्टोर सिस्टम आम बात है। कुक कम हेल्पर न वर्दी में दिखते हैं, न ही किसी हाइजीन मानक पर खरे उतर रहे हैं। भोजन को लेकर बताया गया है कि सब्जी में नमक नहीं होता, दाल फीकी के होती है। इस तरह की शिकायतों मिलने के बाद अब हर महीने 10 दिन औचक निरीक्षण जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से किया जाएगा।
पोषण की कमी को दूर करता मिड-डे मील
मिड-डे मील बच्चों के पोषण की कमी को दूर करती है क्योंकि यह सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक, पका हुआ भोजन प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों में भूख और कुपोषण को कम करना, स्कूल में उनकी उपस्थिति बढ़ाना और उनके शारीरिक तथा मानसिक विकास में मदद करना है। मिड-डे मील खाली पेट स्कूल आने वाले बच्चों की भूख मिटाता है और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। मिड-डे मील बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे उनकी उपस्थिति और स्कूल में टिके रहने की दर में सुधार होता है। यह विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि के बच्चों को एक साथ भोजन करने का अवसर देता है, जिससे जाति और वर्ग के भेदभाव को कम करने में मदद मिलती है।

मिड-डे मील को लेकर विभाग गंभीर है। किसी भी सूरत में बच्चों के पोषण के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। विशेष निरीक्षण टीमें बनाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान जो भी खामी सामने आने पर उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। - प्रेमलता, डीईओ, यमुनानगर।
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