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Yamuna Nagar News: सिविल सर्जन कार्यालय की छत पर लगा सोलर वाटर गीजर फटा

Wed, 04 Feb 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 04 Feb 2026 01:39 AM IST
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A solar water geyser installed on the roof of the Civil Surgeon's office exploded
सोलर वाटर गीजर फटने से गाड़ी पर गिरी सीसी रेलिंग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सिविल सर्जन कार्यालय की तीसरी मंजिल की छत पर रखे सोलर वाटर गीजर में सोमवार देर रात जोरदार धमाका हो गया। रात करीब एक बजे हुए इस धमाके की आवाज पांच किलोमीटर तक सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि तीन में से एक सोलर वाटर गीजर का वाटर टैंक और सोलर प्लेटों के परखचे उड़ गए।
मलबा छत से नीचे तक जा गिरा, जिससे भवन की चहारदीवारी पर लगी सीसी की रेलिंग टूट गई और पार्किंग में बने शेड को तोड़ते हुए नीचे खड़ी सरकारी गाड़ी पर आ गिरा। इससे गाड़ी की छत क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि हादसा रात के समय हुआ, जब नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीसरी मंजिल पर लगी कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसके अलावा फॉल सीलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। कई जगह दीवारों पर लगी टाइलें उखड़ कर नीचे गिर गईं। धमाके की आवाज सुनते ही जिला नागरिक अस्पताल में मौजूद मरीजों के तीमारदार और स्टाफ के अलावा रामपुरा कॉलोनी में रहने वाले लोग घबरा कर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर दौड़ पड़े।
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सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह रात में ही मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मंगलवार सुबह पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) पुनीत मित्तल ने भी कार्यालय का निरीक्षण किया। हालांकि, धमाके के बाद अब भवन की मरम्मत और जिम्मेदारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के बीच विवाद भी सामने आ गया है।
तीन साल तक जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि जब से भवन पीडब्ल्यूडी से स्वास्थ्य विभाग को सौंपा, तब से तीन साल तक इसकी दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) ठेकेदार की बनती है। इस अवधि में किसी भी प्रकार की कमी या खामी को दूर करने की जिम्मेदारी भवन निर्माण एजेंसी की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी ने तीन साल की डीएलपी को ढाई साल में ही समाप्त कर दिया, जिसकी जांच उपायुक्त स्तर पर भी की जा रही है। 12 जनवरी को ही 92 लाख रुपये पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर किए गए थे, ताकि भवन में मौजूद कमियों को दूर किया जा सके। इस संबंध में पहले ही पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका था।

डीएलपी अवधि बढ़ा दी थी : एक्सईएन
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल ने बताया कि डीएलपी की अवधि को 11 माह के लिए बढ़ा दिया गया था। फिर भी छोटी-मोटी कमियां हैं, उन्हें दूर करवा दिया जाएगा। सोलर वाटर गीजर के फटने के कारण पर उन्होंने कहा कि इस बारे में इलेक्ट्रिक विंग के अधिकारी ही जांच करके स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।

सोलर वाटर गीजर फटने से गाड़ी पर गिरी सीसी रेलिंग। संवाद

सोलर वाटर गीजर फटने से गाड़ी पर गिरी सीसी रेलिंग। संवाद

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